*Buland Kesari Special:** जालंधर के पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र के नहौरियां बाजार से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने शहर की कानून व्यवस्था और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक शराब के ठेके के ठीक बाहर, सरेआम सड़क पर बैठकर लोग शराब पीते नज़र आए, जैसे कि उन्हें कानून या प्रशासन का कोई खौफ ही न हो।
वायरल हो रही इस तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि कैसे शराब के ठेके के बाहर सड़क किनारे बैठकर लोग बोतलें खोल रहे हैं और जाम छलका रहे हैं।
यह नजारा किसी गुप्त स्थान का नहीं, बल्कि एक व्यस्त बाजार का है, जहाँ से हर समय आम लोगों, महिलाओं और बच्चों का आना-जाना लगा रहता है। इस सार्वजनिक शराबखोरी ने स्थानीय निवासियों और दुकानदारों में भारी रोष और असुरक्षा की भावना पैद
*पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल: क्या यही है मुस्तैदी?**
इस घटना ने सीधे तौर पर स्थानीय पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। शहर के एक प्रमुख बाजार में, जहाँ लगातार गश्त का दावा किया जाता है, वहां इस तरह सरेआम अवैध गतिविधि कैसे चल रही है? क्या पुलिस प्रशासन इस बात से अनजान है कि शराब के ठेकों के बाहर क्या हो रहा है?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कोई एक दिन की बात नहीं है। शाम ढलते ही यहाँ का माहौल बदल जाता है और ठेके के बाहर शराबियों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे गुंडागर्दी और असभ्य व्यवहार की घटनाएं आम हो गई हैं। सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस केवल कागजों पर ही कानून व्यवस्था बनाए रख रही है? क्या उनकी नाक के नीचे हो रही इस गुंडागर्दी पर उनकी कोई नजर नहीं है?
**आबकारी विभाग की नींद कब खुलेगी?**
यह घटना केवल पुलिस की ही नहीं, बल्कि आबकारी विभाग की भी बड़ी नाकामी को दर्शाती है। आबकारी विभाग की जिम्मेदारी है कि वह शराब के ठेकों के कामकाज पर नजर रखे और यह सुनिश्चित करे कि वे नियमों का पालन कर रहे हैं। नियम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि शराब के ठेके के बाहर या सार्वजनिक स्थान पर शराब पीना सख्त मना है।
तो फिर आबकारी विभाग के अधिकारी और इंस्पेक्टर क्या कर रहे हैं? क्या वे केवल सालाना रिन्यूअल फीस लेने तक ही सीमित हैं? ठेके के बाहर हो रही इस अवैध गतिविधि को रोकने के लिए उन्होंने क्या ठोस कदम उठाए हैं? स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि विभाग के अधिकारी इस मुद्दे पर पूरी तरह से निष्क्रिय हैं, जिससे ठेका मालिकों और शराबियों के हौसले बुलंद हैं।
*प्रशासन से जवाबदेही की मांग**
इस वायरल तस्वीर ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। शहर में ‘नशा मुक्त’ और ‘सुरक्षित’ माहौल का दावा करने वाले अधिकारी अब इस घटना पर क्या जवाब देंगे? क्या पुरानी सब्जी मंडी और नहौरियां बाजार के निवासियों को इस गुंडागर्दी के साये में ही रहना होगा?
स्थानीय जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर और आबकारी विभाग के उच्च अधिकरियों से अपील की है कि वे इस मामले का संज्ञान लें और:
1. शराब के ठेके के बाहर सार्वजनिक शराबखोरी को तुरंत बंद करवाएं।
2. नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेका मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
3. इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय करें।
4. पूरे क्षेत्र में पुलिस गश्त और आबकारी विभाग की चेकिंग बढ़ाएं।
यदि जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थानीय निवासी उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया देता है। क्या वे इस गुंडागर्दी को जारी रहने देंगे या कानून का शासन स्थापित करेंगे?

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