Buland kesari ;- विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किए रमन अरोड़ा और महेश मखीजा उर्फ राजू को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। यह पूछताछ करीब 12 घंटे चली जिसमें विजिलेंस को भ्रष्टाचार करने के कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। इसके बाद विजिलेंस चरणजीतपुरा में महेश मखीजा को भागने और उनके दस्तावेज़ सहित कैश को इधर-उधर करने में मदद करने वाले दोस्त नन्नी आनंद को भी औपचारिक तौर पर केस में नामजद कर लिया है। विजिलेंस को शक है कि उसे मखीजा के कई राज पता है और नन्नी की भी अब जल्द ही गिरफ्तार हो सकती है।
सूत्रों की माने तो विधायक रमन अरोड़ा और महेश मखीजा को आमने-सामने कर 12 घंटे लंबी पूछताछ की, जिसमें सबसे बड़ा सवाल यही रहा है कि आखिर विधायक रमन अरोड़ा का पैसा महेश मखीजा द्वारा कहां छिपाया गया है। विजिलेंस ने दोनों से सवाल किए गए कि वह किस-किस व्यक्ति से कितने पैसे लिए थे। बाद में उसी पैसे से कितनी संपत्ति कहां-कहां बनाई गई हैं। विजिलेंस ने महेश मखीजा की थार गाड़ी से बरामद हुए दस्तावेज़ों की स्क्रूटनी की जा रही है। इस दस्तावेजों में जिन-जिन लोगों के नाम पर प्रॉपर्टियां खरीदी गई हैं, वह मखीजा और रमन अरोड़ा के किस तरह से संपर्क में थे और उनका उनके साथ किस तरह कनैक्शन है।
सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस द्वारा नामज़द आरोपी नन्नी आनंद जोकि जोकि महेश मखीजा का पड़ोसी भी है, उनकी दोस्ती काफी गहरी और पुरानी है। महेश मखीजा के सारे कैश उसी के मार्फत इधर उधर किया गया। हालांकि विजिलेंस को अब तक 2 बैग बरामद हुए हैं, जिनमें कई कागजात मिले हैं। इन्हीं बैगों को नन्नी आनंद द्वारा छिपाया गया था। हालांकि विजिलेंस ने इस बात की अधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
रमन अरोड़ा ने मखीजा को सौंपी थी मकसूदां मंडी एरिया में अवैध उगाही की जिम्मेदारी
विजिलेंस ने विधायक रमन अरोड़ा और मखीजा की आमने-सामने पूछताछ के बाद रोहित कपूर और मखीजा से भी आमने-सामने पूछताछ की, जिसमें पता चला कि शहर में लॉटरी कारोबारियों एवं अन्य गलत कारोबार करने वालों सैटिंग कर लाखों रुपए इक्ट्ठे किए गए। विजिलेंस की जांच में पता चला कि कुछ लोगों से उगाही करने की जिम्मेदारी मखीजा के कंधों पर थी। खासकर मकसूदां मंडी के आसपास के इलाकों में होने वाले काले कारोबार का सारा हिसाब किताब मखीजा के पास ही था।
केंद्र सरकार की जमीन का सौदा महेश मखीजा ने बस्तियात इलाके के टेलर के मार्फत किया
वहीं विजिलेंस जांच में पता चला कि बस्ती गुजां से जे.पी नगर रोड पर स्थित केंद्र सरकार की करोड़ों रुपए जमीन जिसपर पहले डंप हुआ करता था, का सौदा बस्तियात इलाके के ही रहने वाले एक टेलर ने महेश मखीजा से करवाया था। उक्त ज़मीन टेलर के जानकारों के नाम पर अलॉट हुई थी। उक्त टेलर के पास खुद महेश मखीजा अपने एक राजदार और एक फाइनांसर के साथ पहुंचा था, जिसके बाद जमीन के कागजात तैयार किए गए हैं।
महेश मखीजा से बरामद मोबाइल और सिम को फॉरैंसिक जांच के लिए भेजा
वहीं गिरफ्तार किए महेश मखीजा से बरामद किए 4 मोबाइल और सिम कार्ड को फॉरैंसिक लैव में जांच के लिए भेज दिया है। विजिलेंस द्वारा अब तक उन चारों मोबाइलों में चल रहे व्हॉट्सएप नंबरों की चैटों को रिकवर तो कर चुकी है, लेकिन कई चैट और फोन नंबर रिकवर करने के लिए उसे फॉरैंसिक जांच के लिए भेज दिया है और जल्द ही उसकी डिटेल आने वाली है। अधिकारिक सूत्रों की मानें तो मखीजा के मोबाइल पर जिन-जिन लोगों से बात हुई है, उसकी सारी लिस्ट तैयार करके उन्हें भी हिरासत में लिया जाएगा।
विजिलेंस दफ्तर में कूलर की हवा लेते हुए पूरा किताब पढ़ता रहा अरोड़ा का पी.ए. शिवम मदान
जब विजिलेंस के अधिकारी विधायक रमन अरोड़ा और महेश मखीजा से पूछताछ कर रहे थे तो विधायक का पी.ए. शिवम मदान विजिलेंस दफ्तर के बाहर एक कूलर के आगे बैठकर शांति से चाय की चुस्कियां लेते हुए किताब पढ़ता रहा। काफी लंबी पूछताछ के दौरान शिवम मदान को टाइम पास करने के लिए किताब दी गई थी।
डी.ए.वी. कॉलेज से जालंधर हाइट्स शिफ्ट हुआ बुक्की भी विजिलेंस के रडार पर
विजिलेंस की जांच में महेश मखीजा के एक और साथी का नाम सामने आया है। जोकि शहर का एक बड़ा बुक्की है, उसे भी विजिलेंस ने अपने रडार पर ले लिया है। उक्त बुक्की पहले डी.ए.बी. कॉलेज के पास स्थित कॉलोनी में रहता था, लेकिन अब वह शिफ्ट होकर जालंधर हाइट्स रहने लगा है। महेश मखीजा और उक्त व्यक्ति की पुरानी दोस्ती और गहरे रिश्तों की विजिलेंस जांच कर रही है। विजिलेंस को शक है कि भ्रष्टाचार के तहत कमाया धन इसी बुक्की के माध्यम से तो नहीं ठिकाने लगाया गया।
फरार राजू मदान और राजन अरोड़ा की तलाश में छापेमारी जारी
विधायक रमन अरोड़ा के समधी राजू मदान और बेटा राजन अरोड़ा अब तक फरार हैं, उनके बारे में विजिलेंस को कई सुराग मिले हैं। अब विजिलेंस की कई टीमें दोनों की तलाश में छापेमारी भी कर रही हैं। विजिलेंस द्वारा राजू मदान को भी सरैंडर कराने के लिए प्रैशर डाला है। इसके अलावा परिवार के मोबाइल नंबर भी विजिलेंस ने सर्विलास पर लगाए ताकि दोनों की जल्द गिरफ्तारी हो सके।

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