Buland kesari/कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत पार्टी छोड़ चुके नेताओं की वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के हालिया बयान के बाद कैप्टन की कांग्रेस में वापसी की अटकलें और बढ़ गई हैं।
इस बीच कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बयान ने भी इन चर्चाओं को हवा दी है। वड़िंग ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और भूपेंद्र सिंह हुड्डा दोनों मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उनके बीच अच्छे संबंध हैं। दोनों पुराने मित्र हैं और लंबे समय तक साथ काम कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि संभव है दोनों के बीच बातचीत हुई हो, लेकिन उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।
वहीं, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को राज्यसभा के लिए दोबारा नामित नहीं किए जाने पर राजा वड़िंग ने दावा किया कि भाजपा में बिट्टू का राजनीतिक भविष्य कमजोर पड़ गया है। इसी कारण भाजपा ने उन्हें राज्यसभा के लिए दोबारा मौका नहीं दिया।
इसके अलावा राजा वड़िंग ने कहा कि रवनीत सिंह बिट्टू और सुनील जाखड़ को लेकर कहा कि BJP उन्हें भी जल्द EX (पूर्व) कर दिया है। क्योकिं ये काम नहीं कर पाए। ये सिर्फ कमरे में बैठकर बयान देने वाले नेता हैं।
वड़िंग ने कैप्टन, बिट्टू औ जाखड़ को लेकर कही ये बातें…
- भाजपा ने जाखड़-बिट्टू को जल्द EX कर दिया: पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भाजपा के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर कटाक्ष किया। वडिंग ने कहा कि जब ये काम नहीं कर पाए तो भाजपा ने इन्हें जल्दी EX कर दिया।
- वड़िंग ने कहा कि सुनील जाखड़ व बिट्टू अब भाजपा के लिए लाइबिलिटीज बन गए हैं। कांग्रेस में उनकी वापसी पर राजा वड़िंग ने कहा कि देश की पॉलिटिक्स में कुछ भी संभव है। लेकिन राहुल गांधी 25-30 सालों में सभी लोगों के मन व दिमाग पढ़ चुके हैं। अब कौन और कैसे पार्टी में वापस आना चाहते हैं, वो सब जानते हैं।
- भाजपा में परफॉर्म नहीं कर पाए जाखड़-बिट्टू: राजा वड़िंग ने कहा कि सुनील जाखड़ और रवनीत बिट्टू को राज्यसभा में न भेजना भाजपा का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि दोनों नॉन परफॉर्मर हैं, इसलिए पार्टी ने दोनों को उनके पदों से हटाने का फैसला लिया।
- सिर्फ कमरे में बैठकर बयान देने वाले नेता: वडिंग ने कहा कि जाखड़ न कांग्रेस में दफ्तर से बाहर निकले और न ही भाजपा में। वो सिर्फ कमरे में बैठकर बयान देने वाले नेता हैं। इसीलिए भाजपा ने उन्हें प्रधान पद से हटा दिया। इसी तरह रवनीत सिंह बिट्टू भी हैं। वो भी सिर्फ बयानबाजी करते हैं। केंद्र में मंत्री रहते हुए ठोस प्रदर्शन नहीं कर पाए तो पार्टी ने उन्हें मंत्री पद से हटाने की तैयारी कर दी।
- केंद्रीय मंत्री रहते हुए लड़ते विधायक का चुनाव: राजा वड़िंग ने कहा कि भाजपा रवनीत सिंह बिट्टू से अब पीछा छुड़ाना चाहती है, इसलिए उन्हें राज्यसभा में नहीं भेजा। उन्होंने कहा कि बिट्टू अगर विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं, तो केंद्रीय मंत्री रहते हुए भी लड़ सकते थे। पहले भी कई केंद्रीय मंत्री एमएलए का चुनाव लड़ते रहे हैं। उन्होंने कहा कि रवनीत बिट्टू आ जाएं जहां से भी चुनाव लड़ना है लड़ें। आनंदपुर साहिब के लोग तो उन्हें पहले ही नकार चुके हैं, इसीलिए यहां की सीट छोड़कर लुधियाना गए। लुधियाना में भी लोग उन्हें हरा चुके हैं।
- कैप्टन-हुड्डा दोस्त हैं, क्या बात हुई नहीं पता: रजा वड़िंग ने कैप्टन की घर वापसी को लेकर पूछे सवाल के जवाब में कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा कांग्रेस के सीनियर नेता हैं और वो CM रहे हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह और वो अच्छे दोस्त हैं। दोनों मुख्यमंत्री रहे तो दोनों की आपस में नजदीकियां हैं। कैप्टन साहब के साथ उनकी क्या बात हुई इस बारे में उन्हें नहीं पता।
वित्त मंत्री चीमा ने कही ये 3 अहम बातें:
- रवनीत बिट्टू का भाजपा में राजनीतिक भविष्य खत्म: चीमा ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की पहली राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम न होना यह साफ करता है कि उन्हें पूरी तरह किनारे कर दिया गया है। लंबे समय तक कांग्रेस में रहने के बाद भाजपा में गए बिट्टू को कुछ समय के लिए मंत्री तो बनाया गया, लेकिन अब भाजपा में उनका राजनीतिक भविष्य समाप्त हो चुका है।
- कैप्टन अमरिंदर सिंह का भाजपा में राजनीतिक अध्याय समाप्त: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर चीमा ने कहा कि वह पंजाब की राजनीति का बहुत बड़ा नाम रहे हैं, लेकिन भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी जो स्थिति हुई है, वह पहले कभी नहीं देखी गई। भाजपा में अब उनका भी राजनीतिक अध्याय लगभग खत्म हो चुका है।
- ‘इस्तेमाल करो और हाशिए पर डालो’ की भाजपा नीति: चीमा ने भाजपा की कार्यप्रणाली पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि दूसरी पार्टियों से भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं की शुरुआत में तो बहुत सराहना (तारीफ) की जाती है, लेकिन कुछ समय बीतने के बाद उन्हें धीरे-धीरे हाशिए पर (साइडलाइन) डाल दिया जाता है। कैप्टन और बिट्टू इसके ताजा उदाहरण हैं।

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