Buland kesari/पंजाब के गुरदासपुर में 2 पुलिस कर्मचारियों की हत्या के बाद हुए एनकाउंटर पर पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने सवाल उठाए हैं। भट्टी ने दावा किया कि पंजाब पुलिस का ये एनकाउंटर फेक है। जिस रणजीत सिंह को मारा गया है वो पुलिस को मारने वालों में शामिल ही नहीं था। इसे लेकर शहजाद भट्टी ने ऑडियो जारी किया है।
डाकू नाम के इंस्टा पेज पर डाले इस ऑडियो में भट्टी ने कहा- पंजाब पुलिस सिखों के खिलाफ जुल्म कर रही है। अगर मैंने पहले पुलिस वालों को मारने का वीडियो डाला था तो मुझे ये भी पता है कि ये कत्ल किसने किए हैं और किसने करवाए हैं। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि एनकाउंटर में मारा गया युवक घटना में शामिल नहीं था।
भट्टी ने कहा कि इस मामले में पंजाब पुलिस से जवाब मांगा जाना चाहिए और एनकाउंटर करने वाली टीम से सबूत मांगे जाने चाहिए। इसके साथ ही कोर्ट में जाकर जांच की मांग करनी चाहिए। मुझसे तो रणजीत सिंह की मां का दुख नहीं देखा जाता। उसका रो-रोकर बुरा हाल है। हालांकि, दैनिक भास्कर इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है।
बता दें कि दो दिन पहले गुरदासपुर में पुलिस चौकी में ASI और होमगार्ड जवान का कत्ल करने वाले एक आरोपी रणजीत सिंह का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया था। उसका दूसरा साथी इंद्रजीत सिंह फरार हो गया था। वहीं तीसरा आरोपी दिलावर सिंह पुलिस की गिरफ्त में है।

जारी किए ऑडियो में भट्टी ने एनकाउंटर पर उठाए सवाल
- पंजाब पुलिस पंजाबियों की दुश्मन क्यों बनी- शहजाद भट्टी ने जारी ऑडियो में कहा- जी क्या हाल है सबका, ठीक हो? मैं शहजाद भट्टी। यह जो रणजीत सिंह लड़का इन्होंने फेक पुलिस मुकाबले में मारा है, बिल्कुल बेगुनाह और बिना वजह मारा है। पंजाब पुलिस से हम भी एक चीज पूछना चाहते हैं, मैं भी पूछना चाहता हूं कि कभी आपने किसी दूसरे का एनकाउंटर किया है? किसी यूपी वाले का एनकाउंटर किया है? क्यों आप सिर्फ पंजाब के और पंजाबियों के और सिखों के दुश्मन बने खड़े हो।
- कोई एक सबूत दिखा दो कि ये लड़का शामिल था- शहजाद भट्टी ने कहा कि ठीक है, इस लड़के का कोई एक सबूत दिखा दो कि किसी चीज के साथ यह लड़का जुड़ा हुआ था। उसकी गलती यह थी कि वह सिर्फ अपने घर से भागा नहीं था। आपके पास लॉरेंस तो आज तक मरा नहीं, उसका तो आपसे एनकाउंटर हुआ नहीं, जो कि मार कर बंदे को कबूल भी करता है कि मैंने किया है, वह आपसे मरा नहीं आज तक।
- बच्चे की मां को रोता देख बोलने पर मजूबर हुआ- भट्टी ने कहा कि मैं इस मामले पर बोलना नहीं चाह रहा था, लेकिन उस बच्चे की मां को हमने रोते देखा, इसलिए मजबूरी में ऑडियो जारी कर रहा हूं। आप जो पंजाबियों के ऊपर, सिखों के ऊपर जुल्म कर रहे हो ना, उसे देख कर बोलना पड़ा। थोड़ी सी शर्म करो, क्यों आप पंजाबियों के दुश्मन बने हो।
- एनकाउंटर टीम के ऊपर लीगल केस करो- भट्टी ने कहा कि यह जो भी डीआईजी या डीएसपी है, इसके ऊपर लीगल केस करो ताकि कल को यह किसी का बच्चा न मार सके इस तरीके से। ठीक है। अगर वह कहीं भी शामिल है तो उसका सबूत दिखाएं या फिर कोर्ट बैठा है उसकी सजा का फैसला करने वाला।
- भागे हुए लोग भी शामिल हैं या नहीं पता नहीं- पुलिस वाले जो दूसरे भी दोनों का नाम ले रहे हैं, पता नहीं वह भी बीच में आए हैं या नहीं हैं। जो घर बैठा था उसको अपनी वर्दियां बचाने के लिए और अपनी बल्ले-बल्ले करने के लिए आपने यह काम कर दिया। सीधी तरह कहो कि आपके हाथ एक सुई जितनी भी कोई चीज नहीं लगी है।
- मैंने वीडियो अपलोड की तो मैं ये भी साबित कर दूंगा लड़के को गलत मारा- अगर आपने मुझ आरोप पर लगाया है न कि मैंने वीडियो अपलोड की है, अगर मैंने वीडियो अपलोड की है तो मैं यह भी साबित कर दूंगा कि इस लड़के का लेना-देना कोई नहीं है। किसी मामले में शामिल नहीं है। जो आपने फेक एनकाउंटर किया है, फिर कौन जवाबदेह होगा इन चीजों का?
PAK बॉर्डर के पास चौकी में लाश मिली थी
गुरदासपुर में 22 फरवरी को आदियां पुलिस चौकी में ASI गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार शामिल की लाश मिली थी। वह भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर से महज डेढ़ किमी दूर है। दोनों पुलिसकर्मियों की ड्यूटी इसी पुलिस चौकी में थी। इनके अलावा कोई तीसरा यहां तैनात नहीं था।
घटना के बाद शाम को ASI और होमगार्ड जवान जवान की मौत की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नाम के आतंकी संगठन ने ली। संगठन की ओर से इसके लिए बाकायदा एक पोस्टर जारी किया गया, जिसमें लिखा- आज 22 फरवरी 2026 को तड़के गजवा-ए-हिंद में एक और सफलता हासिल हुई, जब तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान के अल-बुर्क ब्रिगेड ने दुरंगला पुलिस स्टेशन पर हमला किया। मामले में अब तीसरे फरार आरोपी इंद्रजीत सिंह का फोटो भी सामने आया है।

एनकाउंटर के बाद DIG ने कही थी ये बातें…
- ISI हैंडलर्स के टच में थे, पुलिस जवान मारने का टास्क मिला: DIG अमृतसर रेंज संदीप गोयल ने एनकाउंटर के बाद कहा था- रणजीत, दिलावर व इंद्रजीत पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के हैंडलर्स के टच में थे। ISI ने इनको पुलिस के जवानों को मारने का टॉस्क मिला था। चूकिं ये पास के ही आदिया गांव के थे, इसलिए ये रेकी करते रहे और मौका मिलने पर ASI गुरनाम सिंह व होमगार्ड जवान अशोक कुमार की हत्या कर दी।
- हथियार बरामदगी के लिए ले गए: इसके बाद दिलावर व रणजीत सिंह को अरेस्ट किया गया। रणजीत सिंह ने पूछताछ में माना कि वारदात में उसने जो पिस्टल यूज किया, उसे बहरामपुर एरिया के गांव गालड़ी में छिपाकर रखा था। सबूत पुख्ता करने के लिए पुलिस उसे लेकर हथियार को बरामद करने के लिए ले गई।
- धुंध से रास्ता नहीं दिखा, गाड़ी पलटी, आरोपी भागा: जब पुलिस टीम वहां पहुंची तो धुंध के कारण ऊबड़-खाबड़ रास्ता नहीं दिखा। यहां का रास्ता बाढ़ की वजह से भी खराब हुआ था। इससे पुलिस की गाड़ी पलट गई। मौका पाकर आरोपी रणजीत सिंह भाग निकला। एएसआई बनारसी दास ने तुरंत इसकी सूचना दी। जिसके बाद रेड अलर्ट और सीलिंग कर दी गई।
- रास्ते में CIA ने रोका, बाइक फिसली: इस दौरान गुरदासपुर-मुकेरियां रोड पर पुराना शाला के पास CIA स्टाफ के मुलाजिम तैनात थे। चूंकि रणजीत पहले अरेस्ट था तो उसके हुलिए के बारे में हमें सब कुछ पता था। इसी दौरान वह बाइक पर इंद्रजीत सिंह के साथ आया। पुलिस ने रुकने को कहा तो उसने बाइक पीछे मोड़ ली लेकिन वह फिसल गई।
- क्रॉस फायरिंग में रणजीत मारा गया, 5 पुलिस मुलाजिम जख्मी: DIG ने कहा कि इसके बाद वह भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो रणजीत ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। इस दौरान CIA के इंचार्ज इंस्पेक्टर गुरनाम सिंह और 4 अन्य मुलाजिमों को गोली लगी। जिसके बाद पुलिस ने भी फायरिंग बढ़ाई और रणजीत सिंह गोली लगने से घायल होकर गिर पड़ा। इतने में उसका साथी भाग निकला। रणजीत से 32 बोर की पिस्टल, कारतूस और बाइक बरामद हुई।
- पैसे के लालच में काम किया: DIG संदीप गोयल ने बताया कि तीनों को पाकिस्तान से टॉस्क मिला था। तीनों को 4 लाख रुपए देने का वादा किया गया था। इसमें से एक आरोपी दिलावर को 20 हजार देने थे और 3 हजार रुपए मिल चुके थे। पुलिस को पता चला है कि इन्होंने किसी से 3 लाख रुपए लेने थे, वो पैसा कहां से आ रहा था, उसके बारे में भी जांच की जा रही है।
- रणजीत-इंद्रजीत थे मास्टरमाइंड: DIG संदीप गोयल ने बताया कि पाकिस्तान भूखा-नंगा देश है। वह लगातार पंजाब में दहशत फैलान के लिए हथियार भेज रहा है। इस हमले का मास्टरमाइंड रणजीत था। उसकी उम्र 19 साल थी। इसकी कोई क्राइम हिस्ट्री नहीं है। उसके साथी इंद्रजीत पर नशा तस्करी के 3 पर्चे हैं। उसकी उम्र 21 साल है। दिलावर को इन्होंने 20 हजार रुपए देने के लालच देकर बाद में अपने साथ मिलाया।
- ड्यूटी में कोई लापरवाही नहीं हुई: घटना वाले दिन नाके पर 2 लोग ही ड्यूटी पर थे। ड्यूटी पर किसी तरह की लापरवाही का मामला नहीं है। पहले दिन सीसीटीवी में जो 5 लोग नजर आए थे, उनको वैरिफाई किया था, वो वहां से गुजर रहे थे। इसके बाद फोन डंप के आधार पर आरोपियों को उठाकर पूछताछ की थी। घटना के बाद पाकिस्तानी बदमाश भट्टी की जो वीडियो सामने आई थी, उसे लेकर भी जांच कर रहे हैं।
- ये टारगेट किलिंग, 10 करोड़ से सेकेंड लाइन डिफेंस मजबूत करेंगे: डीआईजी ने बताया था कि पंजाब सरकार की तरफ से 10 करोड़ रुपए मिला है। सैकेंड लाइन ऑफ डिफेंस के नाके हाईटेक किए जाएंगे। डीआईजी ने कहा कि नाके पर दरवाजा नहीं था, ये बात सही है, लेकिन ये टारगेट किलिंग है। इनको टास्क मिला था। कितने लोगों को मारने का टास्क था, इसकी भी जांच की जा रही है।

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