Buland kesari /अर्बन स्टेट फेस टू में सुपर मार्कीट के बाहर किडनी अस्पताल के डॉ. राहुल सूद को गोली मारने का मामला पुलिस ने पांच दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रेस कर लिया है। लुटेरे जालंधर के ही निकले है और हैरानी की बात है कि उक्त बदमाश प्रवासी परिवार से संबंधित है। पुलिस ने बदमाशों के घरों में रेड भी की लेकिन तीनों आरोपी फरार थे जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों पर दबाव बनाने के लिए उनके परिजनों को हिरासत में लिया है।
फिलहाल पुलिस ने मामला ट्रेस होने की पुष्टि नहीं की है। लेकिन जल्द ही इस मामले में पुलिस प्रैस कांफ्रैंस करके खुलासा करेगी। सूत्रों की माने तो पुलिस ने पांच दिनों में 250 से ज्यादा सी.सी.टी.वी. कैमरे चेक करके यह सफलता हासिल की। पुलिस ने अर्बन स्टेट फेस टू से ही आरोपियों का रूट ब्रेक करना शुरू कर दिया था। हालांकि बीच रास्ते में आरोपियों ने पुलिस को चकमा देने के लिए कई रस्ते बदले लेकिन जालंधर पुलिस की टीमों ने भी कोई कसर न छोड़ते हुए कड़ी मेहनत से इन्वैस्टिगेशन करते हुए आरोपियों का सटीक रुट ब्रेक किया।
पुलिस अर्बन स्टेट से कैमरे चेक करते हुए दोमोरिया पुल, किशनपुरा चौक, दोआबा चौक, सोढ़ल से होते हुए छोटा सईपुर रोड और फिर वेरका मिल्क प्लांट इलाके में पहुंच गई। यहां जाकर पुलिस की टीमों ने टैक्निकल इन्वैस्टिगेशन और ह्यूमन सोर्सिस की मदद से आरोपियों की पहचान कर ली। पुलिस को उनके घर के पते भी मिले जहां पर पुलिस टीमों ने रेड की तो आरोपी घरों से फरार मिले। पुलिस ने उनके परिजनों को हिरासत में लिया है।
उधर पुलिस इस थ्योरी पर जांच कर रही है कि आरोपियों ने डॉक्टर राहुल सूद को किडनेप करने की कोशिश करनी थी और फिर फिरौती की काल की जानी थी। सूत्रों का दावा हैं कि हड़बड़ी में गोली चलने के कारण आरोपियों ने काल नहीं किया। बाकी सच्चाई आरोपियों से पूछताछ के बाद ही सामने आएगी कि उनकी वारदात के पीछे मंशा क्या थी।
बता दें कि बीते मंगलवार किडनी अस्पताल के डॉक्टर राहुल सूद निवासी जालंधर हाइट्स अस्पताल से छुट्टी के बाद रात 8 बजे अर्बन स्टेट फेस टू में सुपर मार्कीट में सामान लेने गए तो अस्पताल से ही पीछे लगे लुटेरों ने उन्हें गाड़ी का लॉक खोलते ही जबरदस्ती कार में बैठाने की कोशिश की। उन्होंने विरोध किया और सब कुछ ले जाने की ऑफर भी की लेकिन बदमाश उन्हें गाड़ी में धकेलते रहे। विरोध करने पर एक आरोपी से गोली चल गई जो राहुल सूद को लगी। गोली चलने के बाद आरोपी एक ही बाइक पर फरार हो गए थे।
ए.सी.पी. के नेतृत्व में 3 पुलिस टीमों ने आरोपियों के घरों में रेड
शाम करीब चार पांच बजे ए.सी.पी. के नेतृत्व में तीन गाड़ियों में सवार होकर आई पुलिस टीमों ने आरोपियों के घरों पर रेड की। पुलिस को शक था कि अगर आरोपी घरों में मिले तो वह फायरिंग कर सकते है जिसके चलते पुलिस ने आम लोगों की सुरक्षा समेत सैल्फ डिफैंस के भी पुख्ता इंतजाम कर रखे थे। हालांकि आरोपियों का कोई पंजाब में पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं निकला है लेकिन शक जताया जा रहा है कि उक्त बदमाशों ने शहर में कई लूट की वारदातें की हो सकती है।
बिना बेरिफिकेशन के किराए पर दे रखा था क्वाटर
सूत्रों के मुताबिक आरोपी तीनों युवक जिस क्वाटर में रह रहे थे, उसके मालिक ने बिना पुलिस बेरिफिकेशन करवाए इन्हें ठहराया हुआ था। हैरानी की बात की है इतने संवेदनशील माहौल में लोग किरायेदारों की बेरिफिकेशन न करवा कर शहर के लोगों की सुरक्षा और पुलिस विभाग के आदेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं, लेकिन ऐसे एस.एच.ओज पर कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने अपने इलाके में आने वाले पी.जी., क्वार्टर, आदि में रहने वाले किरायेदारों की बेरिफिकेशन के लिए कभी सर्च या चैकिंग तक नहीं की।

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