नकोदर (नूरमहल) में मोटरसाइकिल और टिपर की टक्कर में जान गंवाने वाले कमलजीत सिंह का आज अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक के परिवार और विभिन्न संगठनों ने एसडीएम फिल्लौर दीपक भाटिया के माध्यम से डिप्टी कमिश्नर जालंधर को एक मांग पत्र सौंपा है। मेओवाल गांव निवासी कमलजीत सिंह पुत्र अमरीक सिंह की मौत एक सड़क हादसे में हुई थी।
बिलगा पुलिस की कथित ढीली कार्रवाई के खिलाफ परिवार और संगठनों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था। प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। मांग पत्र में पीड़ित परिवार के लिए 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की गई है।
किसान संगठनों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए
इसके अतिरिक्त, बिलगा, मेओवाल और आसपास के क्षेत्रों में चल रही अवैध माइनिंग को तुरंत रोकने तथा अवैध माइनिंग करने वालों को पकड़ने के लिए मेओवाल में एक विशेष पुलिस नाका स्थापित करने की भी मांग की गई है। इस अवसर पर स्थानीय गणमान्यों और किसान संगठनों के नेताओं ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि पुलिस केवल छोटे वाहनों के चालान काटने तक सीमित है, जबकि बिना नंबर प्लेट, प्रेशर हॉर्न लगे और ओवर स्पीड व ओवरलोड भारी वाहन खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं, जिनके कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिवार की सहमति से कमलजीत सिंह के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया था, जिसके बाद पुलिस ने शव वारिसों को सौंप दिया।
आज धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर तरसेम रूपाना, जरनैल फिल्लौर, गुरनाम तगर, सरपंच बीबी गेजो, अमरीक सिंह, राजपाल सिंह अटवाल, राजिंदर संधू फिल्लौर, नवदीप सिंह (ब्लॉक समिति सदस्य, मेन साहिब), मास्टर हंसराज, हंसराज पबवान, शहर के निवासी, विभिन्न संगठनों के नेता और बड़ी संख्या में रिश्तेदार मौजूद थे।

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