Buland Kesari/ जालंधर से लुधियाना तक नेशनल हाईवे की बदतर हालत सरकार की उपेक्षा और प्रशासन की सुस्ती का साफ संकेत है।
मुख्य मार्ग पर जगह-जगह गहरे खड्डे बन चुके हैं, जो रोजमर्रा के सफर को खतरनाक बना रहे हैं। हाइवे अथॉरिटी की ओर से कुछ पैच वर्क तो हुआ है, लेकिन वह भी आधे अधूरे और अस्थायी समाधानों जैसा दिखता है। पूरा रोड उबड़ खाबड़ होने की वजह से वक्त से पहले मोटरगाड़ियां खराब हो रही हैं और आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे दुखद पहलू है लुधियाना से पहले बना लाढ़ोवाल टोल प्लाज़ा। टोल प्लाज़ा पर हर दिन लोगों से भारी वसूली की जा रही है, जबकि वहां से गुजरने वाला रास्ता पूरी तरह से टूटा-फूटा और खस्ता हालत में है। लोग सवाल कर रहे हैं कि ऐसी स्थिति में टोल क्यों लिया जा रहा है?
क्या सरकार और हाइवे अथॉरिटी जनता के पैसों का सही इस्तेमाल कर रही है?यह स्थिति साफ तौर पर संकेत करती है कि स्थानीय प्रशासन और सरकार हाइवे की मरम्मत और बनाए रखने के काम में निष्क्रिय हैं। जनता की जान और अपना पैसा दोनों जोखिम में हैं।
अब वक्त आ गया है कि सरकार अपने आरामदेह नींद से जागे और इस गंभीर समस्या का समाधान तुरन्त निकाले।सरकार और संबंधित विभागों से आग्रह है:तुरंत व्यापक मरम्मत कार्य शुरू करें ताकि नेशनल हाईवे को सुरक्षित, सुगम और टिकाऊ बनाया जा सके।
टोल प्लाज़ा के आस-पास की सड़क सुधारें या टोल वसूली पर पुनर्विचार करें।जनता की शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान दें, ताकि हाइवे से गुजरना यातायात के लिए परेशानी का कारण न बने।
आइए मिलकर आवाज उठाएं और सरकार से जवाबदेही की मांग करें, क्योंकि इस सड़क की हालत केवल सड़क ही नहीं, हमारे जीवन का भी आइना है।

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