Buland kesari/जींद पुलिस ने साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जिले में साइबर ठगी के शिकार हुए पीड़ितों को बड़ी राहत मिली है, जहां पुलिस ने लगभग 98.40 लाख रुपए वापस लौटाए हैं। इसके अतिरिक्त, साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से 1.37 करोड़ रुपए से अधिक की राशि को होल्ड करवाया गया है।
थाना साइबर क्राइम जींद के प्रभारी जगदीप सिंह ने बताया कि इस वर्ष कुल 1454 शिकायतें प्राप्त हुईं। इन शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 37 लाख 81 हजार 179 रुपए की राशि को होल्ड किया गया। इस दौरान 22 मामलों में एफआईआर दर्ज की गईं, जिनमें से 12 मामलों को सफलतापूर्वक ट्रेस किया गया। होल्ड की गई राशि में से 98 लाख 40 हजार 416 रुपए पीड़ितों को कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस किए गए हैं।

एसपी ने की लोगों से सतर्क रहने की अपील
पुलिस अधीक्षक जींद कुलदीप सिंह ने आमजन से अपील की है कि वे साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों से सतर्क रहें। उन्होंने विशेष रूप से ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे फर्जी तरीकों का उल्लेख किया, जिनके माध्यम से लोगों को डराकर पैसे ऐंठे जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के जरिए इस प्रकार की कार्रवाई नहीं करती है।
बैंकों में लागू होगा ड्यूल ओटीपी सिस्टम’
साइबर ठगी से बचाव के लिए पुलिस अधीक्षक जींद ने एक नई पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभिन्न बैंकों द्वारा जल्द ही ‘ड्यूल ओटीपी सिस्टम’ लागू किया जा रहा है। प्रारंभिक चरण में यह प्रणाली 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के खाताधारकों के लिए होगी।
इस व्यवस्था के तहत, किसी भी वित्तीय लेन-देन के लिए ओटीपी मूल खाताधारक के साथ-साथ उनके किसी विश्वसनीय परिजन (जैसे बेटे या बेटी) के पास भी भेजा जाएगा। दोनों की पुष्टि के बाद ही लेन-देन को स्वीकृति मिलेगी। इसके अतिरिक्त, खाताधारकों के बैंक लेन-देन की सीमा भी निर्धारित की जाएगी।

Disclaimer:Buland Kesari receives the above news from social media. We do not officially confirm any news. If anyone has an objection to any news or wants to put his side in any news, then he can contact us on +91-98880-00404.








