Buland kesari ;- रिजनल ट्रांसपोर्ट कार्यालय(RTO) की चालान खिड़की के बाहर और अन्य पब्लिक विंडो पर सक्रिय रहने वाले एजैंटों में उस समय हड़कंप मच गया जब आर.टी.ओ. बलबीर राज सिंह ने कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। आर.टी.ओ. बलबीर राज सिंह को मौजूद देख खिड़कियों पर अक्सर दिन भर मौजूद रहने वाले एजैंट मौके से रफूचक्कर हो गए। हालांकि विगत दिनों आर.टी.ओ. और ऑटोमेटेड ड्राइविंग टैस्ट सैंटर पर विजीलैंस विभाग के रेड होने के बाद से ज्यादातर एजैंटों ने आर.टी.ओ. से किनारा कर रखा है, फिर भी कुछ एक एजैंट ऐसे हैं जोकि पब्लिक व चालान विंडो पर मौजूद रहकर वहां विभिन्न कामों को लेकर आने वाले लोगों से उनके काम कराने को लेकर मोटी रकम ऐठतें है।
इतना ही नहीं लोगों के कामों को अपने हाथों में लेने वाले एजैंट ही आर.टी.ओ. के कर्मचारियों में व्याप्त भ्रष्टाचार का एक बड़ा कारण भी बनते हैं क्योंकि एजैंटों के मार्फत आने वाले किसी भी काम को लेकर आर.टी.ओ. स्टाफ को लेनदेन में कोई असुविधा नहीं होता। एजैंट द्वारा दिया गया काम कुछ कर्मचारी हाथों-हाथ कर देते हैं, वहीं हरेक काम की तय रकम बिना मांगे कार्यालय टाईम के बाद उन तक पहुंच जाती है।
वहीं आरटीओ बलबीर राज सिंह ने पब्लिक और चालान विंडो पर जाकर वहां लाइनों में लगे लोगों से बातचीत करके उनके द्वारा कराए जाने वाले काम का ब्यौरा लिया। इतना ही नहीं आर.टी.ओ. ने कई लोगों को यहां तक सवाल करके पेशोपेश में डाल दिया कि संबंधित विंडो पर यह काम करने को लेकर जा रही है। किसी एजैंट ने आपको भेजा है। इसके अलावा आर.टी.ओ. ने लोगों के कई कामों का कार्यालय के बाहर खड़े होकर ही निपटारा कर दिया। परंतु सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि विजीलैंस की रेड के बावजूद आर.टी.ओ. में भ्रष्टाचार की जननी बने एजैंट राज पर नकेल क्यों नहीं कसी जा पा रही है।
आर.टी.ओ. की चालान विंडो जिस पर ट्रैफिक चालान के जुर्माने का भुगतान होता है और हरेक चालान में की गई गलती जैसे वाहन की आर.सी. का न होना, ड्राइवर के पास लाइसैंस न होने, पॉल्यूशन सर्टीफिकेट का न होना, ड्राइव करते समय ड्राइवर व सवारी द्वारा सीट बैल्ट न लगाई होना, इंश्योरैंस का न होना सहित अन्य कई धाराओं को लेकर किए जाने वाली ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को लेकर केंद्र सरकार ने अलग-अलग जुर्माना फिक्स कर रखा है। अगर हरेक ट्रैफिक उल्लंघन का जुर्माना फिक्स है तो भला चालान विंडो पर रोजाना एजैंट व तथाकथित वकीलों को खड़े होकर लोगों को झांसे में लेने का भला क्या औचित्य रह जाता है। अगर इस मामले की गहराई से जांच हो और चालान विंडो पर खड़े रहने वाले एजैंटों की धरपकड़ करके जांच हो तो कोई बड़ा स्कैंडल का भी खुलासा होने की संभावना है परंतु आर.टी.ओ. के जाते ही एजैंटों ने अपना कामकाज दोबारा शुरू कर दिया।
आर.टी.ओ. ने सुविधा केंद्र में ट्रांसपोर्ट सुविधाओं संबंधी होर्डिंग कार्यालय के बाहर लगवाए
आर.टी.ओ. बलबीर राज सिंह ने लोगों को जागरूक करने की मुहिम के तहत कार्यालय के बाहर बड़े-बड़े फ्लैक्स होर्डिंग लगवाए हैं। जिन पर ट्रांसपोर्ट विभाग की 39 सुविधाओं का जिक्र है जिसमें जिला में कार्यरत 35 सुविधा केंद्रों में बेहद सीमित शुल्क देकर प्राप्त किया जा सकता है। बलबीर राज सिंह ने लोगों से कहा कि वह अपने कामों को लेकर एजैंटों के चंगुल में फंसने की बजाय अपने घर के नजदीक के सुविधा केंद्र में जाकर इन सुविधाओं का लाभ उठाए। उन्होंने कहा कि सुविधा केंद्र के माध्य से आने वाली हरेक एप्लीकेशन का निपटान 24 घंटों के भीतर हो जाए, ऐसी व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि लोगों को समयबद्ध, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सुविधाएं मुहैया हो सके।

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