Buland kesari/रोपड़ में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) में रिसर्च की स्टूडेंट ने अपने गाइड प्रोफेसर पर सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगया। छात्रा ने दावा किया कि उसे रिसर्च ट्रिप पर अकेले साथ चलने के लिए मजबूर किया गया। मना करने पर रिसर्च प्रोग्राम से बाहर करने की धमकी दी गई। उसके साथ मारपीट भी की गई।
इसे लेकर रोपड़ थाने में शिकायत दर्ज करवा दी गई है। पुलिस का कहना है कि छात्रा के बयान के अनुसार जांच की जा रही है। आईआईटी प्रबंधन ने बताया कि प्रोफेसर को 2 महीने की फोर्स लीव पर भेजकर मामला संस्थान की इंटरनल कमेटी को सौंप दिया गया है।

छात्रा का दावा- प्रोफेसर ने गलत करने का दबाव बनाया रिसर्च की छात्रा ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर कई तरह की अनुचित मांगें करता था, जिसको पूरा करने से उसने मना कर दिया। मांगों को ठुकराने पर उसके साथ शारीरिक उत्पीड़न किया गया। पीड़िता का दावा है कि उसे रिसर्च ट्रिप पर अकेले जाने के लिए मजबूर किया गया और इनकार करने पर उसे रिसर्च प्रोग्राम से बाहर निकालने की धमकी दी गई।
शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की संस्थान के निदेशक राजीव आहूजा ने पुष्टि की कि 29 अप्रैल को शिकायत मिलने के तुरंत बाद आंतरिक जांच शुरू कर दी गई थी। मामला पुलिस को सौंप दिया गया है। आंतरिक शिकायत समिति ने छात्रा की सुरक्षा और उसकी पढ़ाई में आने वाले व्यवधान को देखते हुए 24 घंटे के भीतर उसे अंतरिम राहत प्रदान की है।
पीड़िता बोली- गाइड बदलने का आश्वासन मिला, पर बदला नहीं पीड़िता ने संस्थान की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया है। उसका आरोप है कि उसे गाइड बदलने का आश्वासन तो दिया गया, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि उसे देर रात बुलाकर बयान देने के लिए दबाव बनाया गया। स्थानीय पुलिस मामले की औपचारिक जांच कर रही है। फिलहाल संस्थान की आंतरिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

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