Buland kesari/जालंधर के 3 युवक पैसों के लालच में पाकिस्तानी जासूस बन गए। तीनों नशे के आदी थे। इसी चक्कर में पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी से इंस्टाग्राम पर जुड़ गए। जिसके बाद इन्होंने सरकारी व संवेदनशील बिल्डिंगों की जानकारी पाकिस्तान भेजनी शुरू कर दी। तीनों की उम्र महज 25 से 30 साल के बीच है। खास बात यह है कि इसमें पहली बार भट्टी के साथी हमजा गुज्जर का भी नाम सामने आया है। जो पाकिस्तान का रहने वाला है लेकिन अब तक इंडिया में एक्टिव नहीं था।
जालंधर पुलिस के खुलासे के बाद भास्कर की टीम तीनों आरोपियों के घर पहुंची। इनमें एक के घर ताला लटका मिला। दूसरे के परिवार ने कहा कि उसके पास तो मोबाइल ही नहीं, पहले बटन वाला होता था, वह भी अब खराब पड़ा हुआ है। तीसरे का पुलिस ने जो पता बताया, वहां उसका घर ही नहीं मिला।
पुलिस ने क्या-क्या दावे किए, आरोपियों के घर क्या माहौल मिला, ये जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट:-

सबसे पहले जानिए, पुलिस कमिश्नर ने क्या दावा किया:-
- प्रदीप सबसे पहले टच में आयाः जालंधर के पुलिस कमिश्नर सतिंदर ने बताया कि उनकी टीम ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो शहजाद भट्टी और हमजा गुज्जर के कहने पर देश के सरकारी डिपार्टमेंट की गतिविधियों को पाकिस्तान पहुंचा रहे थे। उन्होंने बताया कि सबसे पहले प्रदीप सिंह इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी डॉन जो विदेश में बैठा है, उसके टच में आया। सचिन और भरत भी प्रदीप के दोस्त हैं। पैसे के लालच में प्रदीप ने उनको भी अपने काम में शामिल कर लिया।
- 4 महीने में एक्टिव हुए, जालंधर के कई एरिया की सूचना दीः सीपी ने बताया कि तीनों ही युवक आपस में दोस्त हैं। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि तीनों 4 महीने पहले ही पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी और अन्य के संपर्क में आए थे। तीनों सोशल मीडिया पर एक्टिव थे और टेक्निकल इनपुट के आधार पर ही पुलिस इन तक पहुंच पाई है। इंस्टाग्राम के जरिए ही तीनों सरकारी और संवेदनशील इमारतों की जानकारी ये लोग पाकिस्तान भेजते थे। सीपी ने कहा कि नेशनल सिक्योरिटी के चलते हम इमारतों के बारे में नहीं बता सकते लेकिन इन्होंने कई इमारतों की जानकारी दी है।
- भरत वर्मा पर छीनाझपटी का भी पर्चा: गुरुनानकपुरा वेस्ट के दूसरे आरोपी भरत वर्मा के खिलाफ जालंधर पुलिस के रिकॉर्ड में आपराधिक मामला भी दर्ज है। सीपी सतिंदर सिंह ने कहा कि भरत ने 2022 के करीब किसी से छीनाझपटी की थी, जिसके चलते उसके खिलाफ केस दर्ज है। उसे अरेस्ट कर लिया गया और पुलिस पूछताछ कर रही है।
- BSF ब्लास्ट को जोड़कर भी पूछताछ की जाएगीः एक सवाल के जवाब में सीपी सतिंदर सिंह ने कहा कि जालंधर में बीते दिनों जो इंसिडेंट हुए हैं, उनके संबंध में भी इनसे पूछताछ की जाएगी। जालंधर में बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर स्कूटी में हुए ब्लास्ट मामले में भी पूछताछ होगी। अगर कहीं लिंक निकला तो उसके तहत भी पर्चे की धाराओं में बढ़ोतरी की जाएगी।
अब जानिए अरेस्ट के बाद दोनों युवकों के घरों का हाल…
आरोपी-1 सचिन खोसला: आलीशान घर, गेट पर लटका मिला ताला जालंधर के गुरुनानकपुरा वेस्ट में सचिन का एक छोर से बंद बंद गली में घर है। घर के बाहर 82 नंबर लिखा है। गेट पर मोटा ताला लटका मिला। गली में ही खड़ी एक महिला से पूछा कि परिवार कहां है तो जवाब मिला कि यहां एक बुजुर्ग आन्टी रहती है और 2 दिन से यहां नहीं है। भरत की अरेस्ट के बारे में पूछा तो कहने लगी की मैं यहां किराए के मकान में रहती हूं, ज्यादा जानकारी नहीं है लेकिन इनका बेटा है। कभी-कभार ही घर आता था। उसे पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है, इसकी जानकारी नहीं। पुलिस यहां तो नहीं आई थी।

आरोपी-2 भरत वर्मा: पिता की 10 महीने पहले मौत, घर पर बुजुर्ग मां सचिन के घर से एक गली छोड़कर ही भरत वर्मा का घर है। गली में ही किराना की दुकान चलाने वाले दुकानदार से जब युवकों के बारे में पूछा तो कहने लगा कि आपसे ही पता चला है। ये लोग कभी दुकान पर नहीं आए, इसलिए जानता नहीं हूं। भास्कर टीम जब भरत वर्मा के घर पहुंची तो गेट के अंदर तेज कदमों से एंट्री लेती एक महिला मिली।
उनको रोककर पूछा कि क्या यह भरत वर्मा का ही घर है, तो कहने लगी जी, ये उसी का घर है। उससे पूछा कि आप भरत की क्या लगती हैं तो बताया कि वो मेरा देवर है। जब उससे पूछा कि आपके देवर को पुलिस ने क्यों अरेस्ट किया तो कहने लगी कि पता नहीं। हमें पुलिस ने अरेस्ट के बारे में बताया है लेकिन कारण नहीं बताया।

घर के अंदर आओ, बैठकर बात करते हैं भास्कर टीम से महिला ने पूछा कि आप कौन हैं। उनको जानकारी दी तो कहने लगी कि अंदर आ जाइए, बैठकर बात करते हैं। महिला ने बताया कि उसका देवर दिहाड़ी का ही काम करता था। जहां काम मिलता था, चला जाता था। अब कई दिन से घर नहीं आया। उसने बताया कि देवर ने पाकिस्तान को सूचना देने जैसी कोई घटना की हो, इसका तो उनको भी नहीं पता।
भतीजा बोला-चाचा के पास तो मोबाइल तक नहीं घर में ही भरत वर्मा का भतीजा मिला। उसने बताया कि वह प्राइवेट नौकरी करता है। उसे भी ड्यूटी से घर आकर ही पता चला कि चाचा को पुलिस ने पकड़ लिया है। भतीजे ने कहा कि पुलिस ने जो प्रेस कॉन्फ्रेंस की है, उसमें मोबाइल से जानकारियां पाकिस्तान भेजने की बात कही है, लेकिन उसके चाचा के पास तो मोबाइल ही नहीं है।
कुछ समय पहले तक बटन वाला फोन था और अब वह भी खराब है। जब उससे पूछा कि आपके साथ वाली गली के सचिन को भी अरेस्ट किया गया है, क्या तुम्हारा चाचा और सचिन एक-दूसरे को जानते हैं, तो कहने लगा कि सचिन उनके घर तो कभी नहीं आया। बाहर कहीं मिलते हों तो कह नहीं सकता।
मां बोली-पुलिस से कोई अपील नहीं करनी है भरत वर्मा की बुजुर्ग मां से पूछा कि क्या बेटे के लिए पुलिस से कोई अपील है तो कहने लगी कि नहीं। हमें तो पता ही नहीं चल रहा कि उसे क्यों पकड़ा है। अभी वह अपने पति की डेथ के गम से नहीं उबरी थी कि अब बेटे ने पता नहीं क्या कर दिया। बुजुर्ग महिला ने बताया कि उसके पति दुकान चलाते थे। 10 महीने पहले ही उनकी मौत हुई है। एक बड़ा बेटा है, उसकी शादी हो चुकी है। भरत की अभी शादी करनी थी।
आरोपी-3 प्रदीप
किसी को इसके बारे पता नहीं, वोटर सूची में भी नहीं मिला पुलिस के जारी प्रेस नोट में प्रदीप सिंह का पता कमल विहार में मकान नंबर 25 बताया गया है। कमल विहार पहुंचने पर लोगों से घर का पता किया तो किसी तो प्रदीप सिंह नामक युवक का पता नहीं था। किसी ने एक गली तो किसी ने दूसरी गली में एड्रेस बताया। घर ढूंढते हुए वोटर सूची लिए एक बीएलओ मिले जिनसे मदद मांगी मगर वोटर लिस्ट में भी पता नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने बताया कि जालंधर में 3 कमल विहार हैं, पता नहीं कि ये किस कमल विहार का होगा लेकिन रामामंडी थाने में उनका कमल विहार इलाका ही आता है।

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