Buland kesari/चंडीगढ़ में मंगलवार को पुलिस और गैंगस्टरों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने गैंगस्टरों की कार घेरी तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। इस दौरान 11 राउंड फायरिंग हुई।
जिसमें एक कॉन्स्टेबल की छाती पर गोली लगी लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट से उसकी जान बच गई। वहीं 2 गैंगस्टरों को भी गोलियां लगी हैं, जिसके बाद उन्हें और उनके तीसरे साथी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस जांच के मुताबिक इन बदमाशों ने कुछ दिन पहले चंडीगढ़ में कैमिस्ट शॉप पर फायरिंग की थी। इसके अलावा जालंधर में भी फॉर्च्यूनर पर फायरिंग की थी। उन्होंने मोहाली व जयपुर में भी कार छीनने की कोशिश की थी।
आज (21 जनवरी) की सुबह भी वह एक टैक्सी स्टैंड पर फायरिंग करने के लिए आए थे। उन्होंने मालिक से 50 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें अरेस्ट कर लिया।

सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए, कैसे हुआ एनकाउंटर
- कैमिस्ट शॉप फायरिंग के बाद एक आरोपी पकड़ा: कुछ दिन पहले चंडीगढ़ में सेक्टर-32 में केमिस्ट शॉप पर फायरिंग हुई थी। उसके बाद से चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच समेत सारे थानों की पुलिस अलर्ट मोड़ पर थी। इसके बाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। उस पर आरोप था कि गैंगस्टरों के साथ मिलकर उसी ने फायरिंग कराई थी। इसके बाद पुलिस ने उससे गैंगस्टरों के बारे में पूछताछ शुरू कर दी।
- आरोपी से चंडीगढ़ आने का इनपुट मिला, पुलिस ने घेरा: इस दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि गैंगस्टर चंडीगढ़ की तरफ आ सकते हैं। इसे देखते हुए पुलिस ने सेक्टर 39 में मोहाली से सटे एरिया पर नजर रखनी शुरू कर दी। मंगलवार तड़के एक कार में सवार होकर गैंगस्टर यहां आ गए। पुलिस ने पहले से ही ट्रैप लगा रखा था। गैंगस्टरों की कार वहां पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें घेर लिया।

- पुलिस ने रोका तो फायरिंग की, कॉन्स्टेबल को गोली लगी: मलोया पुलिस थाने के SHO इंस्पेक्टर जसवीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों को रोकने की कोशिश की। उन्हें सरेंडर करने को कहा। यह देखकर उन्होंने सामने से फायरिंग शुरू कर दी। उनकी चलाई एक गोली पुलिस की गाड़ी में जा लगी। इससे ड्राइवर साइड का शीशा टूट गया और एक गोली कॉन्स्टेबल की छाती पर जा लगी। हालांकि बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने की वजह से उसकी जान बच गई।
- जवाबी फायरिंग में 2 को गोली लगी, तीसरा भागते हुए पकड़ा: इसके बाद पुलिस भी एक्शन में आ गई। पुलिस ने जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान दोनों तरफ से 11 राउंड फायरिंग हुई। जिसमें 7 गोलियां गैंगस्टरों और 4 गोलियां पुलिस की तरफ से चलीं। इनमें एक गोली गैंगस्टर राहुल और रिक्की के पैरों में लगीं। पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया तो कार में बैठे उनके साथी ने भागने की कोशिश की लेकिन उसकी कार पोल से टकरा गई। जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। ड्राइविंग करने वाले आरोपी का नाम प्रीत है और वह मोहाली के जीरकपुर का रहने वाला है। वह गैंगस्टरों का दोस्त है।

पंजाब पुलिस के ऑपरेशन प्रहार से भी कनेक्शन
- पंजाब में सख्ती, गैंगस्टरों के चंडीगढ़ आने का अलर्ट था: चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम ब्रांच को इनपुट मिला था कि पंजाब पुलिस ने राज्य में 72 घंटे का ऑपरेशन प्रहार चलाया है। ऐसे में उनसे बचने के लिए गैंगस्टर पंजाब से निकलकर हरियाणा या चंडीगढ़ में एंट्री करेंगे। इसे देखते हुए मोहाली से सटे सभी 11 पॉइंटों पर स्पेशल टीमें तैनात की गई थी। पुलिस को पता चला था कि ये आरोपी मोहाली के फेज-6 से सेक्टर 39 की तरफ आएंगे। यह जंगली इलाका है। यहां से घुसने के बाद ये चंडीगढ़ में आ जाते और बच जाते। इसीलिए चंडीगढ़ पुलिस ने इसे हाई सेंसिटिव जोन में रखा। क्राइम ब्रांच के इंचार्ज सतविंदर सिंह खुद रात भर टीम के साथ रहे।

- पंजाब नंबर का शक देखकर रोकी गाड़ी तो फायरिंग करने लगे: जैसे ही उन्हें पंजाब की गाड़ी का नंबर दिखा तो उन्हें शक हुआ। उस वक्त मौसम साफ था। पुलिस ने गाड़ी को रुकने का इशारा किया तो उसमें कुछ युवक दिखे। इसके बाद उन्होंने पहले तो हलके से ब्रेक लगाई लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि उन्हें रोकने वाली पुलिस है तो उन्होंने तुरंत कार रोकने की जगह रोड के बजाय सेक्टर 39 की जीरी मंडी में एंट्री कर ली। इससे पुलिस को यकीन हो गया कि ये वही बदमाश हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने करीब आधा किमी तक उनका पीछा किया। जब उनकी कार पोल से टकराई तो वह उसमें से पुलिस पर फायरिंग करने लगे और गाड़ी छोउ़कर जंगल की तरफ भागने लगे। हालांकि पुलिस ने उन्हें घेर लिया और 5 मिनट में सारी फोर्स ने पहुंचकर उन्हें अरेस्ट कर लिया।

DSP बोले- सीक्रेट इन्फॉर्मेशन थी, पूछताछ करेंगे चंडीगढ़ पुलिस के DSP (क्राइम) धीरज कुमार ने कहा कि सेक्टर-32 स्थित सेवक फार्मेसी में कुछ दिन पहले फायरिंग हुई थी। उसमें रंगदारी रिलेटेड कुछ एंगल सामने आए थे। हमें सूचना मिली थी कि राहुल और रॉकी नाम के 2 लोगों ने फायरिंग की घटना को अंजाम दिया है। हमारे पास सीक्रेट इन्फॉर्मेशन थी। उसी के आधार पर आज सुबह आरोपियों को हमने घेरा था। जब यह भागने लगे तो इन्होंने पुलिस पार्टी पर फायरिंग की। जब काउंटर फायरिंग की गई तो राहुल और रॉकी के पैर में गोली लगी। दोनों घायल हो गए। दोनों सेक्टर-16 अस्पताल में भर्ती है। दोनों से पूछताछ के बाद ही सारी स्थिति और गैंगस्टर एंगल साफ हो पाएगा।

चंडीगढ़, मोहाली, जालंधर और जयपुर में की वारदातें चंडीगढ़ पुलिस की जांच के मुताबिक ये गैंगस्टर जालंधर में भी फॉर्च्यूनर पर फायरिंग कर चुके हैं। इसके अलावा इन्होंने मोहाली के डेराबस्सी में भी गाड़ी छीनने की कोशिश की थी। ये गैंगस्टर एक्टिवा पर सवार होकर वहां आए लेकिन वारदात को अंजाम नहीं दे पाए थे। इसके अलावा इन्होंने राजस्थान के जयपुर में भी गाड़ी छीनने की कोशिश की थी।
साबा गोबिंदगढ़ के नाम पर धमकाने आए थे पुलिस के मुताबिक टैक्सी स्टैंड के मालिक ने पुलिस को बताया था कि उसके पास 50 लाख रुपए की फिरौती के लिए कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को गैंगस्टर साबा गोबिंदगढ़ बताया। उसने धमकी दी थी कि सीधे पैसे का इंतजाम कर दे, वरना उसके साथ भी सेक्टर-32 के फार्मेसी स्टोर पर हुई फायरिंग जैसा अंजाम होगा, जिसमें वह बच नहीं पाएगा। हमें पता है कि चंडीगढ़ में पुलिस और सिस्टम कैसे काम करते हैं।

लॉरेंस का करीबी साबा गोबिंदगढ़ गैंगस्टर साबा गोबिंदगढ़ गुजरात की जेल में बंद गैंगस्टर लारेंस का भी करीबी है। कुछ दिन पहले जब गोल्डी बराड़ ने दावा किया था कि चंडीगढ़ के स्टूडेंट लीडर इंद्रप्रीत पैरी को लॉरेंस ने मरवाया और दोस्त के साथ गद्दारी की। इसके बाद साबा गोबिंदगढ़ ने गोल्डी बराड़ को धमकाया था। साबा ने ये भी दावा किया था कि गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की हत्या के लिए उसी ने पुलिस की वर्दी और AK47 दिलवाई थी। गोल्डी बराड़ ने लॉरेंस के कहने पर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला का कत्ल कराया था।

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