Buland Kesari/ जालंधर में एक बेहद दुखद घटना आज सामने आई है। जहां सीनियर एडवोकेट परमिंदर सिंह ढींगरा जो कि सिख स्टूडेंट फेडरेशन के प्रधान भी थे, उनका गोली मारकर कत्ल कर दिया गया है।
एडवोकेट परमिंदर सिंह ढींगरा वैसे तो बस्ती शेख में रहते थे पर उनका एक फ्लैट जालंधर की ग्रोवर कॉलोनी में भी था। मिली जानकारी अनुसार आज दोपहर 12:00 के करीब ढींगरा कोर्ट से फ्री होकर इस फ्लैट पर पहुंचे थे। कुछ देर बाद ही उनके परिवार वालों को यह पता चला कि उन्हें गोली लग गई है।
धीरे-धीरे जैसे-जैसे खबर शहर में फैली मौके पर मीडिया कर्मचारी और पुलिस वाले पहुंच गए। लेकिन तकरीबन 3 घंटे तक पुलिस ने मौका ए वारदात पर उस घर को सील करके रखा जहां पर एडवोकेट ढींगरा की लाश पड़ी थी।
धीरे-धीरे जब सिख स्टूडेंट फेडरेशन और ढींगरा परिवार के सदस्य मौके पर इकट्ठे हो गए तो वहां माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। लोगों ने आरोप लगाया के 3 घंटे से पुलिस ने उसे घर को बंद रखा हुआ है,जहां परमिंदर ढींगरा की डेड बॉडी पड़ी है।
ना तो उन्हें यह बताया जा रहा है कि ढींगरा को हुआ क्या है, उन्हें गोली कैसे लगी? और ना ही यह बताया गया है कि आखिर गोली लगने के तुरंत बाद एडवोकेट ढींगरा को अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया? माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया की सिख स्टूडेंट फेडरेशन के सदस्यों ने कोठी का गेट तोड़ डाला और जबरन अंदर घुस गए।
मौके पर थाना प्रभारी परमिंदर सिंह थिंद ने सभी लोगों को शांत किया और बताया कि प्राथमिक जांच में सिर्फ इतना पता चला है कि एडवोकेट ढींगरा के टांग पर गोली लगी। जिससे वह सीढ़ियों से नीचे गिर गए और सर पर चोट लगने से उनकी मृत्यु हो गई। यह घटना उनके फ्लैट के सामने वाले घर में घटित हुई। जहां राजकुमार, उनकी पत्नी परमिंदर कौर और उनका बेटा रहते हैं।
राजकुमार इमिग्रेशन का काम करता है और उनका बेटा पीएपी शूटिंग रेंज में शूटिंग सीखता है। गोली क्यों चलाई गई, झगड़ा किस बात पर हुआ? यह अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया!
फिलहाल घर के तीनों सदस्यों को पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है। परंतु वहीं एडवोकेट ढींगरा के परिवार वाले और सिख स्टूडेंट फेडरेशन के सदस्य पुलिस की इस स्टोरी को सिरे से नकारते दिखे।
उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। आनन फानन में पुलिस ने एडवोकेट ढींगरा की डेड बॉडी घर के पिछले दरवाजे से निकलकर पुलिस की गाड़ी में ही सिविल अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए पहुंचाई।
खबर लिखने तक अभी परिवार वालों के बयान पुलिस ले रही थी। अब देखना यह होगा कि एफआईआर में पुलिस कौन सी धाराओं के तहत और किन-किन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करती है। वहीं दूसरी और परिवार वालों और सिख स्टूडेंट फेडरेशन के सदस्यों का कहना था कि जब तक आरोपियों के खिलाफ और सारे केस में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती वे एडवोकेट ढींगरा का संस्कार नहीं होने देंगे।
मौके पर जिला बार एसोसिएशन के प्रधान आदित्य जैन एडवोकेट केपीएस गिल, एडवोकेट जीएस परुथी, एडवोकेट परमिंदर सिंह विग, एडवोकेट प्रितपाल सिंह, एडवोकेट रतन दुआ, सहित अनेको वकील भी पहुंचे थे जिन्होंने पुलिस को सारे मामले में कड़ी कार्रवाई करने की अपील की और पुलिस कमिश्नर से मांग की कि इस मामले में कोई भी लापरवाही ना बढ़ती जाए। क्योंकि बाहर का सीनियर एडवोकेट कत्ल किया गया है इस मामले में अगर कोई ढील बरती गई तो इसके नतीजे गंभीर होंगे। मौके पर पार्षद मनजीत सिंह टीटू और राजीव ढींगरा भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।

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