Buland kesari/पाकिस्तान के फरूकाबाद में गुरुद्वारा साहिब की इमारत गिराए जाने पर एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से सिख धार्मिक और ऐतिहासिक विरासतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा इस घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के शेखूपुरा जिले के फरूकाबाद स्थित मंडी सकराना में कुछ लोगों ने कथित तौर पर गुरुद्वारा साहिब की इमारत के एक हिस्से को गिराकर उसकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। इस घटना को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने गहरी चिंता व्यक्त की है।
धामी ने कहा कि पाकिस्तान में सिख इतिहास से जुड़े अनेक ऐतिहासिक गुरुद्वारे और विरासत स्थल मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी वहां की सरकार की है। उन्होंने बताया कि फरूकाबाद का यह गुरुद्वारा सिंह सभा लहर के दौर का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है, जिससे सिख इतिहास की कई अहम यादें जुड़ी हुई हैं। ऐसे पवित्र और ऐतिहासिक स्थलों को नुकसान पहुंचाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
दोषियों पर कार्रवाई और पुनर्निर्माण की मांग
उन्होंने पाकिस्तान सरकार और इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और तत्काल जांच कराई जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए गुरुद्वारा साहिब की ऐतिहासिक पहचान को बरकरार रखा जाए और उसकी जल्द से जल्द मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कराया जाए।
एडवोकेट धामी ने कहा कि पाकिस्तान में स्थित गुरु साहिबानों से जुड़े गुरुद्वारे और अन्य सिख विरासत स्थल दुनिया भर की संगत की आस्था के केंद्र हैं। इसलिए इनकी सुरक्षा के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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