Buland kesari/लुधियाना के जगराओं में जहरीला पदार्थ पीने के कारण हुई प्लंबर की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। प्लंबर बीड गगड़ा गांव के गुरप्रीत सिंह ने मरने से पहले पुलिस को बयान दिया है। इसमें तीन लोगों को पर जबरन जहर पिलाने का आरोप लगाया है। उसने कहा कि तीन लोग मुझे उठाकर सिविला वाले रास्ते पर ले गए और वहां मुझे जबरन जहर पिलाया। पुलिस को बयान देने के कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई।
लुधियाना देहाती पुलिस ने गुरप्रीत के बयानों के आधार में हैप्पी, गीटा और गीटा की पत्नी के खिलाफ धारा 109 के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल, तीनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
उधर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। अभी तक मामला काम को लेकर विवाद से जुड़ा सामने आ रहा है।
गुरप्रीत ने मरने से पहले पुलिस को दिया यह बयान…
- आरोपी धमकी दे रहे थे: थाना सदर के इंचार्ज सुरजीत सिंह ने बताया कि मृतक ने मरने से पहले पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह पेशे से प्लंबर है और तीन चार दिन से आरोपी उसे लगातार धमकियां दे रहे थे।
- आरोपी उसे काम नहीं करने दे रहे थे: एसएचओ ने बताया कि गुरप्रीत ने अपने आखिरी बयान में कहा था कि उसका काम सुधार में चल रहा था लेकिन आरोपी हैप्पी उसे काम नहीं करने देना चाहता था। हैप्पी उसे बार बार कह रहा था कि वह उसका काम बंद करवा देगा।
- आरोपियों ने जबरन जहरीली दवाई पिलाई: एसएचओ ने बताया कि गुरप्रीत ने आखिरी बयान में कहा कि हैप्पी, गीटा व गीटा की पत्नी उसे सिविया के रास्ते पर ले गए और वहां जबरन जहरीली दवाई पिलाई।
कामकाज को लेकर था विवाद: पुलिस का कहना है कि हैप्पी भी प्लंबर का काम करता है। दोनों के बीच काम को लेकर विवाद चल रहा था। आरोपी ने रंजिश रखते हुए अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है।
मृतक के बयानों पर हुई FIR: एसएचओ गुरप्रीत सिंह ने बताया कि मृत्तक गुरप्रीत सिंह के बयानों पर ही आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। तीनों आरोपी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

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