बुलंद केसरी/ जैसे-जैसे सरकार का कार्यकाल खत्म होने के दिन नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे पंजाब में शायद फंड इकट्ठा करने के चक्कर में लोगों की परेशानियां बढ़ाई जा रही हैं!
पंजाब भर में पुलिस नाकों की भरमार हो चुकी है। जगह-जगह पर पुलिस नाके लगाए जा रहे हैं और लोगों को भारी भरकम चालान काटकर परेशान किया जा रहा है। ऐसा ही कुछ जालंधर के पटेल चौक में देखने को मिला जहां साईं दास स्कूल के बाहर पुलिस का नाका लगा हुआ था। वहां पांच पुलिस कर्मचारी तैनात थे।
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लोगों के वाहनों के कागज चेक किया जा रहे थे, उनके चालान काटे जा रहे थे! परंतु वहीं दूसरी ओर यहां से कुछ कदमों की दूरी पर पटेल चौक चौराहे की ट्रैफिक लाइटें खराब थीं और कई घंटे लोग बिना ट्रैफिक लाइटों के अपनी मर्ज़ी से चौक पार करते दिखे।
चौक के एक तरफ सड़क टूटी हुई थी। शायद वहां गटर का ढक्कन बदल गया हो जिस कारण काफी पत्थर सड़क के बीच में ही पड़े थे। ना तो पुलिस का कोई ध्यान ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने की ओर था ना लोगों को किसी प्रकार की सुविधा देने की ओर! बंद ट्रैफिक लाइटों के कारण लोग परेशान होते दिखे पर एक भी पुलिस कर्मचारी चौक में खड़े होकर ट्रैफिक ड्यूटी निभाते नजर नहीं आया।
आखिर क्यों सारा ध्यान पुलिस का सिर्फ लोगों के चालान काटने की पर ही रहता है। जिस कारण आए दिन लोग परेशान हो रहे हैं। कई बार तो पुलिस का घेराव हुआ है , लोगों ने धरने भी लगाए हैं।
इससे सवाल यह पैदा होता है कि क्या पुलिस का काम लोगों को परेशान करना है या लोगों को सुविधा प्रदान करना? वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे खराब ट्रैफिक लाइटों के बिल्कुल पास पुलिस अपना नाका लगाकर खड़ी है पर एक भी कर्मचारी ट्रैफिक सिग्नल पर लोगों को मदद देने के लिए नहीं खड़ा।

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