Buland kesari/लुधियाना में 29 मार्च को कांग्रेस नेता परमिंदर तिवारी की हत्या करने वाले आरोपियों को पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। आज आधिकारिक रूप से पुलिस ने हत्याकांड सुलझाने की पुष्टि कर दी है। पुलिस लाइन में आज दोपहर 3.30 बजे डीसीपी जसकरण जीत सिंह तेजा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा करेंगे।
परमिंदर की हत्या से पहले का एक वीडियो भी सामने आया हुआ है, जिसमें आरोपी हत्या से ठीक एक घंटा पहले नशे की हालत में कुल्हाड़ी कंधे पर रखकर गांव में पैदल घूमता दिखा। उसके साथ एक व्यक्ति और भी बातें करते हुए दिख रहा है।
आरोपी शाम को 5:47 बजे गांव में ही कैपरी घूमते हुए दिखा और 6:45 बजे उसने परमिंदर तिवारी के सिर पर कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी थी। परिजनों के अनुसार, हत्यारोपी विजय कुमार उर्फ अजय 15 दिन से तखरां गांव के चक्कर लगाकर परमिंदर तिवारी की रेकी कर रहा था।
विजय कुमार उर्फ अजय खोखरां गांव का रहने वाला है। इराक गांव का रहने वाला दूसरा आरोपी लक्की भी कुछ दिन से अजय कुमार के साथ ही था। दोनों तखरां में एक लेबर क्वार्टर में रह रहे थे। पुलिस अभी उस मामले में भी जांच कर रही है। हत्या के वक्त लक्की बाइक चला रहा था, जबकि अजय ने कांग्रेस नेता तिवारी के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किए। हत्या करने के बाद दोनों मौके से फरार हो गए और पटना पहुंच गए।

सिर पर कुल्हाड़ी से किए 6 वार, खोपड़ी पूरी तरह डैमेज
कांग्रेस नेता परमिंदर तिवारी का सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया था। आरोपियों ने परमिंदर तिवारी के सिर पर कुल्हाडी से एक के बाद एक कुल 6 वार किए। जिसकी वजह से उनकी पूरी खोपड़ी डैमेज हो गई और दिमाग वाला हिस्सा बाहर बिखर गया।
परमिंदर तिवारी के शरीर में और कहीं भी चोट के निशान नहीं मिले। प्रत्यक्ष दर्शियों के मुताबिक आरोपियों ने कुल्हाड़ी से इतनी जोर से वार किया कि वो पहले वार में ही गिर गए थे। उनकी आवाज तक नहीं निकली थी। गिरने के बाद भी वो वार करते रहे।
परमिंदर की हत्या के पीछे 3 थ्योरियां…
पंचायत की प्रॉपर्टी का विवाद: तखरां व खोखरां गांवों की एक ही पंचायत है। सरपंच के चुनाव में परमिंदर तिवारी ने जिसे सपोर्ट किया वो सरपंच बन गई। सरकार ने पंचायती जमीनों पर कब्जा हटाने के निर्देश दिए। हत्यारोपी अजय कुमार ने पंचायत की जमीन पर कब्जा करके घर बनाया है। यही नहीं वहां पर एक कमरा पंचायत का था तो उसे भी तोड़कर अपने घर के साथ मिला दिया था। इसी बात को लेकर सरपंच के पति जगदीश व परमिंदर तिवारी के साथ उसका विवाद हुआ। इस मामले में केस अदालत में चल रहा है। पुलिस उसी विवाद को हत्या का कारण मानकर जांच कर रही है।
इंटरनेशनल कॉल आना: परमिंदर तिवारी के दोस्त नंदकिशोर ने बताया कि 29 मार्च शाम को तिवारी की हत्या के कुछ समय बाद उनके फोन पर इंटरनेशनल नंबर से एक कॉल आई। कॉल तिवारी के बेटे ने रिसीव की। कॉल करने वाले ने सीधे यही पूछा कि तिवारी कैसा है? जिसके बाद बच्चे ने फोन काट दिया। नंदकिशोर का कहना है कि इस हत्या कांड में किसी और का हाथ हो सकता है। परिजन भी इसे सुपारी किलिंग का मामला बता रहे हैं।
राजनीतिक दुश्मनी: सरपंच के पिछले चुनावों से पहले हुए चुनावों में परमिंदर तिवारी ने भी सरपंच का चुनाव लड़ा था। तिवारी उस समय चुनाव हार गए थे। पिछले चुनाव में सरपंच की सीट रिजर्व हुई तो तिवारी ने जगदीश सिंह की पत्नी का समर्थन किया और वो चुनाव जीत गई। तिवारी लंबे समय से गांव की राजनीति में भी सक्रिय थे। वहीं हत्यारोपी विजय कुमार उनके राजनीतिक विरोधियों का भी नजदीकी है। ऐसे में हत्या का कारण राजनीतिक दुश्मनी भी मानी जा रही है।

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