Buland kesari/लुधियाना के कस्बा खन्ना में आज (सोमवार) को ब्लॉक समिति चेयरमैन और उप-चेयरमैन के चुनाव के विरोध में प्रदर्शन हुआ। इस दौरान पूर्व मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली और उनके कई साथियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वे बी.डी.पी.ओ. कार्यालय को ताला लगाने जा रहे थे। कांग्रेस पार्टी ने पहले ही इस मुद्दे पर प्रदर्शन का ऐलान किया था, जिसके चलते शहर में सुबह से ही पुलिस प्रशासन अलर्ट पर था।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की एक बड़ी संख्या समराला चौक पर एकत्रित हुई। पूर्व मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली के नेतृत्व में उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि ब्लॉक समिति के चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से नहीं हुए।
उन्होंने दावा किया कि 16 कुल सदस्यों में से आम आदमी पार्टी (आप) ने केवल 6 जीते हुए सदस्यों के साथ चेयरमैन और उप-चेयरमैन बनाए, जबकि उनके पास बहुमत नहीं था। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार खिलाफ की नारेबाजी
प्रदर्शन के बाद, जब गुरकीरत सिंह कोटली के नेतृत्व में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता बी.डी.पी.ओ. कार्यालय की ओर बढ़े और उसे ताला लगाने का प्रयास करने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। पुलिस अधिकारियों ने सबसे पहले पूर्व मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली को हिरासत में लिया, क्योंकि उनके हाथ में ताला था। इसके बाद, लगभग 40 से 50 अन्य कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस ने हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को दो बसों में बैठाकर ले गई। इस कार्रवाई से बी.डी.पी.ओ. कार्यालय को ताला लगाने का प्रयास विफल हो गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कदम कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया था।

कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार खिलाफ की नारेबाजी
प्रदर्शन के बाद, जब गुरकीरत सिंह कोटली के नेतृत्व में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता बी.डी.पी.ओ. कार्यालय की ओर बढ़े और उसे ताला लगाने का प्रयास करने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। पुलिस अधिकारियों ने सबसे पहले पूर्व मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली को हिरासत में लिया, क्योंकि उनके हाथ में ताला था। इसके बाद, लगभग 40 से 50 अन्य कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस ने हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को दो बसों में बैठाकर ले गई। इस कार्रवाई से बी.डी.पी.ओ. कार्यालय को ताला लगाने का प्रयास विफल हो गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कदम कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया था।

कोटली की हिरासत पर मंत्री सोंध ने किया पोस्ट- प्रशासन की सराहना
खन्ना में पूर्व मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली और उनके साथियों को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध की सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई है। मंत्री सौंध ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि वे खन्ना के पुलिस प्रशासन और सिविल प्रशासन की सराहना करते हैं।

उन्होंने विशेष तौर पर एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया, एसडीएम स्वाति टिवाना और उनकी पूरी टीम की प्रशंसा की।मंत्री सौंध ने लिखा कि प्रशासन ने आज देश के संविधान की रक्षा की है। बीडीपीओ दफ्तर जो एक सरकारी कार्यालय है, उसे दिनदहाड़े कांग्रेस की गुंडागर्दी के तहत ताला लगाने नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि पंजाब की दो बेटियां शेरनियों की तरह गुंडागर्दी के खिलाफ खड़ी हुईं, नहीं तो कुर्सी के लिए तड़प रहे कांग्रेसी खन्ना का माहौल खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ते।इस पोस्ट में मंत्री सोंद ने एसएसपी और एसडीएम को पंजाब की शेरनियां बेटियां बताया है।

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