Buland kesari/आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर BJP में शामिल हुए पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पहली बार कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) वाले NEET स्टूडेंट्स के प्रदर्शन पर सामने आए। राघव ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा- प्रधानमंत्री ने स्टूडेंट्स की चिंता और दर्द को परिवार के मुखिया की तरह समझा और तमाम एक्शन लिए।
राघव ने ये भी दावा किया कि पंजाब में AAP सरकार के बाद से 7 एग्जाम में गड़बड़ी हुई। फॉर्मेसी एग्जाम में लाइव चीटिंग हुई। पार्टी देखकर जवाबदेही तय नहीं होनी चाहिए।
स्टूडेंट्स का प्रोटेस्ट किसी फ्लॉप पॉलिटिकल पार्टी के कमबैक के लिए नहीं है। जो स्टूडेंट्स को आगे कर खुद कैमरे की तरफ सेफसाइड में हो जाते हैं। जिनके खुद के फ्यूचर का पता नहीं, वह स्टूडेंट्स की लड़ाई क्या लड़ेंगे।
राघव चड्ढा ने कहा- जब मैं अपोजिशन में था तो सवाल पूछता था, आज मैं सत्ता पक्ष की तरफ बैठता हूं तो सॉल्यूशन मेरी जिम्मेदारी है।
राघव चड्ढा की राज्यसभा में कहीं अहम बातें:-
- मैं स्टूडेंट्स के सपोर्ट में, पेपर लीक से सारी मेहनत बर्बाद: राघव चड्ढा ने कहा- 22 लाख बच्चे, रोज 18 घंटे की मेहनत, एक 3 घंटे का एग्जाम। एक कैमरा फोन, वॉट्सऐप पर एक मैसेज, टेलीग्राम पर एक PDF, रात 2 बजे पेपर लीक, सब खत्म, स्टूडेंट्स की सारी मेहनत बर्बाद। मैं स्टूडेंट्स के सपोर्ट में हूं और पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल 2026 का समर्थन करता हूं।
- पेपर लीक का इलाज मीडिया बाइट से नहीं: राघव चड्ढा ने आगे कहा- पेपर लीक जैसी बीमारी का परमानेंट इलाज करना होगा। जैसे कैंसर का इलाज क्रोसीन खिलाकर नहीं हो सकता, पेपर लीक का इलाज मीडिया साउंड बाइट से नहीं, बल्कि इंस्टीट्यूशनल सॉल्यूशन से होगा। केंद्र का लाया बिल देश का पहला एंटी पेपरलीक फ्रेमवर्क है।
- प्रधानमंत्री ने परिवार के मुखिया की तरह चिंता सुनी: राघव चड्ढा ने कहा- मैं NEET स्टूडेंट्स को कुछ कहना चाहूंगा, आपका गुस्सा जायज है। आपका दर्द रियल है। आपको एग्जामिनेशन सिस्टम से जो कंप्लेंट है, वह भी जेनुइन है। जब आपने अपनी चिंता व्यक्त की और मांग की तो प्रधानमंत्री ने परिवार के मुखिया की तरह इसे सुना। सरकार ने एक्शन लिया। एतिहासिक फैसला लेकर सिस्टम चेंज किया।
- NEET स्टूडेंट अकेले नहीं, पूरा परिवार तैयारी करता है: राघव चड्ढा ने आगे कहा- जब एक स्टूडेंट NEET जैसे पब्लिक एग्जामिनेशन की तैयारी करता है, तब वह अकेला नहीं बल्कि पूरा परिवार तैयारी करता है। मां अपनी छोटी-छोटी जरूरतें रोक देती है। घर का बजट कम करती है। पिता सेविंग को कोचिंग फीस, रेंट और टेस्ट सीरीज पर खर्च करता है। फैमिलीज को लोन तक लेना पड़ता है। स्टूडेंट खुद कोटा, जयपुर, चंडीगढ़, दिल्ली, पटना जैसे शहरों में जाकर घर से दूर रहता है। कोई सोशल लाइफ नहीं रहती।
- सरकार ने स्टूडेंट्स की बात सुन एक्शन लिया: राघव चड्ढा ने कहा– स्टूडेंट को पता होता है कि वह पेपर नहीं बल्कि पूरे परिवार का फ्यूचर लिखेगा। फिर एक दिन उसे पता चलता है कि जिस पेपर की तैयारी वह 3 साल से कर रहा था, वह किसी ने पहले ही पैसे लेकर हासिल कर लिया और लीक हो गया। इससे वह मेंटली और फिजिकली भी डिस्टर्ब हो जाता है।
- शॉर्ट व लॉन्ग टर्म, दोनों तरह के स्टैप लिए: राघव चड्ढा ने सरकार के एक्शन गिनाते हुए कहा- प्रधानमंत्री ने स्टूडेंट्स की चिंता और दर्द को समझा और तमाम एक्शन लिए गए। शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म, दोनों स्टैप लिए गए। पेपर लीक के बाद तुरंत री-एग्जाम कराया, ताकि स्टूडेंट्स का साल बर्बाद न हो। जांच CBI को सौंपी, SIT का गठन किया। जिसने मेन किंगपिन समेत 13 लोग गिरफ्तार किए। 75 दिन के भीतर फार्स्ट ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट भी पेश कर दी। NTA के 37 कर्मचारी हटाए। मॉरल ग्राउंड पर शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा भी दिया।
- पहले पेपर लीक पर डिस्कर्शन–साउंड बाइट हुईं: राघव ने कहा- स्टूडेंट्स की आवाज को कोई पॉलिटिकल चैलेंज नहीं, परिवार के भीतर की चिंता की तरह सुना गया। जैसे घर के भीतर बच्चे अपने बड़े से चिंता व्यक्त करते हैं, डिमांड रखते हैं। सरकार ने ये तमाम फीडबैक लेते हुए एक्शन लिया। सालों तक इस देश में पेपर लीक होता आया लेकिन सिर्फ डिस्कर्शन और साउंड बाइट हुई। अब एक्शन हो रहा है और सिस्टमैटिक रिफॉर्म हो रहे हैं। पेपर लीक किसी एक पार्टी या सरकार, अफसर या मिनिस्ट्री की देन नहीं है। ये कोई 2026 का फिनोमिना भी नहीं है।
- पंजाब में कई पेपर लीक हुए: राघव चड्ढा ने कहा- मैं ये बात इसलिए कहा रहा क्योंकि 19 जुलाई 2026 को पंजाब में फार्मेसी अफसर रिक्रूटमेंट का एग्जाम हुआ। उसमें बहुत ज्यादा अनियमितताएं देखी गईं। ब्लूूटूथ डिवाइस से लाइव चीटिंग चल रही थी। इसके लिए चीटिंग सिंडिकेट 13-13 लाख रुपए चार्ज कर रहा था।यही नहीं, आम आदमी पार्टी की सरकार जब से पंजाब में बनी, तब से अब तक नायब तहसीलदार एग्जाम में गड़बड़ी हुई। लार्ज स्केल चीटिंग हुई। पंजाब स्टेट एजुकेशन बोर्ड में 12वीं का इंग्लिश का पेपर लीक हुआ। स्कूल टीचर रिक्रूटमेंट का एग्जाम था, पेपर लीक हुआ।PSEB अफसर रिक्रूटमेंट का एग्जाम लीक हुआ। एग्रीकल्चर डेवलपमेंट अफसर की रिक्रूटमेंट एग्जाम का पेपर लीक हुआ। एक्साइज व टेक्सेशन इंस्पेक्टर रिक्रूटमेंट की मैरिट लिस्ट जब आई तो उसमें फर्जी नाम डालकर जारी कर दिया गया।
- स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट पॉलिटिकल रैली नहीं बनना चाहिए: राघव ने कहा- स्टूडेंट का प्रोटेस्ट स्टूडेंट का रहना चाहिए, किसी पॉलिटिकल पार्टी की रैली न बन जाए। वह अपना माइक किसी को आउटसोर्स न करें। स्टूडेंट की लड़ाई तो एग्जामिनेशन सिस्टम सिक्योर बनाने की है और नेताओं की लड़ाई अपनी सोशल मीडिया रीच बढ़ाने की है। जब स्टूडेंट्स को बैरिकेड के आगे भेजकर नेता कैमरे की सेफ साइड पर रहें तो उनसे पूछिए, रिस्क मेरा और रील तुम्हारी, ये पार्टनरशिप कैसी?।
- जिस पार्टी के फ्यूचर का पता नहीं, वह क्या लड़ेगी: राघव ने कहा- स्टूडेंट्स का प्रोटेस्ट स्टूडेंट्स के फ्यूचर के लिए है, किसी फ्लॉप पॉलिटिकल पार्टी के कमबैक के लिए नहीं है। जिस पार्टी को खुद के फ्यूचर का पता नहीं, वह स्टूडेंट के फ्यूचर की क्या लड़ाई लड़ेगी। स्टूडेंट्स को जस्टिस चाहिए और पॉलिटिकल पार्टियों को फुटेज, वायरल क्लिप चाहिए।
- मुझे हेडलाइन नहीं, आउटकम चाहिए: राघव ने कहा- मैं अपने वैलविशर्स को भी कुछ कहना चाहूंगा, जो मुझे कह रहे थे कि आप NEET के इश्यू पर कब बोलोगे। मैं कहना चाहता हूं कि जब मैं अपोजिशन में बैठता था, तब सवाल मेरा हथियार था, आज में ट्रेजरी बैंचेज पर बैठता हूं तो आज सॉल्यूशन मेरी जिम्मेदारी है। मैं भी रोज कैमरे के आगे आकर साउंड बाइट्स दे सकता था लेकिन मुझे हेडलाइन नहीं, आउटकम चाहिए।

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