जालंधर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के दौरे के चलते शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक गुरु नानक मिशन चौक पर पुलिस ने मुख्य सड़क को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया। तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि पूरे चौक पर पुलिस का पहरा है और आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो भगवंत मान विपक्ष में रहते हुए वीआईपी कल्चर को लोकतंत्र पर बोझ बताते थे, क्या अब उनकी सरकार भी उसी राह पर चल पड़ी है? मुख्यमंत्री के काफिले और सुरक्षा इंतजामों के लिए शहर की सड़कों को बंद करना आखिर किस हद तक जायज है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बंद होने से दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, मरीज, छात्र और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का आरोप है कि आम जनता की सुविधा की बजाय वीआईपी मूवमेंट को प्राथमिकता दी जा रही है।
हाल ही में मुख्यमंत्री के जालंधर दौरे और विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े पैमाने पर पुलिस तैनाती की खबरें भी सामने आती रही हैं।
जनता पूछ रही है…
क्या वीआईपी कल्चर खत्म करने का वादा सिर्फ चुनावी भाषण था?
आम आदमी की सुविधा से ज्यादा जरूरी वीआईपी मूवमेंट क्यों?
अगर सड़कें घंटों बंद रहेंगी तो जनता को राहत कौन देगा?

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