Buland Kesari | धर्म डेस्क
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। व्रत के दौरान पूजा, करवा पूजन और चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है। ऐसे में पूजा के समय किसी जरूरी सामान की कमी न हो, इसके लिए पहले से ही थाली और पूजन सामग्री तैयार कर लेना बेहतर रहता है।
इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को बताया गया है। दी गई जानकारी के अनुसार, नई दिल्ली में पूजा का मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक है। वहीं, चंद्रोदय का समय रात 8:17 बजे बताया गया है। अपने शहर में पूजा और चंद्रोदय का सही समय जानने के लिए स्थानीय पंचांग जरूर देखें।
Karwa Chauth Puja Samagri: पूजा की थाली में क्या-क्या रखें?
करवा चौथ की पूजा की थाली में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को पहले से एक जगह रख लें। इससे पूजा के समय बार-बार सामान ढूंढने की परेशानी नहीं होगी।
पूजा के लिए इन चीजों की व्यवस्था कर सकते हैं:
- पूजा की थाली और छोटी कटोरियां
- करवा और उसका ढक्कन
- रोली या कुमकुम और अक्षत
- हल्दी और चंदन
- मौली या कलावा
- फूल और माला
- दीपक, घी और रूई की बाती
- धूप या अगरबत्ती
- फल और मिठाई
- साफ जल से भरा लोटा
- पूजा के लिए चौकी और साफ कपड़ा
- करवा चौथ की व्रत कथा की पुस्तक
- परिवार की परंपरा के अनुसार पान, सुपारी, नारियल और अन्य पूजन सामग्री
ध्यान रखें कि पूजा की सामग्री और रस्में अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में भिन्न हो सकती हैं। इसलिए अपने घर की परंपरा के अनुसार सामान तैयार करें।
चंद्रमा की पूजा के लिए अलग रखें ये सामान
करवा चौथ पर चंद्रदर्शन और अर्घ्य देने की रस्म का विशेष महत्व है। इसलिए शाम की पूजा के सामान के साथ चंद्रमा की पूजा के लिए जरूरी चीजें भी अलग रख लें।
इसके लिए साफ जल से भरा लोटा या करवा, दीपक, फूल, अक्षत और परिवार की परंपरा के अनुसार मिठाई तैयार रखी जा सकती है। जिन घरों में छलनी से चंद्रदर्शन करने की परंपरा है, वहां सजाई हुई छलनी भी पहले से रख लें।
करवे में क्या भरें? जानें जरूरी बात
करवे में जल या अनाज रखने की परंपरा परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकती है। कुछ घरों में जल से भरा करवा इस्तेमाल किया जाता है, जबकि अन्य परिवारों में अनाज या दूसरी सामग्री रखने की रीति है। करवे की संख्या और उसमें रखी जाने वाली वस्तुओं के बारे में अपने घर के बड़ों से जानकारी लेना बेहतर रहेगा।
बायना और श्रृंगार की तैयारी भी कर लें
करवा चौथ पर कई परिवारों में सास या घर की बड़ी महिला को बायना देने की परंपरा होती है। इसके लिए मिठाई, फल, पकवान, वस्त्र, सुहाग सामग्री या दक्षिणा रखी जा सकती है। बायने में क्या देना है, यह परिवार की परंपरा और सुविधा पर निर्भर करता है।
इसके अलावा महिलाएं पूजा से पहले अपनी चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, मेहंदी और अन्य श्रृंगार का सामान भी तैयार रख सकती हैं। सरगी की परंपरा निभाने वाले परिवार सुबह के भोजन की तैयारी भी पहले कर लें, ताकि आखिरी समय में भागदौड़ न हो।
Karwa Chauth 2026 Muhurat: जानें पूजा और चंद्रोदय का समय
दी गई पंचांग जानकारी के मुताबिक, नई दिल्ली में करवा चौथ पूजा का मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक है। चंद्रोदय रात 8:17 बजे बताया गया है। दूसरे शहरों में समय अलग हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग से पुष्टि करना जरूरी है।
ध्यान दें: पूजा का मुहूर्त और चंद्रोदय का समय प्रकाशित करने से पहले संबंधित पंचांग या विश्वसनीय स्थानीय स्रोत से पुष्टि जरूर कर लें।
पूजा से पहले कर लें ये आखिरी जांच
करवा चौथ की पूजा शुरू करने से पहले रोली, अक्षत, दीपक, घी, बाती, फूल, भोग और अर्घ्य के जल को एक बार जरूर जांच लें। करवा, छलनी और बायने की सामग्री भी तैयार रखें। पहले से की गई यह छोटी-सी तैयारी पूजा के समय होने वाली परेशानी को कम कर सकती है।
Buland Kesari की सलाह: पूजा की सामग्री की सूची बनाकर खरीदारी करें और घर में मौजूद सामान को दोबारा खरीदने से बचें। अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार तैयारी करें और मुहूर्त की जानकारी स्थानीय पंचांग से जरूर मिलाएं।

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