Buland kesari/जालंधर में पुलिस ने शहर के वरदान हॉस्पिटल पर फायरिंग करने वाले बंबीहा गैंग के शूटर को मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया। उसके पैर में गोली लगी है। वह गैंगस्टर लक्की पटियाल गैंग से जुड़ा था और मोहाली-मोगा में मोस्ट वांटेड था।
जालंधर के पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने कहा कि हमारे पास स्पेशल इन्फॉर्मेशन थी, उसके तहत CIA स्टाफ ने नाका लगाया था। जब पुलिस टीम ने रुकने के इशारा किया तो वह बाइक भगाकर इस तरफ आ गया। आगे आकर इसकी बाइक स्लिप हो गई, जिसके बाद उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
इसके बाद पुलिस ने भी सेल्फ डिफेंस में फायरिंग की तो उसको गोली लग गई। इसके बाद एंबुलेंस मंगवाकर उसे तुरंत अस्पताल भेजा जा रहा है। इसकी शिनाख्त जोध सिंह जोधा के तौर पर हुई, जो शाहकोट एरिया का रहने वाला है।
पुलिस कमिश्नर ने ये बातें कही…
- सीसीटीवी फुटेज से पहचान हुई: पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने कहा कि करीब 2–3 महीने पहले जालंधर में वरदान अस्पताल के बाहर गेट पर फायरिंग हुई थी, इसी ने वह गोलियां चलाई थीं। आज जो हेलमेट और हथियार इससे बरामद हुआ, यही इसने उस दिन वारदात में भी इस्तेमाल किया था। सीसीटीवी फुटेज से इसकी पुष्टि हुई है।
- मोगा और मोहाली में वांटेड: पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने कहा कि जोधा मोगा और मोहाली पुलिस का भी वांटेड है। पंजाब में दूसरे जगहों पर भी इसने क्राइम किए हैं। विदेश बैठे लक्की पटियाल के कहने पर इसने फायरिंग की थी। इसके और भी साथियों का पता चला है। अब इसका इलाज करवाकर प्रॉपर इंटेरोगेशन करेंगे।
- घटना के पीछे कनाडा में बैठा व्यक्ति शामिल: पुलिस कमिश्नर ने कहा कि मनी ट्रेल के बारे में भी उसने एक–दो नाम बताए हैं कि पैसे कहां जाते हैं और उन्हें कौन संभालता है। इसने पीछे कनाडा के एक व्यक्ति है। उसका वरदान अस्पताल के साथ कोई इश्यू है। उसी ने पैसे देकर ये फायरिंग की वारदात कराई है। हम उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करेंगे।
- फिरौती की कॉल की जांच की जा रही: पुलिस कमिश्नर ने कहा कि कनाडा वाला व्यक्ति कौन है, अस्पताल का क्लाइंट है या कुछ और, इसके बारे में जांच की जा रही है। वरदान अस्पताल को फिरौती की कॉल तो लाखों रुपए की आई थी लेकिन इसे कितने मिलने थे, इसकी जांच की जा रही है।
- विदेश बैठा लक्की पटियाल ही इसे हैंडिल करता था: पुलिस कमिश्नर ने कहा कि ये पक्का क्रिमिनल है। पहले भी इसने कई क्राइम किए हैं। ये आरोपी ऑर्गेनाइज्ड क्राइम का हिस्सा रहा है। विदेश बैठा लक्की पटियाल ही इसे हैंडिल करता था। उसके कहने पर ये वारदातें करता था।

हॉस्पिटल पर 3 सेकेंड में 4 गोलियां चलाईं थी
जानकारी के अनुसार, 28 फरवरी को मोता सिंह नगर स्थित वरदान हॉस्पिटल पर फायरिंग हुई थी। एक बदमाश ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। उसने करीब 3 सेकेंड में 4 गोलियां चलाईं थी, जो सेंटर के गेट को चीरते हुए आर-पार निकल गईं थी। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था।
वारदात के बाद पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने पुलिस की लापरवाही करार देते हुए ACP मॉडल टाउन परमिंदर सिंह और मॉडल टाउन थाने के SHO रविंदर कुमार को सस्पेंड कर दिया था। घटना रात करीब साढ़े 9 बजे हुई थी। गोलियां चलने की घटना के वक्त अस्पताल में स्टाफ के कुछ लोग मौजूद थे।
गोलियों की आवाज के बाद स्टाफ दहशत में आए थे। घटना के बाद पुलिस को अस्पताल के गेट पर गोलियों के निशान मिले थे। हमलवार ने करीब 4 से 5 राउंड फायर किए थे। युवक ने हेलमेट पहन रखा था, इसलिए उसका चेहरा नहीं दिख रहा था।

कौन है लक्की पटियाल, जिसका जिक्र पुलिस कमिश्नर ने किया
बंबीहा गैंग का सबसे बड़ा चेहरा, विदेश से चलता है नेटवर्क; लॉरेंस गैंग से कट्टर दुश्मनी
पंजाब में पिछले एक दशक में गैंगवार का जो दौर देखने को मिला, उसमें दो गुट सबसे ज्यादा चर्चा में रहे—एक तरफ लॉरेंस-गोल्डी बराड़ नेटवर्क और दूसरी तरफ बंबीहा गैंग। बंबीहा गैंग की कमान जिन चेहरों ने संभाली, उनमें सबसे प्रमुख नाम गौरव उर्फ लक्की पटियाल का है। पंजाब पुलिस के मुताबिक, लक्की पटियाल लंबे समय से अर्मीनिया में रहकर अपने नेटवर्क का संचालन कर रहा है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, गैंगवार और आर्म्स एक्ट समेत कई संगीन मामलों में केस दर्ज हैं।
ऐसे शुरू हुआ अपराध का सफर
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, लक्की पटियाल ने छोटे आपराधिक मामलों से अपराध की दुनिया में कदम रखा। धीरे-धीरे उसने हथियारबंद युवकों का अपना नेटवर्क तैयार किया और रंगदारी व गैंगवार में सक्रिय हो गया। कुछ ही वर्षों में उसका नाम पंजाब के मोस्ट वांटेड गैंगस्टरों में शामिल होने लगा।
दविंदर बंबीहा की मौत के बाद बढ़ा कद
सितंबर 2016 में गैंगस्टर दविंदर बंबीहा पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। उसके बाद गैंग कई हिस्सों में बंटा, लेकिन समय के साथ लक्की पटियाल सबसे प्रभावशाली चेहरे के रूप में उभरा। पुलिस का दावा है कि उसने गैंग को दोबारा संगठित किया और पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर तक नेटवर्क फैलाया।
विदेश से ऑपरेट कर रहा गैंग
पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की जांच में कई बार सामने आया कि लक्की पटियाल भारत छोड़कर विदेश चला गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वह अर्मेनिया समेत विदेश के अलग-अलग ठिकानों से इंटरनेट कॉलिंग, एन्क्रिप्टेड ऐप और सोशल मीडिया के जरिए अपने गुर्गों के संपर्क में रहता है। पुलिस का आरोप है कि वह वहीं से रंगदारी मांगने, फायरिंग करवाने और गैंग के मॉड्यूल संचालित करने के निर्देश देता है।
लॉरेंस गैंग से सबसे बड़ी गैंगवार
पंजाब की गैंगवार में लक्की पटियाल और लॉरेंस-गोल्डी बराड़ गैंग की दुश्मनी सबसे चर्चित रही है। दोनों गुटों के बीच कई वर्षों से वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं और जवाबी हमलों के पीछे इनकी गैंगवार की ही वजह रही।
दोनों गैंग सोशल मीडिया के जरिए भी एक-दूसरे को खुली चुनौती देते रहे हैं। किसी वारदात के बाद पोस्ट डालकर जिम्मेदारी लेने या विरोधी गैंग को धमकी देने की घटनाएं कई बार सामने आ चुकी हैं।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद बढ़ी चर्चा
29 मई 2022 को पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद पंजाब की गैंगवार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आई। हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस -गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े लोगों ने ली थी। इसके बाद बंबीहा गैंग के नाम से सोशल मीडिया पर कई पोस्ट सामने आईं, जिनमें विरोधी गैंग को खुली चेतावनी दी गई। जांच एजेंसियों ने इसे दोनों गुटों की पुरानी दुश्मनी का हिस्सा माना।
कैसे काम करता है नेटवर्क
पुलिस जांच के अनुसार गैंग का ऑपरेशन तीन स्तर पर चलता है— विदेश में बैठे मुख्य संचालक, पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ में स्थानीय मॉड्यूल। इसके अलावा फायरिंग और हत्या के लिए किराए या गैंग से जुड़े शूटर।
रंगदारी के लिए पहले इंटरनेट कॉलिंग या सोशल मीडिया के जरिए धमकी दी जाती है। पैसे नहीं देने पर फायरिंग या हमले की साजिश रची जाती है। वारदात के बाद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दहशत फैलाने की कोशिश भी की जाती है।

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