Buland kesari ;- अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने अवैध आप्रवासियों को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया में न केवल असंख्य परिवारों को कर्जदार बना दिया, वहीं पर एक ऐसा मंगेतर जोड़ा जो जीवनभर के सपने सजाकर बामुश्किल वहां पहुंचा लेकिन जाते ही डिपोर्ट होकर अंधकार भविष्य में पहुंच गया।
इसी कड़ी में पीड़ित व्यथा भारत के डिपोर्ट होने वाले नागरिकों में शामिल आकाशदीप नामक पंजाब में भारत-पाकिस्तान सीमा के बसे राजाताल गांव के युवक की है। इस गांव के बाहरी इलाके में बने कुछ घरों में से एक मकान उसके परिवार का है। 23 साल का आकाशदीप तकरीबन 7 महीने पहले घर से निकला था। वह पहले दुबई गया और वहां से एजैंटों ने उसे डंकी रूट से अमेरिका पहुंचाया। अमृतसर की रहने वाली युवती जो शादी का सपना लेकर विदेश गई थी। उसके मंगेतर के पास पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया गया और डिपोर्ट कर दिया गया।
आकाशदीप के पिता ने जमीन बेची, अब कर्ज में डूबे
आकाशदीप के घर में मौजूद उसके पिता स्वर्ण सिंह ने बताया कि 5 लाख रुपए खर्च करके वह पहले दुबई गया। वहां उसने साढ़े 5 महीने तक अलग-अलग काम किए। इसके बाद उसने फोन करके बताया कि अब वह अमरीका जाना चाहता है। स्वर्ण सिंह कहते हैं कि उनके पास सिर्फ अढ़ाई किल्ले जमीन थी, इसमें से 6 कनाल जमीन बेच दी बाकी जमीन गिरवी रख लोन उठाया और मां के नाम लिमिट बनवाकर कुछ पैसा उठाया। किसी तरह 45 लाख रुपए का इंतजाम करके आकाशदीप को भेजा। अमरीका पहुंचने के 10 दिन बाद तक पता चला कि आकाशदीप को वहां की पुलिस ने कैंप में डाल दिया है। स्वर्ण सिंह परेशान हैं कि बैंक लोन का भुगतान कैसे करेंगे? जमीन से इतनी लोन की किस्तें चुकानी असंभव है।


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