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क्या दिल्ली अग्निकांड से कोई सबक ले जालंधर प्रशासन? शहर में खड़े हो रहे अनेकों संदिग्ध होटलों की कब होगी हो जांच? नगर निगम के अधिकारी अपनी जेबें भर रहे हैं और अवैध होटल, गेस्ट हाउस बनवा रहे हैं! नक्शा पास कहकर लोगों को बनाया जाता है बेवकूफ! कल को हुआ कोई बड़ा हादसा और गई कईयों की जान, तो कौन होगा जिम्मेदार?

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National News

भारत के इस राज्य के CM और डिप्टी CM पर चलीं गोलियां!

Buland Kesari/ जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में स्थित...

Buland Kesari/ जालंधर: गत सप्ताह दिल्ली के एक होटल में लगी भीषण आग में कई लोगों की दर्दनाक मौत ने पूरे देश को झंझोड़ कर रख दिया। इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर लोगों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन कितना हो रहा है।

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जालंधर शहर में भी पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई छोटे-बड़े होटल और गेस्ट हाउस तेजी से खड़े हुए हैं। शहर के विभिन्न इलाकों में बने कुछ प्रतिष्ठानों को लेकर स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा है कि क्या इन सभी के पास आवश्यक अनुमति, फायर सेफ्टी इंतजाम और अन्य कानूनी मंजूरियां मौजूद हैं?

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सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी होटल में आग जैसी आपदा आ जाए, कोई बड़ा भूचाल आ जाए तो क्या वहां ठहरे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की पर्याप्त व्यवस्था है?

क्या फायर विभाग और नगर निगम द्वारा समय-समय पर इनकी जांच की जाती है? यदि नहीं, तो यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि यह अवैध होटल, गेस्ट हाउस जो छोटी-छोटी गलियों में बने हैं, दो दो चार-चार मरला प्लाट लेकर खड़े कर दिए गए हैं! यह बिना नगर निगम के अधिकारियों की जेब में मोटा माल गए तो नहीं बन सकते!

हैरानी की बात है आज तक किसी ने भी इस सारे मामले की कुछ स्तरीय विजिलेंस जांच नहीं करवाई क्योंकि पता है इसमें निगम वाले खुद ही फंस सकते हैं!

ऐसे ही एक अवैध होटल का जीता जागता सबूत डिविजनल कमिश्नर दफ्तर के बिल्कुल सामने वाली रोड पर देखने को मिल सकता है। जिसकी ना तो कोई पार्किंग है बल्कि यहां तो होटल बन ही नहीं सकता! सारे नियमों को छिक्के टाँगकर यहां होटल बना दिया गया। अब होटल की सारे वाहन सड़क पर खड़े होते हैं।

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आम लोगों की गाड़ियां टो करने वाले ट्रैफिक पुलिस की टो वैनों को भी यहां कुछ नजर नहीं आता। जो कि सीधे तौर पर भ्रष्टाचार का बोलबाला दर्शाता है।

आम आदमी पार्टी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करती है। ऐसे में सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि शहर के सभी होटलों, गेस्ट हाउसों और कमर्शियल भवनों का विशेष सर्वे कराया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी लोगों की जान से खिलवाड़ तो नहीं हो रहा।

यदि कोई प्रतिष्ठान नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है या उसके पास आवश्यक सुरक्षा प्रबंध नहीं हैं, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल सील किया जाना चाहिए। लोगों की सुरक्षा किसी भी व्यावसायिक हित से अधिक महत्वपूर्ण है।

हमारी मुहिम के तहत आने वाले दिनों में ऐसे प्रतिष्ठानों की पड़ताल की जाएगी और संबंधित विभागों से जवाब मांगा जाएगा कि आखिर शहर में सुरक्षा मानकों की वास्तविक स्थिति क्या है। प्रशासन को चाहिए कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय अभी से कार्रवाई करे, ताकि जालंधर में दिल्ली जैसा दर्दनाक हादसा कभी न दोहराया जाए।

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जनहित में अपील: होटल या गेस्ट हाउस में ठहरने से पहले यह जरूर देखें कि वहां आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा संबंधी अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं मौजूद हैं या नहीं। सुरक्षा के प्रति जागरूकता ही ऐसे हादसों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।

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Disclaimer:Buland Kesari receives the above news from social media. We do not officially confirm any news. If anyone has an objection to any news or wants to put his side in any news, then he can contact us on +91-98880-00404.

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