Buland kesari/जालंधर के बाबू जगजीवन राम चौक स्थित पटियाला शाही चिकन सूप के मालिक और एक कथित पत्रकार के बीच बर्गर में बाल को लेकर विवाद हो गया। घटना रविदार देर रात 12 बजे की है। विवाद इतना बढ़ा कि दुकानदार थाने चला गया।
दुकान के मालिक बब्बल ने आरोप लगाया कि उससे बर्गर लिया गया। इसके बाद युवक बाहर साइड में चले गए। थोड़ी देर बाद आए कि बर्गर में बाल है। दुकानदार ने कहा कि वह गुरसिख है। सिर पर पगड़ी है। दुकान में काम करने वालों के सिर पर कैप है, बाल जा ही नहीं सकता।
युवक बहस करने लगे, वीडियो बनाया
दुकानदार ने कहा कि इस पर युवक बहस करने लगे और वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद ब्लैकमेल करने और सोशल मीडिया के जरिए उनकी छवि खराब करने की धमकी दी। बब्बल का कहना है कि वे पिछले 10 वर्षों से काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ लोग पैसा ठगने का रैकेट चला रहे हैं।

दुकानदार ने बताई विवाद की पूरी कहानी…
- दुकान पर 2 युवक आए और बर्गर ले गए- दुकानदार बब्बल ने बताया कि रविवार शाम 6 से साढ़े 6 बजे के करीब मामले की शुरुआत तब हुई जब 2 युवक दुकान पर आए और बर्गर खरीदकर ले गए। कुछ देर बाद वे वापस आए और दावा किया कि बर्गर में बाल है। बब्बल का आरोप है कि बाल जानबूझकर डाला गया था या हवा में उड़कर आया होगा, क्योंकि उनकी दुकान पर साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है।
- पत्रकार होने का दावा कर वीडियो बनाया- इसके बाद पत्रकार होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति, जिसकी पहचान गुरप्रीत सिंह गोपी के रूप में हुई है, ने दुकान की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दी और उसे बदनाम करना शुरू कर दिया। पीड़ित दुकानदार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उक्त व्यक्ति ने कैमरे देखते ही दुकान के अंदर से भागने की कोशिश की और बाद में बाहर जाकर वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी।
दुकानदार का दावा-सोची समझी साजिश के तहत किया
दुकानदार का दावा है कि यह एक सोची-समझी साजिश है, ताकि नामी दुकानों को निशाना बनाकर उनसे पैसे ऐंठे जा सकें। उन्होंने अन्य दुकानदारों को भी ऐसे नकली पत्रकारों से सतर्क रहने की सलाह दी है जो फूड सैंपल भरवाने और लाइसेंस रद्द कराने की धमकियां देकर डराते हैं।

थाना बस्ती बावा खेल में शिकायत दर्ज
इस मामले में थाना बस्ती बावा खेल की पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है। ड्यूटी ऑफिसर नीला सिंह ने बताया कि आरोपी व्यक्ति को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। पुलिस का कहना है कि अगर खाने की गुणवत्ता में कोई कमी थी, तो उसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग या फूड इंस्पेक्टर से की जानी चाहिए थी, न कि इस तरह से किसी दुकानदार को सार्वजनिक रूप से प्रताड़ित या ब्लैकमेल किया जाना चाहिए।
पुलिस दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। दुकानदार का कहना है कि उन्होंने बहुत मेहनत और संघर्ष के बाद अपना नाम बनाया है और वे अपनी साख बचाने के लिए इस मामले में मानहानि का केस भी करेंगे। वहीं, पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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