₹6,000 करोड़ के सट्टेबाजी रैकेट में बड़ा खुलासा होने की उम्मीद; महादेव ऐप के सह-संस्थापक रवि उप्पल की तलाश में जुटी भारतीय एजेंसियां
Buland Kesari/ Mahadev App bating Racket: नई दिल्ली/रायपुर: महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में भारतीय जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। ओमान से कथित मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को भारत लाने के बाद अब एजेंसियां दुबई से ऐप के सह-संस्थापक रवि उप्पल के प्रत्यर्पण के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, रवि उप्पल के दोबारा दुबई पहुंचने की जानकारी मिली है। भारतीय एजेंसियां जल्द से जल्द उसे भारत लाने के प्रयास कर रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ₹6,000 करोड़ के कथित सट्टेबाजी रैकेट की जांच कर रहा है, जिसमें उप्पल समेत 116 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
हवाला नेटवर्क और राजनीतिक संपर्कों में उप्पल की भूमिका
ED के अधिकारियों के अनुसार, सौरभ चंद्राकर ऐप के प्रचार और संचालन का काम संभालता था, जबकि रवि उप्पल कथित तौर पर करोड़ों रुपये के हवाला लेनदेन और छत्तीसगढ़ के नेताओं से संपर्क बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता था।
जांच अधिकारियों का मानना है कि चंद्राकर और उप्पल दोनों की गिरफ्तारी से पूरे नेटवर्क, कथित साजिश और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
एजेंसियां दुबई में मौजूद एक अन्य आरोपी विकास छपरिया को भी भारत लाने की कोशिश कर रही हैं।
2023 में जारी हुआ था इंटरपोल रेड नोटिस
रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर वर्ष 2019 में भारत छोड़कर दुबई चले गए थे। उप्पल के खिलाफ अक्टूबर 2023 में इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद दिसंबर 2023 में उसे दुबई में हिरासत में लिया गया था।
जनवरी 2024 में ED ने UAE को उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध भेजा था, लेकिन अधिकारियों के अनुसार, उप्पल लगभग 45 दिनों के भीतर हिरासत से रिहा हो गया था।
पिछले वर्ष नवंबर में उप्पल के UAE छोड़कर किसी अज्ञात स्थान पर जाने की खबरें सामने आई थीं। भारतीय एजेंसियों को उसके वानुआतु में रहने की जानकारी भी मिली थी, जहां का पासपोर्ट उसके पास होने की बात कही गई थी।
ओमान से सौरभ चंद्राकर को भारत लाया गया
रविवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों ने ओमान से सौरभ चंद्राकर का प्रत्यर्पण सफलतापूर्वक हासिल किया।
CBI के मुताबिक, इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर चंद्राकर का पता मस्कट में लगाया गया था। जून के अंतिम सप्ताह में ओमान की रॉयल पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था।
CBI की विशेष टीम उसे भारत लेकर आई है। उसे रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। ED भी जल्द उसकी हिरासत लेने की तैयारी में है।
नेताओं और अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप
ED ने अब तक दाखिल छह आरोपपत्रों में दावा किया है कि महादेव ऐप के प्रमोटरों ने छत्तीसगढ़ के नेताओं और नौकरशाहों को कथित तौर पर रिश्वत दी थी।
इन आरोपों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी शामिल है। हालांकि, बघेल ने अपने खिलाफ लगे आरोपों और मामले में अपनी भूमिका से लगातार इनकार किया है।
ED का आरोप है कि छत्तीसगढ़ में स्थानीय पुलिस, नेताओं और अधिकारियों की कथित मिलीभगत से सट्टेबाजी नेटवर्क संचालित किया जा रहा था तथा कुछ राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों को अवैध भुगतान किया गया।
प्रतिबंध के बावजूद जारी है सट्टेबाजी का कारोबार
अधिकारियों के मुताबिक, सरकार द्वारा महादेव ऐप से जुड़े कई प्लेटफॉर्म और ऐप पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद देश के विभिन्न हिस्सों में कथित अवैध सट्टेबाजी का कारोबार जारी है।
रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के बाद इस पूरे नेटवर्क, हवाला कारोबार और कथित राजनीतिक संरक्षण से जुड़े कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
(नोट: मामले में लगाए गए आरोप जांच एजेंसियों के दावे हैं। आरोपियों की दोषसिद्धि अदालत में साबित होना बाकी है।)

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