Buland kesari/ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर की तीन अहम शर्तें तोड़ने का आरोप लगाया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका ने 10-पॉइंट प्रस्ताव की बुनियादी शर्तों का उल्लंघन किया है।
ईरान ने साफ कहा है कि जिस आधार पर बातचीत होनी थी, वही पहले ही टूट चुका है। ऐसे में अब बातचीत या सीजफायर तर्कसंगत नहीं रह गया है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि जब तक ईरान के साथ हुआ समझौता पूरी तरह लागू नहीं होता, तब तक अमेरिकी सेना ईरान के आसपास तैनात रहेगी।
ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर चेतावनी दी कि अगर समझौते का पालन नहीं हुआ, तो फिर से गोलीबारी शुरू होगी, जो पहले से ज्यादा बड़ी, ताकतवर और विनाशकारी होगी। हालांकि उन्होंने कहा कि इसकी संभावना बेहद कम है, लेकिन अमेरिका पूरी तरह तैयार है।
लेबनान में इजराइली हमलों से एक दिन में 254 मौतें
इजराइली सेना ने बुधवार को लेबनान में सैकड़ों मिसाइलों से हमला किया, जिसमें 254 लोगों की मौत हो गई। लेबनान की सिविल डिफेंस एजेंसी के मुताबिक, इस एयर स्ट्राइक में कम से कम 1,165 लोग घायल हुए। इसके बाद देश में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है।
हमले बेरूत, बेक्का वैली, माउंट लेबनान, सैदोन और दक्षिण लेबनान के कई गांवों में किए गए। यह हमला उसी दिन हुआ, जब अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया गया था।
इजराइली सेना ने कहा कि यह हमला 2 मार्च से शुरू किए गए उनके नए सैन्य ऑपरेशन के बाद लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला था। सेना के मुताबिक, इसमें हिजबुल्लाह के 100 से ज्यादा कमांड सेंटर और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि लेबनान अमेरिका-ईरान सीजफायर का हिस्सा नहीं है। वहीं, मध्यस्थ पाकिस्तान का कहना है कि इस सीजफायर में लेबनान भी शामिल है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि लेबनान इस समझौते से अलग है और इसका हिस्सा नहीं है।

रिपोर्ट- ईरान होर्मुज से गुजरने वाले टैंकरों पर 1 डॉलर प्रति बैरल टोल लगाया
ईरान होर्मजु स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल के जहाजों से हर बैरल पर 1 डॉलर टैक्स लेने की योजना बना रहा है। ईरान यह भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में चाहता है। यह खबर फाइनेंशियल टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से दी है।
ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज पर नजर रखेगा और कंट्रोल करेगा। जहाजों को पहले अपने माल (कार्गो) की जानकारी देनी होगी, उसके बाद ही आगे जाने की इजाजत मिलेगी।
ईरान के अधिकारी हामिद होसैनी ने कहा कि यह इसलिए किया जा रहा है ताकि अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक दो हफ्तों में हथियारों की आवाजाही न हो सके। उन्होंने कहा कि जहाजों को जाने दिया जाएगा, लेकिन प्रोसेस में समय लग सकता है क्योंकि ईरान किसी जल्दी में नहीं है।
ईरान जंग से जुड़ी तस्वीर…



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