Buland kesari/जालंधर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अंग फाड़ने के मामले में पुलिस ने फिल्लौर थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, शिरोमणि कमेटी ने गुरुद्वारा साहिब से गुरु के स्वरूप को उठा लिया है। गांव से गुरु को विदा होते देख संगत के आंसू बहने लगे। गुरु की सेवा और गुरुद्वारे में माथा टेकने वाली महिलाएं रोने लगीं।
महिलाओं ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि गुरु साहिब को इस तरह विदा करना पड़ेगा। जो घटना हुई वो काफी दुखदायी है। वे रोज गुरुद्वारा साहिब में सेवा के लिए आती थीं। अब आगे गुरु के दर्शन नहीं कर पाएंगे।
शुक्रवार को एक युवक ने माहलां के गुरुद्वारा साहिब में घुसकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 6 अंग फाड़ दिए थे। हांलाकि कुछ घंटों बाद ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

3 पॉइंट में पढ़िए संगत ने क्या बताया…
- संगत में एकता न होने पर घटी घटना: गांव की एक महिला ने बताया कि संगत में एकता न होने के कारण ही ये बेअदबी हुई है। इसमें हमारी भी कुछ गलतियां हैं। हमने अपने लिए तो बड़े-बड़े घर बना लिए, लेकिन गुरुघर की हालत को नहीं सुधारा। गुरुघर एक कमरे में चल रहा था और उसकी हालत भी सही नहीं थी।
- गुरुघर की छत में जाती थी सीलन: गांव की संगत ने बताया कि गुरुघर की छत पुरानी थी। कई बार ज्यादा बारिश होने से सीलन और पानी भी आ जाता था। अभी गुरुघर की कोई कमेटी भी नहीं बनी थी। न ही मेंटेनेंस हो पा रही थी। महिलाओं ने बताया कि कुछ दिन पहले ही कमेटी बनाने पर चर्चा चल रही थी। गांव वालों की योजना थी कि कमेटी बनाने के बाद सभी लोगों के सहयोग से गुरुघर को बड़ा बनाया जाएगा, लेकिन इससे पहले ही ये सब हो गया।
- महिला संगत बोली- हमें इंसाफ चाहिए: गुरुघर से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप की विदाई पर महिला संगत भावुक हो उठी। संगत में से कुछ लड़कियां फफक-फफक रो रही थी। उन्होंने कहा कि जिस किसी ने भी हमारे गुरु के साथ ऐसा किया है, उसे सजा मिलनी चाहिए। इसके साथ ही हमें इस मामले में इंसाफ मिलना चाहिए। इंसाफ के अलावा उनकी ये मांग है कि गुरुघर की मर्यादा को फिर से बहाल करके गुरु साहिब जी का यहां पर प्रकाश होना चाहिए।

बच्चे को किसी ने उकसाया गांव के लोगों ने गिरफ्तार बच्चे को लेकर भी नरमी दिखाई। उन्होंने कहा कि बच्चा समझदार नहीं है। दसवीं क्लास में पढ़ रहा था, लेकिन दिमाग विकसित नहीं हो पाया था। लोगों ने शक जताया कि बच्चा खुद से ऐसा नहीं कर सकता। उसे किसी ने ऐसा करने के लिए उकसाया है।
SSP विर्क बोले- बच्चा मानसिक रूप से कम विकसित जालंधर देहात पुलिस SSP हरविंदर सिंह विर्क ने कहा कि घटना का पता चलते ही तुरंत DSP फिल्लौर भरत मसीह को मौके पर भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच की। प्राथमिक जांच में बच्चा मानसिक तौर पर कमजोर पाया गया है। अभी ये मामला जुबिनाइल का बनता है। उसी के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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