Buland kesari/चंडीगढ़ में अफसरों का आज नो व्हीकल डे रहा। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के निर्देश पर कोई अफसर साइकिल से तो कोई पैदल ही ऑफिस पहुंचा। इस दौरान प्रशासक गुलाब चंद कटारिया खुद सिटी बस से ऑफिस पहुंचे।
इस दौरान प्रशासक व पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि चंडीगढ़ में यह सफल हुआ तो फिर इसे लागू करने के लिए पंजाब सरकार से भी बात करूंगा। इससे तेल की बचत होने के साथ स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद की गई अपील के चलते यह कदम उठाया गया। इससे पहले प्रशासक चंडीगढ़ में अफसरों के काफिले में गाड़ियों की कटौती की बात भी कह चुके हैं।
दिलचस्प बात यह है कि कर्मचारियों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए CTU ने सुबह ऑफिस टाइमिंग और शाम को छुट्टी के वक्त 17 स्पेशल बसें लगा दीं। इससे हर 15 से 20 मिनट में उन्हें घर के नजदीकी स्टॉप से बसें मिलीं।
नो व्हीकल डे पर पैदल-साइकिल में पहुंचे अफसरों के PHOTOS…






जानिए, नो-व्हीकल डे पर किसने क्या कहा:-
- IG बोले- शरीर के लिए फायदेमंद, पेट्रोल की बचत: चंडीगढ़ के आईजी पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि यह एक एक्सरसाइज भी है और लोगों के शरीर के लिए फायदेमंद भी है। इसलिए मैं तो सभी से कहूंगा कि इसे अपनाना चाहिए। इससे शरीर भी ठीक रहता है और पेट्रोल की भी बचत होती है।
- DC बोले- यह सही फैसला, हर बुधवार लागू रहना चाहिए: चंडीगढ़ DC निशांत कुमार यादव ने कहा कि जो मिडिल ईस्ट में लड़ाई चल रही है, उससे तेल सप्लाई इफेक्ट हुई है। चंडीगढ़ में डीजल और पेट्रोल काफी मात्रा में है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। गवर्नर साहब ने हर बुधवार साइकिल से ऑफिस से आने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं, वह सही है। यह हर बुधवार होना चाहिए।
चंडीगढ़ प्रशासक व पंजाब गवर्नर ने इस पहल पर क्या-क्या कहा:-
- पहले यहां लागू करेंगे, फिर पंजाब सरकार से बात करूंगा: गवर्नर व प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि अब लोगों से विनती करेंगे कि एक दिन कार का प्रयोग न करे। वहीं, मैं सोचता हूं, एकदम तो मैं पंजाब सरकार को नहीं कह सकता हूं, पर पहले मैं अपने यहां प्रयोग करके देखूं कि यह कहां तक बढ़ता है। फिर मैं पंजाब सरकार से भी बात करूंगा कि वो सब लोग भी सहयोग करें।
- हम करेंगे तो हमसे नीचे वाले भी करेंगे: कटारिया ने कहा- हमने अपने सारे स्टाफ से यह कहा था कि बुधवार के दिन आप कोई भी अपनी गाड़ी से ड्यूटी और अपने काम के लिए नहीं आएंगे। एक तरह से देश के संकट के समय में जितना पेट्रोल और डीजल बचा सकते हैं, उसको बचाने का प्रयास करना चाहिए। अगर हम करेंगे तो फिर नीचे वाले लोगों को हमारा कहना उचित भी होगा और उसका पालन कराना भी आसान होगा।
- चंडीगढ़ साइकिल फ्रेंडली शहर: कटारिया ने कहा- हमने पहले हमारी तरफ से शुरुआत की। अब आज हम बाकी सब लोगों से भी कहेंगे कि सप्ताह में एक दिन आप अपना वाहन बंद करो और किसी न किसी सरकारी साधन या साइकिल से जाएं। चंडीगढ़ ऐसा बनाया भी गया है कि अगर कोई साइकिल से चलना चाहे तो थकान नहीं आएगी, स्वस्थ भी रहेगा।
- बच्चे भी स्कूल-कॉलेज साइकिल से जाएं: कटारिया ने कहा- ऐसे बस में जाने में मुझे कोई मुश्किल नहीं है। अगर इसको करना शुरू करें तो ऊपर से करें, तभी उसका असर जाएगा। तो मैं सोचता हूं कि हम लोगों ने पहले अपने से शुरू किया और अब उनसे भी आग्रह करेंगे। विशेष करके हम सारे बच्चों से आग्रह करेंगे कि वो जब अपने स्कूल और कॉलेज जाएं तो साइकिल से जाएं।

Disclaimer:Buland Kesari receives the above news from social media. We do not officially confirm any news. If anyone has an objection to any news or wants to put his side in any news, then he can contact us on +91-98880-00404.








