Buland kesari ;- नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट 2013 के तहत केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों को मदद पहुंचाने के मकसद से मुहैया करवाई जा रही फ्री गेहूं का लाभ उठाने वाले 2,62,558 लाभपात्र केंद्र सरकार द्वारा अब फ्री में दिए जा रहे राशन के लाभ से वंचित कर दिए गए हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के मुताबिक उक्त लाभ पात्र लुधियाना जिले से संबंधित हैं जिन्होंने केंद्र सरकार द्वारा बार-बार मौका दिए जाने के बावजूद भी अपनी ई.के.वाई.सी. नहीं करवाई है।
हालांकि उक्त सभी परिवारों को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा अपने इलाके के नजदीकी राशन डिपुओं में जाकर निशुल्क रूप में ई.के.वाई.सी. करवाने का लाभ दिया गया है जिसके लिए विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित राशन डिपो होल्डरों द्वारा समय-समय पर जागरूक भी किया गया लेकिन बावजूद इसके इतनी बड़ी संख्या में लाभपात्रों द्वारा ई.के.वाई.सी. करवाने के लिए आगे नहीं आना कई तरह के शक पैदा करता है, जिसे लेकर अधिकतर डिपो होल्डरों सहित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों की नीयत पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। अगर केंद्र सरकार द्वारा इस मामले की किसी प्राइवेट एजैंसी से जांच करवाई जाए तो अधिकतर दबंग डिपो मालिकों सहित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों द्वारा सरकारी अनाज की कालाबाजारी कर कमाए गए करोड़ों रुपए और बेनामी संपत्ति के बड़े खुलासे हो सकते हैं।
ई.के.वाई.सी. करवाने के लिए लोगों को आगे आने की अपील
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की कंट्रोलर मैडम शिफाली चोपड़ा और सरताज सिंह चीमा ने आम जनता को अपनी ई.के.वाई.सी. करवाने के लिए आगे आने की अपील की है ताकि कोई भी गरीब और जरूरतमंद परिवार सरकार की बहुमूल्य योजना से वंचित न रह सके। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा ई.के.वाई.सी. नहीं करवाने वाले लाभपात्रों के नाम सिस्टम में लॉक कर दिए गए हैं जो कि राशन डिपुओं से अब गेहूं का लाभ नहीं ले सकेंगे। जैसे-जैसे लोग राशन डिपुओं पर जाकर ई.के.वाई.सी. करवाते जाएंगे उनके नाम सिस्टम में जुड़ जाएंगे ।

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