Buland kesari/नई दिल्ली: दिल्ली की कथित शराब नीति घोटाला (Excise Policy Case) मामले में आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए केजरीवाल समेत 23 आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
दरअसल, इससे पहले निचली अदालत ने फरवरी में इस मामले में केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia और अन्य आरोपियों को आरोपों से मुक्त कर दिया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए Central Bureau of Investigation (CBI) ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।
हाई कोर्ट ने क्या कहा
सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरोपियों को बरी करते समय अदालत की कुछ टिप्पणियां प्रथम दृष्टया (prima facie) गलत और तथ्यात्मक रूप से त्रुटिपूर्ण प्रतीत होती हैं। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने सभी आरोपियों से जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय की है।
CBI ने क्या दलील दी
CBI की ओर से अदालत में कहा गया कि निचली अदालत का फैसला “कानून के खिलाफ” है और जांच एजेंसी द्वारा इकट्ठा किए गए सबूतों को नजरअंदाज किया गया। एजेंसी ने अदालत से अनुरोध किया कि आरोपियों को डिस्चार्ज करने के आदेश को रद्द किया जाए और मामले की सुनवाई दोबारा शुरू की जाए।
ED मामले की सुनवाई पर भी असर
हाई कोर्ट ने इस मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की कार्यवाही को भी फिलहाल स्थगित रखने का निर्देश दिया है, जब तक कि CBI की याचिका पर अंतिम फैसला नहीं हो जाता।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस फैसले के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। भाजपा नेताओं ने इसे आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका बताया है, जबकि AAP नेताओं का कहना है कि उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा है और सच सामने आएगा।
ऐसे में साफ़ है कि दिल्ली शराब नीति घोटाले में अभी कानूनी लड़ाई खत्म नहीं हुई है। हाई कोर्ट की इस कार्रवाई से साफ है कि मामले में आगे भी सुनवाई जारी रहेगी और आने वाले दिनों में इस केस में नए मोड़ आ सकते

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