Buland kesari/पंजाब के लुधियाना, जालंधर, मोहाली में गुरुवार सुबह तेज बारिश हुई। इससे लुधियाना के ऋषि नगर में सड़क का 30 फीट लंबा हिस्सा धंस गया, जिससे लगभग 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया। इससे आसपास की बिल्डिंगों को खतरा हो गया है।
उधर, पटियाला के मॉडल टाउन में बारिश से बेसमेंट में पानी भरने के बाद इलेक्ट्रॉनिक सामान के शोरूम की दीवार गिर गई। हादसे के वक्त शोरूम के अंदर कोई नहीं था।
चंडीगढ़ मौसम विभाग ने पंजाब के सात जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें पठानकोट, होशियारपुर, शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर), फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) शामिल हैं। वहीं, चंडीगढ़ में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है।
दिन में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं, अधिकतम तापमान में 2.1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह सामान्य के करीब पहुंच गया है। राज्य में सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 39.2°C रिकॉर्ड किया गया।
बारिश और नुकसान के PHOTOS…



कल बरनाला में सबसे ज्यादा बारिश इससे पहले 5 अगस्त को सबसे अधिक 12 मिमी बारिश बरनाला में दर्ज की गई। इसके अलावा अमृतसर में 6 मिमी, गुरदासपुर में 2 मिमी, फतेहगढ़ साहिब और लुधियाना में 1.5 मिमी बारिश हुई। पठानकोट में केवल ट्रेस (बहुत हल्की) बारिश रिकॉर्ड की गई।
कुछ स्थानों पर बारिश की संभवना
मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार, उत्तर भारत से होकर मानसून ट्रफ गुजर रही है। वहीं वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसके अलावा यूपी और हरियाणा के ऊपर कम दबाव (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) का क्षेत्र बना हुआ है।
इसके कारण पंजाब और चंडीगढ़ में नमी बढ़ गई है। इसी वजह से अगले 24 घंटों के दौरान दोनों क्षेत्रों के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
बिजली की मांग 14,603 मेगावाट दर्ज
गर्मी और उमस बढ़ने के साथ राज्य में बिजली की खपत भी बढ़ गई है। बिजली की मांग 14,603 मेगावाट दर्ज की गई। इसमें से 4,683 मेगावाट बिजली का उत्पादन राज्य ने खुद किया, जबकि शेष बिजली केंद्रीय ग्रिड से प्राप्त की गई। राज्य को केंद्र से 9,921 मेगावाट बिजली मिली, जो उसके निर्धारित 10,418 मेगावाट हिस्से से 497 मेगावाट कम रही।
डैम खतरे के निशान से नीचे
भाखड़ा डैम का जलस्तर 1,607.17 फीट है, जो खतरे के निशान 1,680 फीट से 72.83 फीट नीचे है। डैम में 46,663 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। 23,269 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पोंग डैम का जलस्तर 1,343.6 फीट है, जो खतरे के निशान 1,390 फीट से 46.4 फीट नीचे है। डैम में 23,380 क्यूसेक पानी आ रहा है। 13,715 क्यूसेक छोड़ा जा रहा है।

Disclaimer:Buland Kesari receives the above news from social media. We do not officially confirm any news. If anyone has an objection to any news or wants to put his side in any news, then he can contact us on +91-98880-00404.









