Buland kesari/जालंधर के महतपुर इलाके जमहूरी किसान सभा के नेता और सरपंच महिंदर सिंह पर नशा तस्करों ने जानलेवा हमला किया है। हमले में सरपंच की टांगों में फ्रैक्चर आया है और सिर में गहरी चोट लगी है। गंभीर हालत में सरपंच को जालंधर के अरमान अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
घटना को लेकर महतपुर के लोगों और किसान जत्थेबंदियों के लोगों ने थाना महतपुर के आगे प्रदर्शन किया। किसान नेताओं और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ये सब चिट्टे की सूचना देने पर हुआ है। सरंपच पंजाब सरकार की युद्ध नशे विरुद्ध मुहिम के तरह लगातार चिट्टा बेचने वालों की सूचना पुलिस को दे रहा था।
लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने तस्करों पर कार्रवाई करने की जगह सरपंच की सूचना ही तस्करों को दे दी जिस पर तस्करों ने उस पर हमला कर दिया। घटना के वक्त बूटा छन्ना के सरपंच पत्नी के साथ सुबह साढ़े 6 बजे खेत में जा रहे थे। जैसे ही वह खेत में पहुंचे तो वहां पहले से छिपे बैठे कुछ लोगों ने हमला कर दिया। शोर मचाने पर जब तक लोग पहुंचे तो हमलावर भाग निकले। सरपंच पर हमले के बाद रोष के PHOTOS



जानें प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए
- पुलिस की ढीली कार्रवाई से तस्करों के हौसले बुलंद- सरपंच पर हमले के बाद गुस्साए लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और थाना महतपुर के सामने धरना लगा दिया। लोगों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों और किसान नेताओं ने कहा कि सरपंच महिंदर सिंह लगातार पुलिस प्रशासन को इलाके में बिक रहे चिट्टे और नशा तस्करों के बारे में जानकारी दे रहे थे। लोगों ने आरोप लगाया कि जानकारी देने के बाद भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे तस्करों के हौसले बुलंद हैं।
- तस्करों को ही सरपंच का नाम बता दिया- लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई करने की बजाए तस्करों को ही सरपंच का नाम बता दिया, जिससे उनकी दुश्मनी बढ़ गई। 1 फरवरी की सुबह जब सरपंच अपनी पत्नी के साथ खेत पर जा रहे थे तो हमलावरों ने उन पर रॉड और हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में सरपंच के सिर पर गंभीर चोटें आईं और उनकी टांगें तोड़ दी गईं। फिलहाल उनकी हालत गंभीर है और वे जालंधर में एडमिट हैं।
- युद्ध नशे विरुद्धा दिखावा है- इस घटना से गुस्साए लोगों ने महतपुर थाने के बाहर पंजाब सरकार और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि सरकार का नशों के खिलाफ युद्ध सिर्फ एक दिखावा है। जमीनी स्तर पर नशा और गुंडागर्दी और ज्यादा बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस मुलाजिमों की कमी का बहाना बनाकर बड़े तस्करों को शह दे रही है, जिसके कारण अब आम जनता और जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं रहे।किसान नेता मेजर सिंह ने लगाए गांव में सरेआम चिट्टा बिकने के आरोप।किसान नेता ने पुलिस-सरकार पर लगाए 4 बड़े आरोप
- 50 बार पुलिस से चिट्टा बिकने की शिकायत की- किसान नेता मेजर सिंह ने कहा कि मसला यह है कि सुबह करीब साढ़े 6 बजे हमारे जमहूरी किसान सभा के जिला नेता और सरपंच महिंदर सिंह अपनी पत्नी के साथ अपने खेत पर जा रहे थे, जो घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है। वहां गुंडों ने हमला कर दिया। गुंडे चिट्टा बेचने वाले हैं। सरपंच ने 50 बार एसएचओ और डीएसपी को मिलकर कहा था कि हमारे गांव में चिट्टा बिकता है, इस गांव को बचा लो। लेकिन न डीएसपी और न ही महतपुर एसएचओ ने उनकी बात सुनी। मेरी मौजूदगी में सरपंच ने कई बार कहा कि गांव में नशा बहुत बिक रहा है और बच्चों की मौत हो रही है, पर पुलिस ने कुछ नहीं किया। आज उन गुंडों ने सुबह सरपंच महिंदर पर हमला कर दिया।
- पुलिस वाले मरते हैं तभी एनकाउंटर होते हैं- मेजर सिंह ने कहा कि हमले में सरपंच को चोटें बहुत ज्यादा लगी हैं। सिर में गहरी चोटें हैं और उनकी दोनों टांगें बुरी तरह तोड़ दी गई हैं। जैसे अभी गुरदासपुर में पुलिस मुलाजिमों पर हमला हुआ था और उसके बाद पुलिस ने आरोपियों का एनकाउंटर किया, वैसे ही जब खुद पर बीतती है तब पता चलता है। अब हमारे सरपंच पर बीत रही है। उन्होंने तो सरपंच का कत्ल करने की कोशिश की है। वे जालंधर के अरमान अस्पताल में हैं और उनकी हालत सीरियस है। अगर पुलिस ने कुछ नहीं किया तो हम खुद मुकाबला करने को तैयार हैं। हमारी पार्टी आरएमपीआई और जमहूरी किसान सभा मिलकर यह मोर्चा संभालेंगी। हम आज ही मीटिंग कर रहे हैं।
- चिट्टे के खिलाफ कार्रवाई सरकार का ड्रामा-मेजर सिंह ने आरोप लगाया कि अभी तक चिट्टे पर कार्रवाई सरकार का ड्रामा है। मैं जानता हूं कि लोग कैसे सरेआम नशा बेच रहे हैं। नशा बेच-बेचकर लोगों ने गाड़ियां और कोठियाँ बना ली हैं और सरकार सोई हुई है। यह सिर्फ लोगों को गुमराह करने का ड्रामा है, कोई नशा बंद नहीं हो रहा। सीएम साहब रैलियां कर रहे हैं, लेकिन लोग वहां पैसे और दिहाड़ी पर जाते हैं। वैसे कोई जाने को तैयार नहीं है। लोग इस सरकार के खिलाफ हो चुके हैं। हालात बहुत खराब हैं और थानों में पुलिस ही नहीं है।
- मामला बढ़ा तो अब पुलिस वाले चक्कर काट रहे-मेजर सिंह ने आरोप लगाया कि थाने में कोई नहीं सुनता। अब जब मामला बढ़ गया है तो सब चक्कर काट रहे हैं। जब हम पहले आकर बताते थे कि गांव में नशा बिक रहा है,तब कहते थे कि बस पकड़ लिया, देख लिया, पर असल में कुछ नहीं करते थे। यह पक्की बात है कि नशा बेचने वालों ने ही हमला किया है क्योंकि पहले भी उन्होंने उलझने की कोशिश की थी। उनकी पत्नी साथ थी फिर भी 4-5 बंदों ने मिलकर उन पर रॉड से हमला किया और उन्हें मरा हुआ समझकर छोड़ गए। अगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो हम इन गुंडों का डटकर मुकाबला करेंगे, हम आतंकवाद के दौर में भी नहीं डरे थे।जालंधर के अरमान अस्पताल के बाहर जानकारी देता सरपंच का बेटा गुरदेव सिंह।पिता खेत में बंधे पशुओं से दूध दुहने जा रहे थेबेटे गुरदेव सिंह ने बताया कि मेरे पिता खेत में बांधे पशुओं से दूध दुहने निकले थे। पिता की किसी के साथ कोई रंजिश नहीं थी, वो चिट्टा बेचने का विरोध करते थे। हम किसी पार्टी की तरफ से चुनाव नहीं लड़े थे। मेरे पिता आजाद जीते थे, शायद पुलिस इसलिए कार्रवाई नहीं कर रही थी। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। 5 लोगों ने हमला किया है। उन्होंने पुलिस को उनकी पहचान बता दी है। पुलिस से मांग है कि हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।सरपंच महिंदर सिंह के भाई करनैल सिंह।आरोप-पुलिस के पास गए तो बताया लूट का मामलासरपंच महिंदर सिंह के भाई करनैल सिंह ने बताया कि पुलिस को हमले की जानकारी दी गई तो जवाब मिला की ये लूट का मामला लगता है। हमारा कहना है कि ये मामला लूट का नहीं है। लूटने वाला कभी भी आधा घंटा पहले आकर नहीं बैठता है। ये पांचों हमलवार आधा घंटा पहले आकर घटनास्थल पर आकर बैठ गए थे। इन्होंने सिर में रॉड से इतने वार किए हैं कि सिर की हड्डी तक टूट गई है। दोनों टांगें भी तोड़ दी हैं। ये लोग सरपंच को मारने के इरादे से ही आए थे। परिवार को हमें इनकी पहचान है लेकिन हम चाहते हैं कि पुलिस इनको पकड़े।

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