Buland kesari/पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) अपने मार्किंग सिस्टम में बदलाव करने जा रहा है। बोर्ड अब ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को अपनाने जा रहा है। बोर्ड ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस बार दसवीं कक्षा की सामाजिक विषय की उत्तर पुस्तिकाओं की मार्किंग नए सिस्टम से करने का फैसला किया है।
पीएसईबी ने ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच शुरू करवा दी है। बोर्ड ने सामाजिक विषय के टीचर्स को ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम की डिटेल ट्रेनिंग भी दी है ताकि मार्किंग करते वक्त उन्हें किसी तरह की दिक्कत न हो।
इस सिस्टम के तहत टीचर्स को स्कूल की कंप्यूटर लैब में ही पेपर चेक करने होंगे। एक टीचर को रोजना पांच उत्तर पुस्तिकाएं चेक करने के लिए मिलेंगी। वह सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक स्कूल में बैठकर उत्तर पुस्तिका चेक कर सकेंगे।
वहीं, सामाजिक विषय के टीचर्स मार्किंग के नए सिस्टम में खामियां गिना रहे हैं। टीचर्स का तर्क है कि इस सिस्टम में इंटरनेट नेटवर्क की प्रॉब्लम आ रही है और इससे टाइम बहुत ज्यादा लग रहा है।

ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को सिलसिलेवार जानिए…
- उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करना: उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके सेव किया जाता है। पूरे प्रदेश का डेटा स्कूल व जिले वाइज रखा जाता है। मार्किंग के लिए फिर उत्तर पुस्तिकाओं की सॉफ्ट कॉपी चेकर के लॉग-इन आईडी में डाली जाती है।
- स्टूडेंट की जानकारियां छुपाना: उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करते वक्त स्टूडेंट का रोल नंबर, नाम व अन्य जानकारियां छुपा दी जाती हैं। इसके बदले एक कोड नंबर लगाया जाता है। मार्किंग के बाद कोड के हिसाब से नंबर सीधे स्टूडेंट के अकाउंट में एड हो जाते हैं।
- चेकर्स लॉगिन में दिखेंगी उत्तर पुस्तिकाएं: ऑन स्क्रीन मार्किंग के लिए चेकर्स का लॉग-इन आईडी बनाया गया है। ओटीपी के जरिए आईडी खुलेगी, ताकि कोई और उसे न खोल सके। उसकी आईडी में उत्तर पुस्तिकाएं शो करेंगी। वहीं से एक- एक करके टीचर क्लिक करेगा। जब तक एक कॉपी पूरी चेक नहीं होती तब तक दूसरी कॉपी नहीं क्लिक की जा सकेगी।
- स्क्रीन पर ही होगी चेकिंग: मार्किंग के लिए टीचर्स को स्क्रीन पर ही ठीक और गलत का टूल मिलेगा। उत्तर पढ़ने के बाद चेकर कर्सर के जरिए उस पर ठीक या गलत का निशान लगाएगा और फिर खुद मार्क क्लिक करेगा। अगर टीचर कुछ रिमार्क लिखना चाहता है तो वो भी लिख सकेगा।
- हर पेज को करना होगा चेक: उत्तर पुस्तिका की मार्किंग करते वक्त टीचर को हर पेज चेक करना होगा। जब तक एक पेज चेक नहीं होता है तब तक अगल पेज नहीं खुलेगा। चेकर को आखिर तक सभी पेज चेक करने होंगे। उसके बाद ही मार्किंग की फाइनल सब्मिशन हो सकेगी।
- खुद लगेगा टोटल: टीचर मार्किंग करते रहेंगे और पेपर चेक होने के बाद सब्मिट करेंगे। सब्मिट होते ही उसका टोटल खुद ही हो जाएगा। टीचर को टोटल करने की जरूरत नहीं होगी।
- आब्जर्वर फिर चेक कर सकता है उत्तर पुस्तिका: चेकर के चेक करने के बाद ऑब्जर्वर रेंडमली किसी भी पेपर को दोबारा चेक कर सकता है और देख सकता है कि पेपर सही से चेक हुआ है या नहीं।

पीएसईबी के टीचर्स को आ रही प्रॉब्लम
सामाजिक टीचर्स यूनियन पंजाब के प्रधान बिक्रमजीत सिंह कद्दों का कहना है कि ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम ठीक है, सिसटम को अपग्रेड करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में इंटरनेक्ट का नेटवर्क नहीं है जिसकी वजह से प्रॉब्लम आ रही है।
उन्होंने कहा कि एक पेपर के अगर आपने सभी प्रश्न चेक कर दिए और आखिरी प्रश्न पर जाकर नेटवर्क ब्रेक हो गया तो पूरा पेपर नए सिरे से चेक करना पड़ता है। इस वजह से टाइम बहुत लग रहा है। उनका कहना है कि इस सिस्टम में सिर्फ एक दिन में सिर्फ 5 उत्तर पुस्तिकाएं ही चेक हो सकती हैं जबकि फिजिकल मार्किंग में एक दिन में 50 से ज्यादा उत्तर पुस्तिका चेक हो जाती हैं।
पायलट प्रोजेक्ट है, सफल रहा तो अडॉप्ट करेंगे
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन अमरपाल सिंह का कहना है कि बोर्ड को डिजिटल किया जा रहा है। ऑन स्क्रीन मार्किंग भी उसकी का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस साल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दसवीं कक्षा के सामाजिक विषय को चुना गया है। सफल रहा तो बोर्ड इसे अडॉप्ट करेगा।

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