Buland kesari/कनाडा में पंजाबियों के प्रति हेट क्राइम का मामला सामने आया है। यहां एक लोकल युवक ने पंजाबी बुजुर्ग को धक्के मारे। उसने बुजुर्ग को कनाडा से पंजाब जाने को कहा। उसने ये भी कहा कि तुम मेरे देश में क्या कर रहे हो। यह घटना शुक्रवार को कनाडा के वुडस्टाक की है।
जिस वक्त युवक ने बुजुर्ग के साथ बदतमीजी की, वह घर के बाहर घूम रहे थे। इसका वीडियो भी सामने आया है। जिसमें आरोपी युवक ने मास्क लगा रखा है। वह बुजुर्ग पर नस्लीय टिप्पणियां करता हुआ दिख रहा है।
इस घटना को देख वहां मौजूद दूसरे लोगों ने तुरंत पुलिस को कॉल कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को जमीन पर गिराकर अरेस्ट कर लिया है।

बुजुर्ग को उकसाया, जानिए वीडियो में क्या दिख रहा मास्क पहना युवक वीडियो में बुजुर्ग को उकसाता हुआ नजर आता है। वुडस्टाक पुलिस का कहना है कि अभी प्राथमिक जांच में यही सामने आया है कि युवक ने ये काम अपनी मर्जी से किया है। इसके पीछे कोई ग्रुप या शरारती तत्व नहीं है। सिख समुदाय इसे कनाडा में बढ़ते एंटी सिख हेट क्राइम का हिस्सा मान रहा है।


पंजाबी बुजुर्ग की पुलिस ने नहीं बताई पहचान वुडस्टाक पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी और पंजाबी बुजुर्ग की पुलिस ने पहचान उजागर नहीं की है। पुलिस का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, कनाडा के कानून अनुसार पहचान नहीं बताई जा सकती। बुजुर्ग के परिवार की तरफ से भी कोई बयान नहीं आया। हालांकि लोगों ने पुलिस के तुरंत एक्शन पर शुक्रिया अदा किया है।
अमृतसर के युवक की गाड़ियां फूंकी, ‘गो बैक’ के नारे लिखे
3 दिन पहले कनाडा के ओंटारियो में अमृतसर के एक युवक के घर के बाहर खड़ी दो गाड़ियों को अज्ञात हमलावरों ने आग लगा दी। देखते ही देखते दोनों कारें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं।
हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे घर को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। इस घटना में एक आरोपी सीसीटीवी में आग लगाते समय झुलसता हुआ भी दिखाई दे रहा है। हमलावरों द्वारा गो बैक जैसे नारे भी घर की दीवार पर लिखे गए। इससे आशंका जताई जा रही है कि यह केवल आगजनी की घटना नहीं, बल्कि एक संभावित नफरत से प्रेरित हमला भी हो सकता है।

कनाडा में रह रहे 9 लाख के करीब पंजाबी
बता दें कि कनाडा की कुल आबादी का लगभग 2.1% हिस्सा सिखों का है। ये करीब 9 लाख बनता है। कनाडाई पंजाबियों में लगभग 81.4 फीसदी सिख, 6.9 फीसदी हिंदू और 6.8 फीसदी मुस्लिम हैं। कनाडा में अंग्रेजी और फ्रेंच के बाद पंजाबी तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा बन चुकी है। अगर बात ब्रैम्पटन की करें तो यहां पर लगभग 1 लाख 44 हजार के लगभग पंजाबी लोग हैं। यह शहर की कुल आबादी का लगभग 22 फीसदी हिस्सा है। कनाडा की जनगणना 2021 के अनुसार इस वक्त यहां 60 से 70 के करीब पंजाबी परिवार रह रहे हैं।
5 साल में कनाडा में हेट स्पीच बढ़ी
80 फीसदी सिखों ने हेट स्पीच झेली- 20 अप्रैल 2026 को वर्ल्ड सिख ऑर्गनाइजेशन (WSO) ने कनाडा की पहली एंटी-सिख हेट रिपोर्ट जारी की। इसके अनुसार 80 फीसदी सिखों का मानना है कि पिछले 5 वर्षों में उनके खिलाफ नफरत बढ़ी है। 65 फीसदी सिखों ने हाल के महीनों में नस्लीय टिप्पणियों का सामना करने की बात कही है।
पंजाबियों के खिलाफ ऑनलाइन हेट स्पीच बढ़ी- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पंजाबी छात्रों और प्रवासियों को निशाना बनाकर नस्लीय मीम्स और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल बढ़ा है। विशेष रूप से इमीग्रेशन नीतियों में बदलाव के बाद। ऑनलाइन हेट स्पीच में पंजाबियों को कनाडा के संसाधनों पर बोझ बताकर नफरत फैलाई जा रही है, जिससे समुदाय में असुरक्षा का माहौल है।
पगड़ी और धार्मिक पहचान से बने साफ्ट टारगेट- WSO की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पगड़ी पहनने वाले 91 फीसदी सिखों को उनकी धार्मिक पहचान के कारण सार्वजनिक स्थानों पर अपमानजनक टिप्पणियों या हेट स्पीच का सामना करना पड़ा। अप्रैल में ओंटारियो और ब्रिटिश कोलंबिया में ऐसी कई घटनाएं दर्ज की गईं जहां सिखों को उनके पहनावे के कारण विदेशी कहकर निशाना बनाया गया।
वर्क परमिट न बढ़ने के हुए प्रदर्शनों से हेट स्पीच बढ़ी- अप्रैल 2026 में कनाडा द्वारा शरण के नियमों को सख्त करने और 9 हजार से अधिक पंजाबियों पर डिपोर्टेशन की तलवार लटकने के बाद स्थानीय स्तर पर उनके खिलाफ नफरत भरी बयानबाजी बढ़ी है। सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान पंजाबी छात्रों को वापस जाओ जैसे नारों और नफरत भरे भाषणों का सामना करना पड़ रहा है।
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कनाडा के ओंटारियो प्रांत से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जिसने प्रवासी भारतीय समुदाय में डर का माहौल पैदा कर दिया है। जानकारी के अनुसार, अमृतसर से संबंध रखने वाले एक युवक के घर और उसकी गाड़ियों को अज्ञात हमलावरों द्वारा निशाना बनाया गया। घटना उस समय हुई जब युवक अपने घर के अंदर मौजूद था। पढ़ें पूरी खबर…

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