Buland kesari/भारी बारिश के कारण जहां ब्यास नदी ने मंड क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है, वहीं पवित्र काली बेईं भी अपने किनारों से उफान पर है, जिससे वेणी नदी निचले इलाकों के खेतों की फसलों को बर्बाद करने लगी है। इस बीच, गांव कालेवाल-मसीतां के पास वेणी नदी पर बने पुल के नीचे हरे जलकुंभी के पौधे फंस जाने से जल निकासी बुरी तरह प्रभावित हो रही है और पानी के तेज बहाव में पुल के बह जाने का खतरा मंडरा रहा है। जल निकासी न होने के कारण शिकारपुर गाँव के पास वेणी नदी का पानी खेतों में बहने लगा है।
आज पवित्र बेईं के गांव कालेवाल के पास बने पुल पर एकत्रित हुए क्षेत्र के किसानों सरपंच प्यारा सिंह, सरपंच गुरदेव सिंह, ज्ञान सिंह, बिंदर कालेवाल, दविंदर सिंह सोढ़ी, सुखदेव सिंह, अजीत सिंह ने बताया कि बेईं में पुल के नीचे फंसा जलकुंभी का पौधा बड़ी समस्या बन गया है। उन्होंने बताया कि भारी बारिश के बाद बेईं में काफी पानी आ गया है, लेकिन पुल के नीचे फंसा पौधा होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। पीछे की तरफ अलग-अलग जगहों से निचले इलाकों के खेतों की धान की फसल भी बेईं में समा गई है।
किसानों ने बताया कि इस संबंध में हम लगातार दो दिन से एस.डी.एम. सुल्तानपुर लोधी को लिखित आवेदन दे रहे हैं, लेकिन इसके बाद ड्रेनेज विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है और न ही इसकी सफाई शुरू की है। उन्होंने बताया कि ड्रेनेज विभाग बारिश से पहले इसकी सफाई नहीं करता और इसमें हमेशा काफी मात्रा में जलकुंभी के पौधे लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि पिछले दिनों लगातार बारिश हो रही है और आने वाले दिनों में बेईं का जलस्तर और बढ़ेगा, अगर इस बेईं की सफाई नहीं की गई तो बेईं का पानी आस-पास के गांवों में भर जाएगा और किसानों की फसलों व पुल को नुकसान पहुंचाएगा। इस मौके पर उन्होंने मांग की कि बेईं पुल के नीचे जमा पौधों की तुरंत सफाई की जाए ताकि किसानों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।

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