Buland kesari/कनाडा में रह रहे पंजाबी मूल के एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक के भाई पुनर सिंह ने इसकी पुष्टि की है। घटना 14 मार्च की दोपहर की है। एडमिंटन शहर के पास लेड्यूक इलाके में गोली मारी गई। अज्ञात हमलावरों ने हाईवे-2 पर एक कार को घेरकर उसमें सवार युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
मृतक की पहचान बीरइंदर सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पंजाब का रहने वाला था और स्टडी वीजा पर कनाडा गया था। पुलिस के अनुसार, वह ओंटारियो में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद हाल ही में अल्बर्टा प्रांत में कंस्ट्रक्शन सेक्टर में काम कर रहा था।
दोस्तों के साथ लॉन्ग ड्राइव पर निकला
घटना उस समय हुई जब बीरइंदर सिंह अपने कुछ दोस्तों के साथ लॉन्ग ड्राइव पर निकला था। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त उसकी कार में एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था, हालांकि पुलिस ने अभी उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के मुताबिक, सफेद या ग्रे रंग के पिकअप ट्रक में सवार हमलावरों ने बीरइंदर की कार को रोककर उस पर गोलियां बरसाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस हत्यारों की जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हमलावर बीरइंदर सिंह को पहले से जानते थे या यह कोई अलग वारदात थी। अभी तक हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए लेड्यूक आरसीएमपी (रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस) की मेजर क्राइम यूनिट ने जांच अपने हाथ में ले ली है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़ी कोई जानकारी या सीसीटीवी फुटेज हो तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे।
परिवार बोला- हत्यारों को जल्द गिरफ्तार करे पुलिस
बीरइंदर सिंह की हत्या की पुष्टि उसके भाई पुनर सिंह ने की है। परिवार ने मांग की है डेडबॉडी को भारत भेजा जाए। वहीं पुलिस हत्यारों को तुरंत अरेस्ट कर जेल में डाले। मौत की सूचना मिलते ही पंजाब में उसके परिजन में शोक है। परिवार वालों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और कनाडा सरकार से हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। विदेश मंत्रालय से भी इस मामले में हस्तक्षेप की उम्मीद जताई जा रही है।
3 साल पहले गया था कनाडा 22 वर्षीय बीरइंदर सिंह मूल रूप से पंजाब का रहने वाला था। वह 3 साल पहले कनाडा गया था और पिछले 5 महीनों से एडमॉन्टन में रह रहा था। वह वहां कंस्ट्रक्शन का काम करता था और अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का सपना देख रहा था। 14 मार्च 2026 (शनिवार की) दोपहर लगभग 2:50 बजे उसे गोलियां मारी गईं। यह वारदात एडमॉन्टन के दक्षिण में स्थित हाईवे 2 पर हुई।
बीरइंदर अपने 2 बचपन के दोस्तों के साथ पहली बार बैनफ घूमने जा रहे थे। पुलिस ने बताया कि बीरइंदर अपने दोस्तों के साथ अपनी होंडा सिविक कार चला रहे थे। तभी एक सफेद पिकअप ट्रक उनकी कार के बगल में आया। ट्रक सवार 2 लोगों ने पहले बीरइंदर की तरफ दोस्ती का इशारा किया। जब बीरइंदर ने जवाब में वैसा ही इशारा किया, तो ट्रक सवारों ने अपनी खिड़की नीचे की और बिना किसी उकसावे के बीरइंदर पर गोली चला दी।
गर्दन में गोली लगने से हुई मौत गोली बीरइंदर की गर्दन में लगी। उनके दोस्तों ने कार पर नियंत्रण पाकर उसे सड़क किनारे रोका और मदद के लिए पुलिस को काल की, लेकिन अत्यधिक खून बहने के कारण बीरइंदर की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस और बीरइंदर के दोस्तों के अनुसार, उनको नहीं पता कि हमला क्यों किया गया। उनके दोस्तों का मानना है कि यह नस्लभेद या नफरत के कारण हो सकता है, क्योंकि उनका किसी से कोई झगड़ा या रोड रेज जैसा मामला नहीं था। रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) इस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने उस संदिग्ध पिकअप ट्रक और उसमें सवार 2 लोगों की पहचान के लिए लोगों से डैशकैम फुटेज मांगी है।
माता-पिता का इकलौता बेटा था
बीरइंदर अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनके माता-पिता पंजाब में हैं और पिछले 3 सालों से उन्होंने अपने बेटे को नहीं देखा था। दोस्तों ने बीरइंद्र के पार्थिव शरीर को भारत भेजने के लिए गो फंड मी पेज बनाया था, जिसके जरिए जरूरी फंड जुटा लिया गया है ताकि उनके माता-पिता आखिरी बार अपने बेटे का चेहरा देख सकें।

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