Buland kesari/पंजाब के लुधियाना से बच्चों के लापता और किडनैपिंग को लेकर एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। लुधियाना कमिश्नरेट में 7 साल में 506 बच्चे लापता हुए और 62 बच्चों को किडनैप किया गया। लुधियाना पुलिस 506 लापता हुए बच्चों में से 294 बच्चों को रिकवर कर पाई जबकि 212 बच्चे अब भी अनट्रेसेबल हैं।
इसी तरह इन सात सालों में 62 बच्चों को किडनेप किया गया, जिसमें से 58 बच्चों को रिकवर किया जा चुका है और चार बच्चों को रिकवर किया जाना बाकी है। यह खुलासा ‘राइट टू इंफॉर्मेशन’ (RTI) सेल से जानकारी लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट रोहित सभ्रवाल ने किया। उन्होंने बताया कि बच्चों के गायब होने के मामले आए दिन आ रहे हैं और पुलिस इस पर ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।
रोहित सभ्रवाल ने बताया कि पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार पुलिस इन सात सालों में मिसिंग बच्चों में से 41.9% को ढूंढ नहीं पाई जबकि किडनेप किए गए 62 बच्चों में से चार बच्चों का कोई अतापता नहीं है।
लुधियाना में बच्चे नहीं सुरक्षित
रोहित सभ्रवाल का कहना है कि लुधियाना जैसे शहर में लोगों के बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। उनका कहना है कि आरटीआई में जो रिपोर्ट मिली है उससे साफ है कि मिसिंग बच्चों को लेकर पुलिस गंभीर नहीं है।
पुलिस बच्चों की मिसिंग रिपोर्ट लिखकर खाना पूर्ति कर देती है। जिसका नतीजा यह है कि 41.9 प्रतिशत बच्चों का पुलिस पता ही नहीं लगा पाई। उनका कहना है कि बच्चों के मिसिंग होने की तरफ सरकार व चाइल्ड राइट कमीशन का कोई ध्यान ही नहीं है।
2021 व 2025 में सबसे ज्यादा बच्चे हुए गायब
रोहित सभ्रवाल ने बताया कि उन्होंने 2020 से 2026 तक की रिपोर्ट हासिल की थी। उसके अनुसार 2025 में सबसे ज्यादा 149 बच्चे लापता हुए हालांकि इसमें से 120 बच्चे मिल चुके हैं और 29 बच्चों का कोई पता नहीं लग सका। 2024 में 74 बच्चे लापता हुए जिसमें से 35 बच्चों को पुलिस नहीं ढूंढ पाई।
2023 में 52 बच्चे गायब हुए और 38 बच्चे गायब हैं। इसी तरह 2022 में 69 बच्चे लापता हुए जिसमें से 24 बच्चे अब भी मिसिंग हैं। उधर, 2021 में 81 बच्चे गायब हुए और उसमें से 33 बच्चे अब भी गायब है आर 2020 में कुल 52 बच्चे लापता हुए और उसमें से 28 बच्चों का पुलिस अब तक कोई सुराग नहीं लगा पाई।
किडनैप हुए 62 में से 4 बच्चों का अब भी सुराग नहीं
लुधियाना पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, इन छह सालों में कुल 62 बच्चों को किडनैप किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 58 बच्चों को किडनैपर्स के चंगुल से छुड़ाने में सफलता हासिल की। किडनेप हुए 4 बच्चे ऐसे हैं जो अन-ट्रेस्ड हैं, यानी अपहरणकर्ताओं के चंगुल से उन्हें आज तक छुड़ाया नहीं जा सका है।
साल 2020, 2021, 2023 और 2024 में हर साल 1-1 बच्चा ऐसा रहा, जिसे पुलिस किडनैपर्स से वापस लाने में नाकाम रही। साल 2022 और 2025 में राहत रही कि जितने बच्चे किडनैप हुए (क्रमशः 12 और 9), वे सभी सुरक्षित रिकवर कर लिए गए।

रोहित सभ्रवाल बोले, उच्च अधिकारियों को दूंगा शिकायत
आरटीआई एक्टिविस्ट रोहित सभ्रवाल का कहना है कि इस मामले की शिकायत प्रोटेक्शन ऑफ चलाल्ड राइट कमीशन पंजाब व प्रोटेक्शन ऑफ नेशनल चाइल्ड राइट कमिशन को शिकायत देंगे। उन्होंने पुलिस से डिमांड की है कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाया जा सके।
लड़कियों के गायब होने पर लग चुकी है अफसरों की क्लास
मई महीने में नौ लड़कियों के गायब होने के मामले में पंजाब महिला आयोग की चेयरपर्शन राज लाली गिल ने लुधियाा के पुलिस कमिश्नर से जवाब तलबी की थी। पुलिस के अफसरों ने अपना पक्ष आयोग के सामने रखा। आयोग ने लुधियाना पुलिस से इस मामले में डिटेल रपोर्ट मांगी है।

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