Buland kesari ;- बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील करने में भारत फेल हुआ है। उन्होंने कहा कि समझौता न होने की वजह से भारत को अब 25% टैरिफ देना पड़ेगा, जो बांग्लादेश के मुकाबले ज्यादा है।
अमेरिका ने बांग्लादेश पर 20% टैरिफ लगाया है। इससे पहले अप्रैल में अमेरिका ने बांग्लादेश पर 37% टैरिफ लगाया था। यानी कि बांग्लादेश 4 महीने में अमेरिका से 17% टैरिफ कम कराने में कामयाब रहा।
यूनुस ने इसका श्रेय अपने टैरिफ को लेकर अमेरिका से बातचीत करने वाले अधिकारियों को दिया। उन्होंने इसे कूटनीतिक जीत बताया और कहा कि इससे बांग्लादेश की कपड़ा इंडस्ट्री को मजबूती मिलेगी।
बांग्लादेश की कपड़ा इंडस्ट्री को फायदा
यूनुस ने एक्स पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा- बांग्लादेश को मिली टैरिफ दर उसके कपड़ा इंडस्ट्री के प्रतिस्पर्धियों जैसे श्रीलंका, वियतनाम, पाकिस्तान और इंडोनेशिया के बराबर है, जिन्हें 19% से 20% के बीच टैरिफ दर मिली थी।
यूनुस ने कहा एक समान टैरिफ के कारण बांग्लादेश के कपड़ा इंडस्ट्री पर कोई असर नही पड़ेगा।
वहीं, बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और प्रमुख वार्ताकार डॉ. खलीलुर रहमान ने कहा, ‘हम ज्यादा टैरिफ देने से सफलतापूर्वक बच गए हैं। यह हमारे कपड़ा इंडस्ट्री और उस पर निर्भर लाखों लोगों के लिए अच्छी खबर है। हमने अपनी वैश्विक भूमिका को भी बनाए रखा है और दुनिया के सबसे बड़े उपभोक्ता बाजार तक पहुंचने के नए अवसर खोले हैं।’
रहमान ने आगे कहा, ‘हमने अपने देश के हितों को ध्यान में रख कर अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत की। ये हमारी प्राथमिकता थी।’
बांग्लादेश में दूसरी बड़ी रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री
बांग्लादेश की कपड़ा इंडस्ट्री देश की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। बांग्लादेश की कपड़ा इंडस्ट्री चीन के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी रेडीमेड गारमेंट (RMG) निर्यातक इंडस्ट्री है।
कपड़ा इंडस्ट्री देश की जीडीपी का 11% और कुल निर्यात (एक्सपोर्ट) आय में 80% से अधिक योगदान देता है। इस इंडस्ट्री में 40 लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं, जिनमें ज्यादातर महिलाएं हैं।
भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव
भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध अगस्त 2024 से खराब होना शुरू हुए। इसका सबसे बड़ा कारण बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार का हटना और मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार का आना है। इस बदलाव ने दोनों देशों के बीच व्यापार और कूटनीति को प्रभावित किया है।
अगस्त 2024 में हसीना के सत्ता से हटने के बाद वह भारत में शरण ले चुकी हैं। बांग्लादेश उनकी प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है, लेकिन भारत ने इसे स्वीकार नहीं किया। इससे बांग्लादेश में भारत विरोधी भावनाएं बढ़ीं। अप्रैल 2025 में यूनुस और नरेंद्र मोदी की बैंकॉक में मुलाकात हुई, लेकिन कोई बड़ा समझौता नहीं हो सका।

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