Buland kesari : माता पिता के लिए चिंताजनक खबर सामने आई है। दरअसल, एक नई अंतरराष्ट्रीय स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि 13 साल से कम उम्र बच्चों का Smart Phone का इस्तेमाल करना खतरा पैदा कर सकता है। बच्चों को युवावस्था में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा कहीं अधिक होता है।
इस अध्ययन में दुनियाभर के 1 लाख से ज्यादा युवाओं के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। यह अध्ययन “जर्नल ऑफ ह्यूमन डिवेलपमेंट एंड कैपेबिलिटीज” में प्रकाशित हुआ है। जिन बच्चों ने 12 साल या उससे पहले Smart Phone का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया, उनमें 18 से 24 साल की उम्र में आत्महत्या के विचार, भावनात्मक अस्थिरता, आक्रामक व्यवहार और आत्म-सम्मान की कमी जैसी समस्याएं ज्यादा पाई गईं। स्मार्टफोन की वजह से बच्चे कम उम्र में ही सोशल मीडिया का हिस्सा बन जाते हैं, जिससे वे साइबर बुलिंग, नींद की कमी और परिवार से भावनात्मक दूरी जैसी समस्याओं के शिकार हो जाते हैं।
जानकारी के मुताबिक, फ्रांस, इटली, नीदरलैंड और न्यूज़ीलैंड जैसे देशों ने स्कूलों में स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर पहले ही पाबंदियां या सीमाएं लागू कर दी हैं। अमेरिका के कई राज्यों ने भी स्कूलों में स्मार्टफोन के नियंत्रण के लिए कानून बनाए हैं। छोटी उम्र में डिजिटल दुनिया के संपर्क में आना युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालता है। इन युवाओं में अवसाद या चिंता के पारंपरिक लक्षण नजर नहीं आते, इसलिए आमतौर पर शुरुआती जांच में ये समस्याएं पकड़ में नहीं आतीं। शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया है कि बच्चों को कम उम्र में स्मार्टफोन देने से पहले अभिभावकों को सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि यह उनकी मानसिक सेहत के लिए एक गंभीर खतरा बन सकता है, जोकि तंबाकू और शराब से भी अधिक नुकसानदेह हो सकता है।

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