Buland kesari/लुधियाना में 10 दिन पहले खाली प्लाट में मिली जली हुई लाश मामले का खुलासा करते हुए थाना मेहरबान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मरने वाले की पहचान संजय सिंह (42) निवासी ग्यासपुरा के रूप में हुई है। वह अपने इलाके की ही एक लड़की को परेशान करता था। इसी कारण उस लड़की के भाई मुन्ना कुमार ने अपने दो साथी राजेश और मंगल की मदद से उसे मौत के घाट उतार दिया।
आरोपियों ने मृतक की पहचान छिपाने के लिए लाश को जला दिया, ताकि सबूत मिटाए जा सके। उस समय मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी। लेकिन पुलिस जांच के बाद जब उसकी पहचान हुई तो पुलिस ने उसके कमरे से लेकर घटना स्थल तक सभी सीसीटीवी कैमरे चेक किए। जिसके बाद पुलिस ने तीन लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया।

5 जनवरी को मिला था संजय का खाली प्लाट से शव
जानकारी देते हुए DCP जसकरणजीत सिंह तेजा ने कहा कि 5 जनवरी को थाना मेहरबान के इलाके में एक खाली प्लाट में शव मिला था। शव पूरी तरह से जलाया हुआ था और दो टुकड़ों में था। मरने वाले की किसी तरह की कोई पहचान नहीं हो रही थी।
शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर 72 घंटों के लिए पहचान के लिए रखा था। कई थानों में जिन गुमशुदा लोगों की शिकायतें आई थी उस पर भी पुलिस टीमों ने काम करना शुरू कर दिया था। सीआईए-1 की टीम इस केस को हल करने में जुटी हुई थी।
हत्यारोपियों ने हत्या के बाद जेब से निकले 50 हजार
जांच दौरान पता चला कि थाना साहनेवाल में 5 जनवरी को एक व्यक्ति के गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज थी। उस व्यक्ति के पारिवारिक सदस्यों को शव की पहचान करने के लिए बुलाया। पहचान होने के बाद पता चला कि मरने वाला व्यक्ति संजय (42) है जो कि ग्यासपुरा इलाके का रहने वाला है।
पुलिस जांच दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी मुन्ना, राजेश और मंगल है। तीनों ने मिलकर संजय की हत्या की है। हत्या के बाद संजय की जेब से हत्यारों ने 50 हजार की नकदी भी निकाल ली। उसका एटीएम जेब से निकालकर 10 हजार रुपए भी निकलवाए।
पुलिस ने आरोपियों से लोहे की वह राड भी बरामद की है जिससे संजय की हत्या की गई। पुलिस ने आरोपियों से दो वाहन बरामद किए है। एक बाइक पर हत्यारों ने शव को लादा तो दूसरे बाइक की मदद से शव ले जाते समय रेकी की।

15 किलोमीटर दूर लेजाकर फेंका शव
हत्यारों ने संजय को मिलने के बहाने ग्यासपुरा इलाके में एक कमरे में बुलाया। संजय जैसे ही कमरे में दाखिल हुआ तो तीनों हत्यारों ने उसके सिर पर राड मारे। तीनों बदमाशों ने उसे वहीं मौत के घाट उतार दिया।
हत्या का किसी को शक ना हो इसलिए रात 12 बजे के बाद बाइक पर शव के दो टुकड़े कर वारदात से करीब 15 किलोमीटर दूर थाना मेहरबान के इलाके में फेंक दिया। हत्यारों ने शव को बाइक से पेट्रोल और नायलन का कपड़ा डालकर जलाया। हत्या के सबूत मिटाने के लिए बदमाशों ने उसकी लाश को खुर्द बुर्द कर दिया।
बहन को करता था तंग इसी कारण की हत्या
मुख्यारोपी मुन्ना ने पुलिस पूछताछ में बताया कि संजय उसकी बहन को पिछले 5 साल से तंग परेशान करता था। इस कारण उसने अपने दो दोस्तों की मदद से उसकी हत्या कर दी। मुन्ना के साथी राजेश ने पुलिस को बताया कि संजय ने उसे एक ऑटो लोन पर दिलवाया था। उसने उस ऑटो की करीब 1 लाख की किश्तें भी दी थी। करीब 40 से 50 हजार रुपए उसने डाउन पेमेंट दी थी।
राजेश ने पुलिस को बताया कि उसे पहले लगा कि शायद उसका ऑटो फाइनांस वाले ले गए है लेकिन बाद जब पता चला कि संजय ने शरारत करके उसका ऑटो संजय नाम के व्यक्ति को बेच दिया। इसी रंजिश में उसने मुन्ना का हत्याकांड में साथ दिया। तीसरा आरोपी मुन्ना जेल से बाहर आया है। उसकी आपराधिक सोच के कारण वह हत्यारों के साथ इस केस में नामजद है। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी डालकर कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा।

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