iTree Network Solutions +91-8699235413
iTree Network Solutions +91-8699235413
iTree Network Solutions +91-8699235413
HomeEducationCBSE का बड़ा बदलाव, पूरी तरह बदल जाएगा Exams का पैर्टन, पढ़ें...

CBSE का बड़ा बदलाव, पूरी तरह बदल जाएगा Exams का पैर्टन, पढ़ें…

Date:

National News

ਬੰਗਲਾਦੇਸ਼ ਦੀ ਰਾਜਧਾਨੀ ਵਿੱਚ ਵੱਡਾ ਧਮਾਕਾ , ਇੱਕ ਦੀ ਮੌਤ

ਬੰਗਲਾਦੇਸ਼ ਦੀ ਰਾਜਧਾਨੀ ਢਾਕਾ ਦੇ ਮਾਘ ਬਾਜ਼ਾਰ ਵਿੱਚ ਇੱਕ...

Buland kesari /सैंट्रल बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन (CBSE) 2026-27 शैक्षणिक सत्र से 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए ओपन-बुक एग्जाम (ओ.बी.ए.) की शुरुआत करने जा रहा है।

iTree Network Solutions +91-8699235413

2018 में बंद की गई इस स्कीम के फिर शुरू होने से प्रत्येक टर्म में 3 पेन-एंड-पेपर परीक्षाएं होंगी जिनके उत्तर छात्र किताबों, नोट्स और अन्य स्वीकृत संसाधनों की मदद से लिख सकेंगे। हिंदी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे मुख्य विषयों को इसमें शामिल किया जाएगा। बता दें पहले भी 9वीं और 11वीं के छात्रों के लिए यह स्कीम 2014 सैशन में शुरू की गई थी लेकिन बाद में इसकी आलोचना होने के बाद 2018 से इसे बंद कर दिया गया था।CBSE

iTree Network Solutions +91-8699235413

टीचर्स की सिफारिश
जानकारी के मुताबिक यह बदलाव नैशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (एन.सी.एफ.एस.ई.) 2023 के अनुरूप है जो नई शिक्षा नीति (एन.ई.पी.) 2020 पर आधारित है। एन.सी.एफ.एस.ई. का उद्देश्य छात्रों को रटने की आदत से दूर करके उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में ज्ञान का उपयोग करने के लिए सक्षम बनाना है। सी.बी.एस.ई. द्वारा की गई एक स्टडी में पाया गया कि स्कूलों के कई शिक्षक भी ओपन-बुक एग्जाम के पक्ष में हैं। उनका मानना है कि इससे छात्रों की क्रिटिकल थिंकिंग, विश्लेषणात्मक क्षमता और समस्या समाधान कौशल में वृद्धि होगी।

iTree Network Solutions +91-8699235413

पायलट स्टडी में यह आया सामने
बताया जा रहा है कि सी.बी.एस.ई. ने ओपन-बुक एग्जाम पर एक पायलट स्टडी शुरू की थी जिसमें यह आकलन किया गया कि इस सिस्टम में छात्रों को कितना समय लगता है और वे संसाधनों का किस तरह इस्तेमाल करते हैं। स्टडी में यह सामने आया कि शुरुआत में छात्रों को किताब या नोट्स जैसे संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने में कठिनाई हुई लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने इसे अपनाना शुरू कर दिया। वहीं शिक्षकों का मानना था कि यह सिस्टम छात्रों को विषय को गहराई से समझने के लिए प्रेरित करेगा।

iTree Network Solutions +91-8699235413

पिछला अनुभव और अब की उम्मीदें
यहां बताना उचित है कि सी.बी.एस.ई. ने 2014 में भी ‘ओपन टैक्स्ट बेस्ड असैसमैंट’ (ओ.टी.बी.ए.) लागू किया था लेकिन यह योजना सफल नहीं हो पाई थी क्योंकि छात्रों में क्रिटिकल थिंकिंग का अपेक्षित विकास नहीं हो सका था। इस बार बोर्ड का इरादा इसे इंटरनल एग्जाम का हिस्सा बनाने का है और स्कूलों के लिए इसे अनिवार्य करने की संभावना नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सही प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो यह पद्धति न केवल परीक्षा का तनाव कम करेगी, बल्कि छात्रों को वास्तविक ज्ञान और उसके व्यावहारिक उपयोग की दिशा में आगे बढ़ाएगी।

WhatsApp पर खबरें पाने के लिए हमारे Buland Kesari WhatsApp Group को Join करें
iTree Network Solutions +91-8699235413

Disclaimer:Buland Kesari receives the above news from social media. We do not officially confirm any news. If anyone has an objection to any news or wants to put his side in any news, then he can contact us on +91-98880-00404.

Punjab News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

ਸਿੱਧੂ ਦੀ ਸ਼ਾਇਰੀ ਨਾਲ ਫਿਰ ਗੂੰਜੀ ਸਿਆਸਤ, ਕਾਂਗਰਸ ‘ਚ ਹਲਚਲ

Buland kesari/Congress internal conflict Punjab; ਪੰਜਾਬ ਕਾਂਗਰਸ ਦੇ ਸਾਬਕਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਸਾਬਕਾ ਕ੍ਰਿਕਟਰ Navjot Singh Sidhu ਭਾਵੇਂ ਸਰਗਰਮ ਰਾਜਨੀਤੀ ਤੋਂ ਦੂਰ ਹਨ, ਪਰ ਕਾਂਗਰਸ ਵਿੱਚ...

You cannot copy content of this page