Buland kesari/लुधियाना जिले में IPL सट्टेबाजी रैकेट मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। बता दे कि इस मामले के मुख्य आरोपी दिनेश छाबड़ा और उसके साथी महेंद्र सिंह राजा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खन्ना के एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने पुष्टि की है कि इस केस में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं।
यह नया मोड़ तब आया जब सिविल अस्पताल खन्ना में दोनों आरोपियों का डोप टेस्ट पॉजिटिव पाया गया। जांच में पुष्टि हुई है कि दोनों नशीले पदार्थों का सेवन करते थे। इसी रिपोर्ट के आधार पर खन्ना पुलिस ने मामले में एनडीपीएस एक्ट की धाराएं जोड़ी हैं, जिससे उन पर लगे आरोप और गंभीर हो गए हैं।

आरोपियों के व्यवहार को देखकर कराया डोप टेस्ट
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ये नशीले पदार्थ कहां से और कितनी मात्रा में प्राप्त करते थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान आरोपियों के व्यवहार और गतिविधियों को देखते हुए डोप टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया था।
नशे के कारोबार से संबंध की जांच
मेडिकल जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद, जांच एजेंसियों को अब संदेह है कि इस सट्टेबाजी नेटवर्क का संबंध नशे के कारोबार से भी हो सकता है। पुलिस अब इस पहलू से भी गहन जांच कर रही है कि क्या सट्टेबाजी से अर्जित धन का उपयोग नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त के लिए किया जा रहा था।
इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना
वहीं आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ED) को पहले ही इस मामले की जानकारी भेजी जा चुकी है। यदि मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो आरोपियों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों द्वारा भी कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
आरोपियों को जमानत मिलना मुश्किल
बता दे कि खन्ना पुलिस की लगातार कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की तैयारी की जा रही है। डोप टेस्ट पॉजिटिव आने और एनडीपीएस एक्ट जुड़ने के बाद, आरोपियों की जमानत मिलना अब और भी मुश्किल हो सकता है, और उन पर कानूनी शिकंजा कसने की संभावना है।
साइबर थाना पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा
बता दे कि खन्ना में 12 अप्रैल को साइबर थाना पुलिस ने आईपीएल सट्टेबाजी रैकेट का पर्दाफाश किया था। इस कार्रवाई में पुलिस ने सट्टा किंग दिनेश छाबड़ा, उसके भाई करण छाबड़ा, महेंद्र सिंह राजा और नरेश कुमार बंटी को गिरफ्तार किया था।
कैश, मोबाइल, और लैपटॉप बरामद
मौके से 44 हजार रुपए नकद, 11 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद हुआ था। जांच में सामने आया कि यह गिरोह खन्ना से बैठकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक सट्टेबाजी नेटवर्क चला रहा था। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों में जमा करीब 42 लाख रुपये भी फ्रीज करवाए हैं और मामले की जानकारी ईडी को भेज दी गई है, जिससे आने वाले समय में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच भी तेज हो सकती है।

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