Buland kesari/पंजाब में एक स्वास्थ्य कर्मी का शर्मनाक कांड सामने आया है। सिविल सर्जन कार्यालय तरनतारन में तैनात राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत लगभग डेढ़ दर्जन महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपने ही विभाग के एक स्वास्थ्य कर्मी पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के अलावा आपत्तिजनक संदेश भेजने का आरोप लगाया है। महिला कर्मचारियों द्वारा सिविल सर्जन को शिकायत दर्ज कराने के बाद अब मामला जिला स्तरीय जांच समिति के पास पहुंच गया है, जिसके अध्यक्ष माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायाधीश हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत लगभग डेढ़ दर्जन महिला कर्मचारियों ने 6 मई को सिविल सर्जन डॉ. गुरप्रीत सिंह राय को लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें एनएचएम में तैनात एक पुरुष कर्मचारी पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि संबंधित कर्मचारी देर रात तक महिला कर्मचारियों के मोबाइल फोन पर अश्लील संदेश भेजता है और उन्हें लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित कर्मचारी को भवन में कोई भी सामान उपलब्ध कराए बिना ही मूल्यांकन पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित कर्मचारी उन पर रिकॉर्ड लाने और एक अलग कमरे में उपस्थित होने का दबाव बना रहा है, जो वे नहीं कर सकते। साथ ही, उन्हें धमकी दी जाती है कि अगर वे उनकी बात नहीं मानेंगे, तो आपकी शिकायत एनएचएम के प्रबंध निदेशक के पास दर्ज करा दी जाएगी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित स्वास्थ्य कर्मचारी फंड से पैसे की भी मांग करता है।
इस मामले की जांच के लिए सिविल सर्जन द्वारा पहले से गठित समिति को मामला सौंप दिया गया था, जिसमें जिला चिकित्सा आयुक्त डॉ. रूपम चौधरी भी शामिल हैं। शिकायत प्रक्रिया शुरू होने के बाद, मामला 14 मई को जिला स्तरीय जांच समिति के पास पहुंचा, जिसकी अध्यक्ष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तरनतारन इंदु बाला हैं। इस समिति में निवेदिता कुमारा बाल विकास परियोजना संरक्षण अधिकारी, सरबजीत कौर जिला कल्याण समिति तरनतारन, कुसुम शर्मा, सतिंदर पाल सोखी और राहुल अरोड़ा शामिल हैं। समिति ने शिकायत की जांच शुरू कर दी है, जिसमें दोनों पक्षों के सदस्यों ने अपने बयान दर्ज किए हैं। सूत्रों से पता चला है कि एक पक्ष द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद यह मामला सिविल सर्जन अमृतसर को सौंप दिया गया है, जो इसकी जांच कर रहे हैं। महिलाओं से छेड़छाड़ और उत्पीड़न का यह मामला जहां स्वास्थ्य विभाग में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है, वहीं इसकी शिकायत एनएचएम पंजाब के एमडी और डायरेक्टर हेल्थ मिशन पंजाब के स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर पंजाब को भी मिली है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ. गुरप्रीत सिंह राय ने बताया कि महिला स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत की जांच सिविल सर्जन कार्यालय में गठित कमेटी ने शुरू की थी, लेकिन बाद में इसकी जांच जिला स्तरीय जांच कमेटी कर रही है, जिसके चलते वह इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकते। वहीं, इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला मेडिकल कमिश्नर डॉ. रूपम चौधरी ने बताया कि इस मामले की जांच अब सिविल सर्जन अमृतसर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि महिला कर्मियों द्वारा शिकायत में कुछ सबूत भी लगाए गए हैं, लेकिन वह इसकी जानकारी साझा नहीं कर सकते।

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