Buland kesari/आप ही हमें सिखाती हैं कि सच बोलना चाहिए…फिर जब मैंने सच कहा तो मुझे ही पीट दिया…ये कहना है कि फरीदकोट के कोटकपूरा स्थित डीसीएम स्कूल के 8वीं के छात्र का। उसने कहा कि मैडम ‘महान महिलाओं’ के बारे में पढ़ा रही थीं।
पहले कल्पना चावला का जिक्र हुआ, तब तक सब ठीक था। लेकिन जैसे ही उन्होंने इंदिरा गांधी को ‘आयरन लेडी’ और अच्छी महिला बताया, तो मैंने खड़े होकर कहा कि मैं इससे सहमत नहीं हूं। मैंने कहा कि उन्होंने ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान दरबार साहिब पर हमला करवाया था, इसलिए उन्हें अच्छा नहीं कहा जा सकता।
मैंने जब दोबारा अपनी बात रखी तो मैडम ने मुझे रोका और फिर मुझे थप्पड़ मारे। इसके बाद मुझे दूसरे टीचर के पास ले जाया गया, जहां मुझे फिर सजा दी गई। वहीं जब विवाद बढ़ा तो लेडी टीचर ने माफी मांग ली। उन्होंने कहा कि मैंने उसे सिर्फ यह कहा कि इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री रही हैं उनके बारे में ऐसा न कहें। पीटने के आरोप गलत हैं।
वहीं इंदिरा गांधी ही हत्या में शामिल बेअंत सिंह के बेटे व सांसद सरबजीत सिंह खालसा की एंट्री भी हो गई। खालसा ने कहा कि बच्चे ने कुछ भी गलत नहीं किया। उधर, स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पवन मित्तल ने कहा कि टीचर की मंशा बच्चे को चोट पहुंचाने की नहीं थी। स्कूल में सिख धर्म का पूरा सत्कार किया जाता है। इस घटना से बच्चे और उसके परिवार को जो भी ठेस पहुंची है, उसके लिए मैं पछतावा करता हूं और माफी मांगता हूं..पढ़ें पूरी रिपोर्ट…

क्लास में पंजाबी के पीरियड में विवाद…
- जवाहरलाल नेहरू के बारे में पढ़ा रही थी टीचर: कोटकपूरा के डीसीएम स्कूल में आठवीं क्लास के स्टूडेंट ने बताया कि मंगलवार (28 अप्रैल) टीचर दूसरे पीरियड में पंजाबी पढ़ा रही थीं। जवाहरलाल नेहरू वाले चैप्टर को पढ़ाते समय इंदिरा गांधी का जिक्र किया। वह देश की सशक्त महिलहाओं के बारे में चर्चा करने लगी। इंदिरा गांधी से पहले कल्पना चावला के बारे में बताया तो उसने भी अन्य स्टूडेंट की तरह आराम से सुना।
- इंदिरा गांधी ने दरबार साहब पर टैंक चढ़ाए: स्टूडेंट ने कहा कि मैडम ने जब इंदिरा गांधी को अच्छी लेडी व आयरन लेडी बताया तो वो बीच में से खड़ा हो गया। उसने टीचर को कहा कि इंदिरा गांधी अच्छी लेडी नहीं है। जिस पर टीचर ने कहा कि ऐसा क्यों कह रहा है? स्टूडेंट ने बताया कि उसने कहा कि इंदिरा गांधी ने दरबार साहब पर टैंक चढ़ाए थे, तो वो अच्छी कहां से हो सकती है?
- दोबारा कहने पर टीचर ने पिटाई की: स्टूडेंट ने कहा कि जब उसने इंदिरा गांधी के बारे में ऐसा कहा तो टीचर ने उसे रोका और कहा कि ऐसा नहीं कहते। जिस पर उसने फिर से तर्क दिया। जिसके बाद टीचर ने उसे पीटा और उसके बाद दूसरे टीचर के पास ले गया। उन्होंने भी पीटा।
- अपनी बात पर अड़ा रहा: स्टूडेंट का कहना है कि वो अपनी बात पर आखिर तक अड़ा रहा है और अब भी कायम है। उसका कहना है कि उसने टीचर को भी कहा कि आपने ही हमें पढ़ाया है कि झूठ नहीं बोलना चाहिए और आप ही पढ़ाते समय झूठ बोल रहे हैं।
- स्कूल में वाहेगुरु का नाम नहीं लेने देते: स्टूडेंट का आरोप है कि स्कूल में वाहेगुरु जी का नाम तक लेने नहीं देते हैं। यही नहीं उन्हें पंजाबी बोलने नहीं देते और हिंदी व अंग्रेजी में बात करने को कहते हैं। इसके संबंध में भी वो पहले टीचर से विरोध जाता चुके हैं।

स्टूडेंट्स के पेरेंट्स ने कही ये अहम बातें
- टीचर ने पीटा, बच्चे ने घर पर नहीं बताया: स्टूडेंट की मां ने स्कूल टीचर्स पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि जब उन्होंने बच्चे को पीटा तो इसने घर आकर नहीं बताया। वो चुपचाप था। मैंने उसे कई बार पूछा लेकिन नहीं बताया।
- बच्चे के दोस्त ने बताई कहानी: स्टूडेंट की मां ने बताया कि जब वो काफी निराश था और बता ही नहीं रहा था, तो उन्होंने उसके दोस्त को पूछा। दोस्त ने बताया कि इसको आज स्कूल में टीचर ने बहुत पीटा। जब उससे पीटने का कारण पूछा तो बताया कि इसने इंदिरा गांधी को अच्छी लेडीज बताने का विरोध किया था। बेटे के शरीर पर मारपीट के निशान भी थे।
- इंदिरा गांधी को कैसे कह दें कि वो अच्छी लेडी थीं: मां का कहना है कि बच्चे ने जो कहा वो सच तो है। इंदिरा गांधी को हम अच्छी लेडी कैसे बता दें, जिसने दरबार साहब पर अटैक किया हो। उनका कहना है कि बच्चे को सच बोलने पर पीटा गया। मां का कहना है कि जब वो बच्चे की शिकायत लेकर स्कूल में गए तो प्रिंसिपल व मालिक का व्यवहार भी अच्छा नहीं था। वो भी अलग-अलग तरह के तर्क देते रहे और टीचर को जस्टिफाई करते रहे।
- हिंदी बोलने का डालते हैं दबाव: महिला का कहना है कि पहले स्कूल में सब कुछ अच्छा था, लेकिन डेढ़ साल से स्कूल का सिस्टम खराब हो गया है। उनका कहना स्कूल में वाहेगुरु का सिमरन करने नहीं देते हैं और जय माता दी कहने को बोलते हैं। पंजाबी बोलने से रोकते हैं और हिंदी कहने के लिए प्रेरित करते हैं। पेपर शुरू होते समय कहते हैं गॉड को याद करो वाहेगुरु की बात नहीं करते।
- बच्चे ने कह दिया था तो पीटते नहीं: मां का कहना है कि जब बच्चे ने क्लास में ऐसा कुछ कह भी दिया था तो उसे पीटते नहीं। लेसन को आगे कंटीन्यू रखते और फिर बाद में बात करते। टीचर ने उल्टा किया और बच्चे को पीटना शुरू कर दिया। बाकी बच्चे डर गए और ये डरा नहीं। स्टूडेंट के पिता ने बताया कि टीचर और बच्चे के बीच हुए विवाद में टीचर ने माफी मांग ली थी और समझौता हो गया था। उसके बाद स्कूल के मालिक ने फिर अपशब्द कहे, जिसके बाद विवाद फिर से बढ़ गया।
इंदिरा गांधी को अच्छी लेडी कहने पर सांसद को भी ऐतराज
इंदिरा गांधी की हत्या में शामिल बेअंत सिंह के बेटे व फरीदकोट से सांसद सरबजीत सिंह ने कहा कि एक सिख इंदिरा गांधी को अच्छी लेडी कैसे स्वीकार कर सकता है? उनका कहना है कि इंदिरा गांधी को अच्छी लेडी कहने पर उन्हें भी ऐतराज है। उन्होंने कहा कि जिनकी वजह से सिख धर्म को भारी नुकसान हुआ हो, उन्हें अच्छा नहीं कह सकते। सरबजीत सिंह खालसा ने कहा कि उन्होंने अपने संगठन के साथियों को मौके पर भेजा था और देर शाम मालिक ने माफी मांग ली है और मामला शांत हो गया है।

स्कूल प्रबंधन बोला- जाने अनजाने में गलती हुई स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पवन मित्तल ने कहा कि टीचर की मंशा बच्चे को चोट पहुंचाने की नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि टीचर ने केवल स्टूडेंट का कंधा थपथपाया था और उसे सिलेबस के दायरे में रहने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि स्कूल में जो कुछ हुआ उसके लिए मैं माफी मांगता हूं। उन्होंने कहा कि स्कूल में सिख धर्म का पूरा सत्कार किया जाता है। इस घटना से बच्चे और उसके परिवार को जो भी ठेस पहुंची है, उसके लिए मैं पछतावा करता हूं और माफी मांगता हूं।
टीचर बोलीं- सिलेबस में जो है, उसे पढ़ाया पंजाबी टीचर का कहना है कि बच्चों के सिलेबस में जो है, वही पढ़ाया है। मैंने उसे सिर्फ यह कहा कि इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री रही हैं उनके बारे में ऐसा न कहें। उसके बाद भी यह बोलता रहा। मैंने उसके कंधे पर हाथ रखा और कहा कि दोबारा मत कहना। उन्होंने पीटने के आरोप को सरासर गलत बताया।
विवाद खत्म हो गया, दोबारा हुआ तो नहीं छोड़ेंगे अकाली दल वारिस पंजाब दे के जिला फरीदकोट के प्रधान दलेर सिंह ने बताया कि मालिक ने टीचर्स व अन्य सभी की तरफ से लिखित माफी मांगी है, जिसके बाद इस विवाद को खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की घटना दोबारा हुई तो नहीं छोड़ेंगे।
ऑपरेशन ब्लू स्टार की आज 41वीं बरसी है। यह ऑपरेशन भारतीय सेना के सबसे विवादित सैन्य अभियानों में एक माना जाता है जो 1 से 8 जून 1984 के बीच चला। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर शुरू हुए इस ऑपरेशन की कमान लेफ्टिनेंट जनरल के.एस. बराड़ के हाथ में थी। ऑपरेशन का मकसद गोल्डन टेंपल में पनाह लेकर बैठे जरनैल सिंह भिंडरांवाला और उसके साथियों को बाहर निकालना था।

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