Buland kesari / जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब पंजाब पर भी बुरी तरह से पड़ रहा है। राज्य के कम से कम 7 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जहां हालात गंभीर बने हुए हैं। रणजीत सागर डैम और भाखड़ा डैम से पानी छोड़े जाने के कारण रावी, सतलुज और ब्यास नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
रेलवे सेवा पर असर: 90 ट्रेनें प्रभावित
पठानकोट-जालंधर रेलवे रूट पर बने चक्की रेलवे पुल को बाढ़ के कारण नुकसान पहुंचा है, जिस वजह से यह रूट अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। रेलवे विभाग ने कई ट्रेनों को पठानकोट-अमृतसर-जालंधर रूट की ओर डायवर्ट किया है। अब तक 90 से अधिक ट्रेनें प्रभावित हो चुकी हैं, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्कूलों में छुट्टी घोषित
बाढ़ के हालात को देखते हुए प्रशासन ने जालंधर, कपूरथला, पठानकोट और गुरदासपुर जिलों के साथ-साथ अमृतसर के अजनाला और रईया ब्लॉक के सभी स्कूलों को आज बंद रखने का आदेश दिया है। फाजिल्का जिले के 20 बाढ़ग्रस्त गांवों में स्थित स्कूलों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।
रावी और सतलुज में उफान
रणजीत सागर डैम से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण रावी नदी उफान पर है, जिससे पठानकोट और गुरदासपुर जिले बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। गुरदासपुर के मकोड़ा पत्तन क्षेत्र के 7 गांव जिला मुख्यालय से कट चुके हैं। प्रशासन ने इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और राहत कार्यों में तेजी लाई जा रही है। उधर, भाखड़ा डैम और हरिके हेडवर्क्स से छोड़े गए पानी का प्रभाव सतलुज और ब्यास के किनारे बसे जिलों—तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का में देखा जा रहा है। कई क्षेत्रों में खेतों में पानी भर गया है और सड़कों का संपर्क टूटने लगा है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने पंजाब के 9 जिलों में अगले 48 घंटों के लिए तेज बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे न जाने और सतर्क रहने की अपील की है।
बाढ़ग्रस्त जिलों में राहत कार्य जारी, प्रशासन अलर्ट पर
प्रशासन की ओर से राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं। SDRF टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और ज़रूरत पड़ने पर हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क करें।
जिला गुरदासपुर में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते रावी, पूर्वाग्रह और अन्य नहरों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और नदी-नहरों के किनारे बसे गांवों के निवासियों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। प्रशासन ने बताया कि निचले इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, ऐसे में लोग अफवाहों से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संपर्क करें। हेल्पलाइन नंबर टोल फ्री नंबर: 1800-180-1852, लैंडलाइन: 01874-266376 जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए हैं। प्रशासन ने यह भी कहा है कि यदि किसी क्षेत्र में जलभराव, रास्ता बंद, या जान-माल को खतरे की आशंका हो, तो तुरंत इन नंबरों पर सूचना दें ताकि राहत व बचाव कार्य तेजी से किया जा सके।

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