Buland kesari/लुधियाना के सिविल अस्पताल में आज दोपहर उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब एक महिला कर्मचारी द्वारा मरीज से बदसलूकी करने का वीडियो वायरल हो गया। वीडियो के आधार पर यह आरोप लगाया गया कि लाइन में लगे एक मरीज ने जब महिला कर्मचारी से अपना काम करने को कहा, तो उसने मरीज को डांटकर भगा दिया और कहा कि यह उसका काम नहीं है।
जानकारी के मुताबिक समराला चौंक के रहने वाले बस ड्राइवर पम्मा को बिल्ली ने काटा था। इसका टीका लगवाने वह अस्पताल आया था। वह महिला कर्मी के पास मुहर लगवाने गया था। इसके बाद महिला ने मना कर दिया और कहीं और जाकर काम करवाने को कहा।
मामले के तूल पकड़ने और वीडियो वायरल होने के बाद, अब आरोपी महिला कर्मचारी ने कैमरे के सामने आकर अपना पक्ष रखा है। महिला का कहना है कि वीडियो को बिना पूरी सच्चाई जाने वायरल किया गया है और वह इस मामले में पूरी तरह से बेकसूर है।
क्या है महिला कर्मचारी का पक्ष?
महिला कर्मी ने घटना की पूरी सच्चाई बताते हुए कहा कि यह आज दोपहर का मामला है और वहां कोई भी मरीज शांति से लाइन में नहीं लगा था महिला ने बताया,आज दोपहर कुछ मरीज डॉग बाइट (कुत्ते के काटने) की पर्ची लेकर हमारे पास आ गए थे। मैंने उन्हें स्पष्ट रूप से मना किया कि यह हमारा डिपार्टमेंट नहीं है। हमारा आयुष्मान का डिपार्टमेंट है, आप लोग अपना काम करवाने के लिए नई बिल्डिंग में चले जाएं।
पर्ची पकड़ने का बना रहे थे दबाव: कर्मचारी के अनुसार, मरीज उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे। वे लगातार दबाव बना रहे थे कि पहले हमारी पर्ची पकड़ो। महिला ने कहा,मैंने उनकी पर्ची देखी भी और उन्हें दोबारा समझाया कि यहां उनका काम नहीं हो सकता, लेकिन वे नहीं माने।
वीडियो बनाकर गलत तरीके से किया पेश: महिला का कहना है कि मरीजों ने समझने के बजाय वीडियो बनाना शुरू कर दिया। मुझे नहीं पता उन्होंने किस तरह से यह वीडियो बना लिया,लेकिन मैं इसमें बेकसूर हूं। कुछ डिसएबिलिटी (दिव्यांग) वाले मरीज भी थे, जिनका समय पूरा हो चुका था और वे भी नई बिल्डिंग की तरफ चले गए थे,लेकिन ये मरीज सुनने को राजी नहीं थे।
हम सुबह से भूखे काम करते हैं, कोई लाइन नहीं थी
महिला ने कहा कि वहां कोई लाइन नहीं लगी थी। हर कोई अपनी पर्ची पहले देने के लिए एक-दूसरे के ऊपर गिर रहा था। उन्होंने कहा,हम लोग सुबह से भूखे-प्यासे बैठकर काम कर रहे होते हैं। ऐसे में जब इतनी भीड़ एक साथ अपनी पर्ची देने की जिद करती है, तो कई बार आवाज थोड़ी ऊंची हो जाती है। फिर भी,अगर मेरी किसी बात से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं उसके लिए माफी मांगती हूं।
सीनियर्स से की गार्ड तैनात करने की अपील
इस पूरे घटनाक्रम के बाद महिला कर्मचारी ने अस्पताल के सीनियर अधिकारियों से अपील की है। उनका कहना है कि उनके विभाग के बाहर एक गार्ड की ड्यूटी लगाई जानी चाहिए,जो मरीजों को लाइन में खड़ा कर सके। ताकि भविष्य में इस तरह की धक्कामुक्की, शोर-शराबा या विवाद की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
महिला कंप्यूटर ऑपरेटर मांग चुकी माफी: एसएमओ
एसएमओ (SMO) रोहित रामपाल ने बताया कि यह मामला हमारे संज्ञान में है। आयुष्मान कार्ड की जो महिला कंप्यूटर ऑपरेटर ओपीडी में बैठती हैं उससे इस बारे में पूछताछ की गई है। उसने पूरी जानकारी देते हुए बताया कि वह काम उसके विभाग का नहीं था, लेकिन मरीज जबरदस्ती दबाव बना रहा था। फिलहाल महिला को चेतावनी दे दी गई है और उसने इस मामले में माफी भी मांग ली है। इस बार उसे केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है, लेकिन अगली बार अगर ऐसा कुछ होता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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