जालंधर के कूल रोड क्षेत्र में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां पंजाब नेशनल बैंक और पुराने ED ऑफिस वाली इमारत पर पेंट कर रहे दो मजदूर ऊँचाई से गिरकर जान गंवा बैठे। यह हादसा शाम करीब 5 बजे हुआ, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दोनों मजदूरों के शवों को सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया गया है।
जालंधर (Jalandhar) में हुए इस हादसे में मारे गए मजदूरों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि दोनों की उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों मजदूर इमारत की पांचवीं मंजिल पर पेंट कर रहे थे। घटनास्थल पर मौजूद एक बुजुर्ग सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि सीढ़ी पर खड़े होकर काम करते समय एक मजदूर का पैर अचानक फिसल गया।
जैसे ही वह नीचे गिरने लगा, उसके साथ काम कर रहा दूसरा मजदूर उसे बचाने के लिए तुरंत उसके हाथ पकड़ने की कोशिश करने लगा। लेकिन इस कोशिश में दोनों का बैलेंस बिगड़ गया और दोनों एक साथ नीचे गिर पड़े। गिरते ही आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि यह दोनों मजदूर आज ही पहली बार इस इमारत पर पेंट करने आए थे। वे साइकिल पर आए थे और उनकी साइकिल अभी भी इमारत के भीतर खड़ी मिली। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वे शायद आसपास ही किसी इलाके में रह रहे थे या फिर रोज़मर्रा मजदूरी के तौर पर अलग-अलग जगह काम करने वाले श्रमिक थे।
सेफ्टी बेल्ट नहीं पहन रखी थी
हादसे की सबसे चिंताजनक बात यह है कि दोनों मजदूरों ने सेफ्टी बेल्ट नहीं पहन रखी थी। सुरक्षा गार्ड ने बताया कि उन्हें सेफ्टी बेल्ट दी गई थी, लेकिन उन्होंने उसे पहना नहीं था। हालांकि, पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या बेल्ट वास्तव में मानक के अनुरूप थीं या नहीं। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ऊँचाई पर काम करने वाले मजदूरों के लिए सुरक्षा उपकरण अनिवार्य होने के बावजूद, यहां सुरक्षा प्रोटोकॉल का ठीक से पालन नहीं किया गया।
मौके पर पहुंची पुलिस, जांच जारी
हादसे की सूचना मिलते ही बस स्टैंड चौकी इंचार्ज और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मजदूरों को एंबुलेंस के जरिए सिविल अस्पताल भिजवाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे जांच कर रहे हैं कि—
- मजदूरों को सुरक्षा उपकरण दिए गए थे या नहीं,
- यदि दिए गए थे तो क्या वे सुरक्षा मानकों के अनुरूप थे,
- और ठेकेदार की क्या जिम्मेदारी बनती है।
- पुलिस ने कहा कि शुरुआती नजर में यह मामला गंभीर सुरक्षा लापरवाही का प्रतीत होता है।
सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी टीम का कहना है कि अभी तक न तो मजदूरों के परिवार वाले पहुंचे हैं, और न ही ठेकेदार की तरफ से कोई जानकारी देने आया है। दोनों शव खून से लथपथ हालत में पहुंचे, और पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा है। उनकी जेबों से कोई दस्तावेज, मोबाइल या पहचान पत्र नहीं मिला है।

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