Buland kesari/जालंधर में भीषण सड़क हादसे में होशियारपुर के दसूहा का परिवार उजड़ गया। हादसे में सेना की रेजिमेंट के जवान रुपिंदर सिंह, उनकी मां, पत्नी और डेढ़ साल के बेटे की मौत हो गई। रुपिंदर बेटा होने की मन्नत उतारने के लिए 3 दिन पहले छुट्टी घर लेकर आए थे।
रूपिंदर ने घर आते ही महाराष्ट्र के श्री हजूर साहिब जाने की तैयारी शुरू कर दी थी। रविवार को पत्नी को शॉपिंग करवाई थी। रूपिंदर के रिश्तेदार अमनजीत सिंह ने बताया कि पिता ने भी साथ जाना था। लेकिन ऐन मौके पर जाने से मना कर दिया। घर में बन रहे एक कमरे का लेंटर डाला जाना था। जिसके चलते पिता घर पर ही रूक गए।
सोमवार सुबह तड़के रुपिंदर मां संतोष कौर, पत्नी हरप्रीत कौर और डेढ़ साल के बेटे अरवप्रीत सिंह के साथ अपनी कार से निकले थे। वाहेगुरु की फतेह बुलाते हुए परिवार की गाड़ी दसूहा से करीब 45 किलोमीटर आगे किशनगढ़ में जौहर ढाबे के पास बरेली से जम्मू की तरफ जा रही कार से टकरा गई। मौके पर ही सभी लोगों ने दम तोड़ दिया।
रिश्तेदार ने बताया कि सभी ने जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन से श्री हजूर साहिब के लिए ट्रेन पकड़नी थी। गाड़ी को जालंधर में ही पार्क करना था।

एक झटके में परिवार के बिखरने की कहानी…
जवान की 4 साल पहले हुई थी शादी दसूहा के गांव हिम्मतपुरा के रहने वाले रुपिंदर जम्मू-कश्मीर के राजौरी में भारतीय सेना की 30 पंजाब रेजिमेंट में तैनात थे। उनकी सेना में 13 साल की सेवा हो चुकी थी। रिश्तेदारों के मुताबिक, करीब चार साल पहले उनकी शादी नौशेरा की रहने वाली हरप्रीत कौर से हुई थी। डेढ़ साल पहले उनके घर बेटे का जन्म हुआ।
3 दिन पहले छुट्टी लेकर घर आए थे उन्होंने मन्नत मांगी थी कि अगर बेटा हुआ तो वह परिवार के साथ हजूर साहिब में माथा टेकने जाएंगे। बेटे के जन्म के बाद वह कई बार छुट्टी लेकर घर आए, लेकिन किसी न किसी कारण यात्रा नहीं हो सकी। इस बार उन्होंने हर हाल में श्री हजूर साहिब जाने का मन बनाया। इसके लिए वह दो दिन पहले ही राजौरी से छुट्टी लेकर अपने घर पहुंचे थे।

घर में काम के चलते पिता नहीं गए परिवार को ढांढस बंधाने के लिए पहुंचे रिश्तेदारों ने बताया कि रुपिंदर सिंह ने पिता सुरेंदर सिंह को भी साथ चलने के लिए कहा था। लेकिन वो माने नहीं। पहले पूरे परिवार ने एक साथ जाने का प्लान बनाया था। लेकिन घर में बन रहे एक कमरे का लेंटर डाला जाना था। जिसके चलते पिता घर पर ही रूक गए।
रात तक शॉपिंग करते रहे रिश्तेदार ने बताया कि रुपिंदर श्री हजूर साहिब जाने के लिए बहुत उत्साहित थे। उन्होंने घर आने के बाद रेस्ट तक नहीं की। छुट्टी आते ही जाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी। हादसे से पिछले दिन रविवार रात तक वह पत्नी और बच्चे के लिए शॉपिंग करता रहे।
रुपिंदर सिंह खुद ड्राइव कर रहे थे कार उन्होंने जालंधर सिटी से श्री हजूर साहिब के लिए ट्रेन पकड़नी थी। जिसके लिए उन्होंने पहले से ही टिकट करवाकर रखे थे। सोमवार सुबह 4 बजे रुपिंदर सिंह परिवार को लेकर अपनी गाड़ी (बलेनो) से जालंधर के लिए निकले। कार को खुद रुपिंदर ड्राइव कर रहे थे।

कार बेकाबू होकर क्रेटा से टकराई जालंधर के किशनगढ़ के पास जौहल ढाबे के समीप सुबह 5 बजकर 41 मिनट पर उनकी कार बेकाबू होकर दूसरी तरफ जाकर क्रेटा गाड़ी से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों कारों के परखच्चे उड़ गए। इसमें रुपिंदर सिंह, उनकी मां, पत्नी और डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई।
क्रेटा में सवार 5 लोग भी घायल वहीं क्रेटा कार (UP21 CJ 9595) में सवार उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। एसएसएफ टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हादसे की खबर मिलते ही पिता बिलख पड़े रिश्तेदार ने बताया कि 6 बजे के करीब हादसे की सूचना मिलने के बाद घर पर पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पिता सुरेंदर का कहना था कि अभी कुछ घंटे पहले ही तो उन्होंने पूरे परिवार को माथा टेकने के लिए खुशी-खुशी भेजा था। सुबह ही रुपिंदर के घर पर ढांढस बंधाने वाले लोग एकत्रित हो गए।
बड़े भाई के पहुंचने पर होगा संस्कार पुलिस ने सिविल अस्पताल जालंधर से चारों डेडबॉडी को पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार के सौंप दिया गया है। चारों का अंतिम संस्कार मंगलवार को दोपहर बाद होगा। बड़े भाई के ग्वालियर से पहुंचने के बाद चिता को मुखाग्नि दी जाएगी। बहन इंग्लैंड में होने के चलते पंजाब नहीं आ सकती। उसे परिवार में हुई मौतों के बारे में बता दिया गया है। रुपिंदर के बड़े भाई भी सेना में हैं।

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