Buland kesari/लुधियाना से मथुरा के वृंदावन गए श्रद्धालुओं की यमुना नदी में नाव पलटने से 10 लोगों की मौत हो गई। ज्यादातर लुधियाना के जगराओं और दुगरी इलाके से थे। हादसे में मारे गए श्रद्धालुओं के आखिरी पल का वीडियो भी सामने आया। श्रद्धालु हंसी-खुशी राधे-राधे नाम जप कर रहे हैं। ये वीडियो उन्होंने ही बनाकर अपने रिश्तेदारों को भेजा था। सभी काफी खुश दिख रहे थे कि तभी नाव पलट गई।
लुधियाना के दुगरी की रहने वाली अंजू गुलाटी पति और तीन पड़ोसियों को लेकर अपने मायके परिवार के साथ वृंदावन गई थी। यमुना में किश्ती पलटने से अंजू गुलाटी, उसके पति राकेश गुलाटी व एक पड़ोसी मीनू बांसल की मौत हो गई जबकि रजिंदर कौर घायल हो गई। दुगरी से करीब आठ से दस लोग गए थे।
अंजू गुलाटी अपने पति, पड़ोसी व मायके वालों के साथ जब किश्ती पर बैठी तो उसने अपनी देवरानी सुमन को फोन किया और कहा कि भजन करते हुए यमुना पार कर रहे हैं, मजा आ रहा। माथा टेकने के बाद बात करूंगी।
वहीं, मोगा का हंस परिवार अपने रिश्तेदारों के साथ जगराओं से वृंदावन घूमने गया था। परिवार के सदस्यों ने बताया कि 8 अप्रैल को ही सपना हंस और अनिल हंस की एनिवर्सरी थी और दो दिन बाद सपना की यमुना में डूबने से मौत हो गई।
जगराओं के कृष्ण कटारिया ने बताया ईशान कटारिया उनका इकलौता पोता था। उसके लिए लड़की ढूंढ रहे थे। उसे दूल्हा बने देखने की तमन्ना थी लेकिन अब लाश देखनी पड़ेगी।
जगराओं के विनय शर्मा ने कहा कि मेरे दोस्त विजय बहल की पूरी दुनिया उजड़ गई। उसका बेटा, पत्नी, 2 बहनें, भाई-भाभी की इस हादसे में मौत हो गई। सिर्फ विजय और उसका एक बेटा बचा है।
बता दें कि जगराओं के श्री बांके बिहारी क्लब की तरफ से 2 बसों में 130 श्रद्धालुओं को ले जाया गया था। जिसमें से 90 जगराओं से और बाकी अन्य शहरों से थे। वृंदावन की 4 दिन की यात्रा थी। हादसे में 10 लोगों की जान चली गई। हालांकि, कुछ लोग थके होने के कारण धर्मशाला में रुक गए थे, जिससे उनकी जान बच गई।

सुमन गुलाटी ने बताया, जेठानी ने आखिरी कॉल में क्या कहा
- जेठानी के फोन के बाद नाव पलटने का कॉल आयाः सुमन गुलाटी ने कहा कि जेठानी के फोन के आधे घंटे बाद पड़ोसी रजिंदर कौर का फोन आ गया कि हमारी नाव पटल गई है। सभी के फोन पानी में गिर गए हैं। कई लोग डूब गए हैं। मैं किसी और से फोन लेकर बात कर रही हूं। उसका फोन भी कट गया। उसके बाद वो फोन ट्राई करते रहे लेकिन किसी का फोन नहीं मिला।
- कॉल आते ही परिवार के लोग वृंदावन पहुंचेः रजिंदर के फोन के बाद सभी परेशान हो गए और कुछ देर बाद सूचना मिली कि पंजाब के श्रद्धालुओं की नाव पलट गए। उसके बाद परिवार व अन्य लोग वृंदावन चले गया। बाद में सूचना मिली कि अंजू गुलाटी, राकेश गुलाटी व मीनू बांसल की मौत हो गई।
- कुछ लोगों का अभी पता नहीं चल रहाः बताया जा रहा है कि मीनू बंसल के साथ उसकी बेटी भी थी उसका अभी पता नहीं चल रहा है। हालांकि प्रशासन ने जो मिसिंग की लिस्ट भेजी है उसमें उनकी बेटी का नाम नहीं है। दुगरी की रहने वाली राधा का भी बाद में फोन आया कि वो अस्पताल में दाखिल है।
- भजन गाते का वीडियो भी भेजा: सुमन गुलाटी ने बताया कि किश्ती में बैठकर सभी लोग भजन गा रहे थे। उन्होंने वहां से उनको भजन गाते का वीडियो भी भेजा। सभी खूब आनंद कर रहे थे। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि कुछ आगे उनकी मौत खड़ी है। सुमन गुलाटी ने बताया कि जेठानी अंजू गुलाटी ने बताया कि उनके साथ के कुछ लोग पुल के रास्ते जा रहे हैं जबकि कुछ लोग नाव पर जा रहे हैं। यमुना जी में भजन करते हुए जाने में आनंद आ रहा है।

जत्थे के साथ गए रोहित ने बताई अहम बातें…
- कुछ मंदिरों में माथा टेकने गए कुछ आराम करते रहे: जगराओं से गए रोहित ने बताया कि सुबह जब बस वहां पहुंची तो पहले सभी ने कुछ मंदिरों के दर्शन किए। उसके बाद कुछ लोग धर्मशाला में आकर आराम करने लगे। जबकि कुछ मंदिरों में दर्शन करने के लिए चले गए। उन्होंने बताया कि जिस धर्मशाला में वो ठहरे थे, वहां पर काफी लोग रुक गए थे।
- हादसे की सूचना के बाद सभी दौड़े: रोहित ने बताया कि वो भी धर्मशाला में था। जब हादसे की सूचना मिली तो फोन करने लगे। किसी के फोन नहीं मिले। उसके बाद सभी दौड़कर यमुना की तरफ गए, ताकि हादसे में अपने लोगों का बचाव कर सकें और जो लोग इधर-उधर हो गए उनको ढूंढ सकें। लेकिन पुलिस ने हादसे के बाद यमुना की तरफ जाने वाला रास्ता बंद कर दिया। उन्हें आगे जाने नहीं दिया गया।
- सूचना मिली कि जगराओं के 10 लोग मर गए: रोहित ने बताया कि जब उन्हें सूचना मिली कि जगराओं से आए 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई तो वो घबरा गए। उन्होंने लोगों से पूछा कि हादसा कैसे हुआ। लोगों ने उन्हें बताया कि बोट पुल के एक पुराने पिलर से टकरा गई जिसकी वजह से यह हादसा हुआ।
- खबर फैली तो परिजनों के फोन आने लगे: रोहित ने बताया कि जब यह खबर चारों तरफ फैल गई तो यात्रा पर गए लोगों के परिजनों ने फोन करने शुरू कर दिए। नाव पर सवार ज्यादातर लोगों के मोबाइल पानी में गिर गए और बंद हो गए। जब उनके फोन नहीं मिले तो परिवार वालों ने अन्य लोगों को रोहित को फोन करना शुरू किया।
- शाम को पुलिस पहुंची धर्मशाला: रोहित कुमार ने बताया कि वो जिस धर्मशाला में ठहरे थे उसमें शाम को पुलिस आई और एक एक श्रद्धालु के बारे में जानकारी हासिल की। पुलिस ने उन्हें कहा कि वो अपनी धर्मशाला से बाहर न निकलें। वहीं, धर्मशाला में उनके पास भी उतनी ही जानकारी थी जितनी न्यूज के जरिए आ रही थी।
मोगा की महिला की 2 दिन पहले एनिवर्सरी थी
मोगा का हंस परिवार अपने रिश्तेदारों के साथ 9 अप्रैल को जगराओं से वृंदावन घूमने गया था। वे 10 अप्रैल को दोपहर 12 बजे वृंदावन पहुंचे थे। परिवार के सदस्यों ने बताया कि 8 अप्रैल को ही सपना हंस और अनिल हंस की एनिवर्सरी थी।
इस खुशी के दो दिन बाद ही यह हादसा हो गया। हादसे का शिकार बनी नाव में सवार सपना हंस की मौत हो गई। रीमा हंस और सरोज रानी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दूसरी नाव में सवार अनिल हंस और नेहा हंस पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

इकलौते पोते को दूल्हा बना देखना था, अब लाश देखनी पड़ेगी जगराओं के कृष्ण कटारिया ने बताया ईशान कटारिया उनका इकलौता पोता था। ईशान ने अपनी पढ़ाई पूरी कर दी थी और अब वो बैंक की नौकरी की तैयारी कर रहा था। उन्होंने बताया कि उनका करियाने का होल-सेल का काम है। ईशान भी फिलहाल दुकान में ही रहता था। अब परिवार उसकी शादी करने के लिए लड़की ढूंढ रहा था।
दादा का कहना है कि इकलौते पोते की शादी देखनी थी और अब उसका शव देखना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि वृंदावन जाने को लेकर हमेशा बेहद उत्साहित रहता था। जाकर उसने फोन करके कहा कि वो पहुंच गया और अब मंदिरों में माथा टेक रहे हैं। शाम को उसके दोस्त का फोन आया कि ईशान की नाव पलट गई है और उसकी मौत हो गई।

विजय की दुनिया उजड़ी, पूरा परिवार खत्म विनय कुमार शर्मा ने बताया कि उनके दोस्त विजय बहल की दुनिया ही उजड़ गई। उनका कहना है कि विजय उनका बचपन का दोस्त है। इस हादसे में विजय का बेटा मधुर बहल, पत्नी कविता बहल, बहन आशा, दूसरी बहन अंजू गुलाटी, भाई चरणजीत और भाई की पत्नी पिंकी बहल की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि विजय व उसका एक बेटा बच गए हैं। विजय भी इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुआ है।

बोट ओवर लोड थी, लाइफ जैकेट नहीं थी जगराओं के श्रद्धालु विनय ने रोते हुए कहा कि मैंने अपना दोस्त खोया है। उसकी मां को खोया है। मेरे दोस्त की मां मेरी मां जैसी थी। उसका कहना है कि बोट ओवर लोड थी। बोट पर 37 लोग सवार थे। किसी को भी लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी।
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लुधियाना के जगराओं से मथुरा के वृंदावन गए श्रद्धालुओं की नाव यमुना नदी में पलट गई। इसमें 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मरने वालों में एक ही परिवार के 7 सदस्य थे। जिनमें इनमें मां-बेटे, चाचा-चाची और बुआ-फूफा शामिल थे। ये सभी शुक्रवार सुबह ही वृंदावन पहुंचे थे।

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